Betul Ki Khabar: रात के अंधेरे में चौपट हो रहा बच्चों का भविष्य

आजादी के 79 साल बाद भी ग्राम घोघरा में नहीं पहुंची बिजली
Betul Ki Khabar: बैतूल। डिजिटल युग में जहां देश चांद और मंगल की बात कर रहा है, वहीं बैतूल जिले के कुछ गांव आज भी अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं। ऐसा ही एक उदाहरण है ग्राम पंचायत रामपुर के अंतर्गत आने वाला ग्राम घोघरा, जहां आजादी के पूरे 79 वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक बिजली नहीं पहुंच पाई है। बिजली के अभाव में जहां एक ओर बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण सांप, बिच्छू और जंगली जानवरों के डर के साए में रात गुजारने को मजबूर हैं। गांव की इस पीड़ा को लेकर ग्रामीण सोमवार को जनसुनवाई में पहुंचे और कलेक्टर से गांव में शीघ्र बिजली पहुंचाने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली न होने से सबसे अधिक नुकसान बच्चों के भविष्य को हो रहा है। बच्चे पढ़ना तो चाहते हैं, लेकिन रात में रोशनी के अभाव में उनकी पढ़ाई बाधित हो जाती है। कई छात्र मजबूरी में पढ़ाई छोड़ने की कगार पर पहुंच चुके हैं। रात होते ही गांव पूरी तरह अंधेरे में डूब जाता है। अंधेरे के कारण घरों में सांप-बिच्छू और अन्य जंगली जीवों का प्रवेश आम बात हो गई है, जिससे ग्रामीणों में हमेशा भय का माहौल बना रहता है।
महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि आगामी चुनाव से पहले हर हाल में गांव तक बिजली पहुंचाई जाए, क्योंकि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा प्राप्त करना हर नागरिक का अधिकार है। आजादी के 79 वर्ष बाद भी किसी गांव का बिजली से वंचित रहना, स्वर्णिम भारत के दावों पर सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने तत्काल बिजली कंपनी के अधिकारियों से जानकारी ली और गांव का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन की इस पहल से जल्द ही गांव अंधेरे से बाहर आएगा।




