Betul Samachar: जांच के बीच एकलव्य शाहपुर में एसी-पलंग घोटाला!
Betul Samachar: AC-bed scam in Eklavya Shahpur amid investigation!

जांच समिति में घोटालों में शामिल अफसरों को शामिल करने पर उठ रहे कई सवाल, आम लोगों में आक्रोश
Betul Samachar: शाहपुर। एकलव्य आवासीय विद्यालय शाहपुर में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। एसी और पलंग खरीद को लेकर लाखों रुपए का घोटाला हुआ, लेकिन जांच समिति में उन्हीं अफसरों को शामिल कर दिया गया जिन पर पहले से गड़बड़ी और मिलीभगत के आरोप लगते रहे हैं। यही वजह है कि अब जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली और जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार प्राचार्य पंकज शरण ने जेम पोर्टल के जरिए रूस् ष्टशद्वश्चह्वह्लद्गह्म्, भोपाल से 3 एयर कंडीशनर खरीदे, लेकिन भुगतान मॉडर्न कंप्यूटर के नाम से 6 एसी का कर दिया गया। बिल की राशि रही 1,67,370। एक एसी प्राचार्य के दफ्तर में लगाया गया, दूसरा स्टाफ कार्यालय, तीसरा प्राचार्य के निजी किराए के मकान पर, दो एसी शाहपुर के अधिकारियों के घर पहुंचे। और छठवें एसी का अब तक कोई सुराग नहीं है।

पलंग घोटाला, 500 रुपए का पलंग 21 हजार में!
जनवरी 2025 में विद्यालय प्रबंधन ने 20 पलंगों का भुगतान 4,32,000 किया। जबकि जेम पोर्टल पर सरकारी दर 500 प्रति पलंग है। इसके बावजूद लक्ष्य ट्रेडिंग एजेंसी को 4.07 लाख अधिक भुगतान कर दिया गया। 16 सितंबर 2025 को हॉस्टल ग्राउंड में पलंग डिलीवरी दिखाकर रखे गए, लेकिन कुछ ही समय बाद वे अचानक गायब हो गए।
जांच समिति पर उठे सवाल
कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने प्राचार्य पंकज शरण को हटाने के बाद जांच समिति बनाई। इसमें सहायक आयुक्त विवेक पांडे, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गुलाब राव, सुनील कुमार जैन और शाहपुर एसडीएम प्रपंज आर को शामिल किया गया। सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान बिलों की लीपा-पोती की गई और ठेकेदारों व अफसरों को बचा लिया गया। खुद जांच अधिकारी और अधीक्षक भी कार्रवाई से बाहर कर दिए गए।
कमीशनखोरी का स्तर 50-90 प्रतिशत तक!
इधर पूर्व बीईओ ने जांच प्रक्रिया पर नाराजगी जताई है। उन्होंने साफ कहा कि पूरा खेल कमीशनखोरी का है। सूत्रों का दावा है कि इस घोटाले में कमीशनखोरी का स्तर 50 से 90 फीसदी तक पहुंचा। इतना ही नहीं, शाहपुर के एक व्यापारी के दबाव में जांच की दिशा ही बदल दी गई। इन खुलासों के बाद स्थानीय लोग गुस्से में हैं। लोगों का कहना है कि जब जांच समिति में पहले से विवादित अफसर होंगे, तो निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कैसे की जा सकती है। जनता को आशंका है कि अब संबंधित अधिकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर मामले को दबाने और सामान गायब करने की कोशिश कर सकते हैं।
इनका कहना…
एकलव्य आवासयी विद्यालय मामले में दिल्ली और भोपाल की टीम जांच करके गई है। स्थानीय स्तर पर भी जांच चल रही है। वैसे दिल्ली-भोपाल से आई जांच टीम की रिपोर्ट पर ही कार्रवाई होना है। जो भी निर्देश मिलेंगे, मीडिया को अवगत कराया जाएगा।
विवेक पांडे, सहायक आयुक्त, बैतूल




