Betul Accident News: मौत का हाइवे: एक वर्ष में 925 हादसों में 352 की गई जान

Betul Accident News: Highway of death: 352 lives lost in 925 accidents in one year

1257 लोग हुए हादसे का शिकार, सबसे अधिक शाहपुर-मुलताई के बीच एप्रोज रोड बनी ब्लैक स्पाट
▪️सत्येंद्र सिंह परिहार

Betul Accident News: बैतूल। हाल ही में यातायात पुलिस द्वारा जिले भर से एकत्रित किए गए सड़क हादसों का डेटा चौकाने वाला है। तमाम कवायदों और जागरूकता अभियान के बावजूद एक साल के भीतर ही हादसों का आंकड़ा हजार की संख्या के आसपास है। वैसे तो जिले के सभी क्षेत्रों में सड़क हादसे हुए, लेकिन सबसे ज्यादा हादसे भोपाल, नागपुर हाइवे नम्बर 47- ए पर दर्ज किए गए हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि महज एक साल में ही इन हादसों में करीब 3 सैकड़ा से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। घायलों की संख्या भी हजारों में दर्ज की गई है।

यातायात पुलिस के यह आंकड़े साफ इशारा कर रहे हैं कि लोगों में जागरूकता की कमी, लापरवाही और तेज रफ्तार ने कई परिवारों को मातम मनाने का दुखद अवसर प्रदान किया है। जरा सी लापरवाही के चलते लोग वीभत्स घटनाओं का शिकार होने से बच सकें यही वजह है कि सांझवीर टाईम्स का यह प्रयास है कि इस खबर के जरिए कम से कम लोग अपनी कीमती सांसों और अपने परिवार के प्रति थोड़ी तो सतर्कता बरतें।

925 घटनाओं में 1257 हादसे का शिकार, 352 ने गंवाई जान

यातायात पुलिस द्वारा एकत्रित किए गए आंकड़ों पर नजर डालें तो यह आंकड़े काफी चौकानें वाले होने के साथ सतर्क और सावधानी बरतने का भी संदेश दे रहा है। वर्ष 2024 के जनवरी माह से लेकर दिसंबर के आखरी माह तक जिले में कुल 925 सड़क हादसे हुए हैं। इन हादसों में 352 लोगों को मौत के मुहं में जाना पड़ा है। 29 लोग ऐसे हैं जिन्हें गम्भीर रूप से घायल होकर अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़े हैं। बताया जा रहा है कि गम्भीर रूप से घायल हुए कई ऐसे भी है, जिनकी जान तो बच गई, लेकिन उन्हें आजीवन अपंगता झेलनी पड़ रही है। कुछ किस्मत वाले ऐसे भी हैं। जिन्हें मामूली चोटें आई ऐसे लोगों की संख्या 911 है। पूरे साल भर में हुए सड़क हादसों में 1257 लोग लापरवाही और सजगता की कमी के चलते सड़क हादसों का शिकार हुए हैं।

1 माह में ही 98 हादसों में 38 की हो गयी मौत

सड़क हादसों के लिए वर्ष 2025 का प्रथम माह जनवरी बुरी खबर लेकर आया। जारी आंकड़ों पर नजर डाले तो 1 जनवरी से 31 जनवरी 2025 के बिचब जिले में कुल 98 सड़क हादसे हुए है। इनमें 38 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। 4 गंभीर रूप से घायल हुए तो वहीं 118 लोगों को मामूली चोटें आई। इस तरह से सिर्फ जनवरी माह में ही 160 लोग सड़क हादसों का शिकार हुए हैं।

60 प्रतिशत घटनाएं केवल नेशनल हाइवे 47 ए पर

इन आंकड़ों पर नजर डालें तो यह तो पूरी तरह साफ है कि यातायात पुलिस द्वारा सड़क हादसों के प्रति लोगों को जागरूक करने का ज्यादा असर लोगों पर दिखाई नहीं पड़ रहा है। यातायात थाना प्रभारी गजेंद्र केन बताते हैं कि सबसे ज्यादा करीब 60 प्रतिशत सड़क हादसे नेशनल हाइवे 47-ए पर घटित हुए हैं। शाहपुर, पाढर,कोतवाली, बैतूल बाजार, साईंखेड़ा और मुलताई थाना क्षेत्र से ही नेशनल हाइवे 47 ए गुजरता है। वर्ष भर इन थाना क्षेत्रों से जो आंकड़े प्राप्त हुए हैं, उसके मुताबिक सबसे ज्यादा सड़क हादसे इसी हाइवे पर हुए हैं। माना जा सकता है कि जिले में हुए कुल सड़क हादसों के मुकाबले अकेले हाइवे पर ही 60 प्रतिशत हादसे घटित हुए हैं।

तेज रफ्तार, और एप्रोच रोड क्रॉसिंग में लापरवाही जिम्मेदार

सड़क हादसों की संख्या को देखते हुए सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसके पीछे वाहन चालक ज्यादा जिम्मेदार हैं। तेज रफ्तार के साथ हाइवे पर बनी एप्रोच रोड का सही इस्तेमाल न होना ही हादसों के लिए जिम्मेदार है। यातायात थाना प्रभारी का कहना है कि हाइवे पर स्तिथ ग्रामों को हाइवे से जोड़ने के लिए बनाई गई एप्रोच रोड्स पर ज्यादा घटनाएं घटित हुई हैं। एप्रोच रोड से होते हुए तेज रफ्तार वाहन सीधे हाइवे पर पहुंचते हैं।

चालक को यह पता नहीं होता कि हाइवे पर कोई भी तेज रफ्तार वाहन उनसे सीधे भिड़ सकता है। हाइवे पर चलने वाले किसी भी भारी या हल्के वाहन की रफ्तार 80 या 100 किलोमीटर प्रति घंटे की होती है। ऐसे में एप्रोच रोड से होकर कोई वाहन सीधा हाइवे पर आ जाए तो हाइवे पर चल रहे वाहन को कंट्रोल करना काफी मुश्किल हो जाता है और वाहन आपस मे टकरा जाते हैं। ऐसी कई घटना हैं जहां जरा सी लापरवाही लोगों की जान लेने के लिए काफी होती है। यदि यातायात और यातायात नियम का लोग अक्षरश: पालन करें तो काफी हद तक सड़क हादसों में कमी जरूर देखने को मिलेगी और हंसते खेलते परिवारों पर दुखों का पहाड़ भी टूटने से बच जाएगा।

इनका कहना…..

सड़क हादसों के आंकड़े चौकाने वाले हैं। यातायात पुलिस पूरे वर्ष भर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सतर्क भी करती है। स्कूलों तक मे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। लोगों को यातायात के नियमों के प्रति जागरूक होना ही पड़ेगा, तब ही हादसों में कमी आ सकती है।

गजेंद्र केन, थाना प्रभारी, यातायात बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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