Pollution in Betul: बैतूल में बढ़ता प्रदूषण स्तर, स्वास्थ्य के लिए बढ़ी चिंता

सांस और हृदय के मरीजों के लिए खतरा गहराया

Pollution in Betul: बैतूल। सतपुड़ा की स्वच्छ वादियों के बीच बसे बैतूल जिले में अब हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। हालात यह हैं कि जिले का प्रदूषण स्तर तेजी से बढ़ते हुए एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 200 के करीब पहुंच चुका है, जिसे मध्यम श्रेणी माना जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यदि प्रदूषण नियंत्रण के उपाय नहीं किए गए, तो यह स्तर जल्द ही खतरनाक श्रेणी में पहुंच सकता है। सांस, दमा और हृदय रोगियों के लिए यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक मानी जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बैतूल शहर तथा आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण बढ़ने के कई प्रमुख कारण सामने आ रहे हैं। सबसे बड़ी वजह अंधाधुंध पेड़ों की कटाई है। शहर में सड़क निर्माण, भवन निर्माण और अन्य विकास कार्यों के लिए बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए हैं। नई हरियाली विकसित करने के लिए पौधारोपण तो होता है, लेकिन उसकी देखरेख नहीं होने से पेड़ बड़े नहीं हो पाते और हरियाली लगातार कम हो रही है, जिसका सीधा असर वायु गुणवत्ता पर पड़ रहा है।

इसके अलावा शहर में बड़ी संख्या में पुराने, खटारा वाहन धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन वाहनों से निकलने वाला काला धुआं वायु प्रदूषण को सबसे अधिक बढ़ा रहा है। कई वाहनों में प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र तक नहीं होते, बावजूद इसके वे बिना रोक-टोक शहर में घूम रहे हैं। दूसरी ओर कुछ फैक्ट्रियों व औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला धुआं भी हवा को और ज्यादा दूषित कर रहा है।

दीपावली के बाद से शहर में पटाखों के धुएं और मौसम में बदलाव के कारण प्रदूषण स्तर और ज्यादा बढ़ गया है। आम नागरिकों का कहना है कि सुबह और शाम के समय हवा में धुंध और धुएं का मिश्रण साफ नजर आने लगा है। इससे लोगों को आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं।

इसके बावजूद जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से प्रदूषण कम करने के लिए कोई ठोस और प्रभावी कदम उठते दिखाई नहीं दे रहे। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में बैतूल में वायु प्रदूषण बड़े संकट का रूप ले सकता है। शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि वाहन चेकिंग, पौधों की देखरेख, औद्योगिक धुएं पर नियंत्रण और नियमित मॉनिटरिंग जैसी जरूरी कार्रवाइयां तुरंत शुरू की जाएं, ताकि बढ़ते प्रदूषण पर काबू पाया जा सके।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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