Betul Ki Khabar: हिल स्टेशन पंचमढ़ी से ज्यादा ठंडा बैतूल
Betul Ki Khabar: Betul is colder than hill station Panchmarhi

10.8 डिग्री पर पहुंचा तापमान, रात में कड़ाके की ठिठुरन
Betul Ki Khabar: बैतूल। उत्तर भारत के हिमाच्छादित पर्वतीय इलाकों से आ रही शुष्क और बर्फीली हवाओं का असर जिले में कड़ाके की ठंड को महसूस किया जाने लगा है। नवंबर की शुरुआत में ही बैतूल जिला कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गया है। आमतौर पर दिसंबर-जनवरी में जिस तरह के तापमान में गिरावट देखने को मिलती है, वैसी स्थिति अभी से बनने लगी है।
रविवार को बैतूल में न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री की गिरावट के साथ 10.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि इसी दौरान राज्य के लोकप्रिय हिल स्टेशन पंचमढ़ी का तापमान 15.0 डिग्री रहा। इस प्रकार बैतूल और पंचमढ़ी के तापमान में करीब 5 डिग्री का अंतर दर्ज किया गया। यह स्थिति मौसम विज्ञानियों के लिए भी उत्सुकता का विषय बनी हुई है, क्योंकि सामान्य तौर पर पंचमढ़ी में नवंबर से ही तेज सर्दी का दौर शुरू हो जाता है।
कपकपी वाली ठंड, अलाव का सहारा
जिले में सुबह और देर शाम तापमान तेजी से नीचे आने लगा है। शाम 5 बजे के बाद ही सर्द हवाओं का असर बढ़ने लगता है और रात में बिना गर्म कपड़ों के घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। बाजार क्षेत्रों, चौक-चौराहों और मोहल्लों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव करते दिख रहे हैं। मौसम का असर बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा देखा जा रहा है। लोग अब मोटे ऊनी कपड़े, टोपी, मफलर और दस्ताने पहनकर ही बाहर निकल रहे हैं। रात में तेजी से गिरते तापमान ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है। कई परिवार शाम के बाद बाहर निकलने से बच रहे हैं। रिक्शा चालकों, फेरीवालों और देर रात काम करने वालों के लिए यह मौसम असुविधाजनक बन गया है।
सुबह-सुबह धुंध की चादर
सुबह 7 से 8 बजे तक कोहरा और ठंडी हवा का संयुक्त असर देखने को मिल रहा है। इसके चलते सड़कों पर विजिबिलिटी कम होती है और वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ रहा है। हाईवे पर चलने वालें वाहनों की रफ्तार कोहरे ने धीमी कर दी है। आने वाले दिनों में और घना कोहरा पड़ने की संभावना जताई जा रही है। कोहरे के कारण दुर्घटना होने का भी खतरा बना रहेता है।
पिछले साल की तुलना में ज्यादा ठंड
पिछले वर्ष नवंबर माह के प्रथम सप्ताह में बहुत अधिक ठंड देखने को नहीं मिल रही थी। लेकिन इस बार कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। इसके मुकाबले इस बार ठंड ने समय से पहले दस्तक दे दी है। लोगों का कहना है कि इस साल सर्दी की शुरुआत ही डराने वाली है। किसानों के लिए भी यह ठंड मिश्रित प्रभाव लेकर आई है – जहां एक ओर सब्जियों की गुणवत्ता बेहतर होती है, वहीं तेज पाला फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकता है।




