Betul Ki Khabar: नपा की आरओ मशीने नहीं कर रही सही तरीके से काम

Betul Ki Khabar: RO machines of the Municipal Corporation are not working properly.

2 के सिक्के को भी समझती 1 का सिक्का, ग्राहक परेशान

Betul Ki Khabar: बैतूल। नगर पालिका द्वारा शहरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जीवन जल धारा योजना के तहत नगर में कई स्थानों पर आरओ मशीनें लगाई गई हैं। उद्देश्य यह था कि नागरिकों को बेहद कम कीमत पर शुद्ध पेयजल मिल सके और उन्हें बाजार के महंगे बॉटल वाले पानी पर निर्भर न रहना पड़े, लेकिन नगर पालिका की यह सुविधा इन दिनों उपभोक्ताओं की परेशानी का कारण बन गई है। कारण है आरओ मशीनों का तकनीकी खराब होना, जिससे उपभोक्ताओं को सीधे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

मशीनों में सबसे बड़ी तकनीकी समस्या यह सामने आ रही है कि वे सिक्कों की पहचान सही तरीके से नहीं कर पा रहीं। उपभोक्ताओं ने बताया कि मशीन में यदि 1 रुपए का सिक्का डाला जाए, तो एक लीटर पानी मिलता है, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि 2 रुपए का सिक्का डालने पर भी केवल 1 लीटर पानी ही निकलता है। यानी ग्राहक को सीधे एक रुपए का नुकसान होता है। यही स्थिति 5 के सिक्के में भी देखने को मिल रही है। खासकर नए 5 रुपए के सिक्कों को मशीन 1 रुपए का सिक्का मान लेती है और केवल एक लीटर पानी देती है, जबकि पुराने 5 रुपए के सिक्कों को मशीन सही ढंग से पहचान रही है। नियम के अनुसार मशीनों से 1 रुपए में 1 लीटर और 5 रुपए में 7 लीटर पानी मिलना चाहिए, लेकिन सिक्कों की पहचान में गड़बड़ी उपभोक्ताओं को लगातार नुकसान पहुँचा रही है।

अस्पताल क्षेत्र में बढ़ी परेशानी

जिला अस्पताल के सामने स्थापित आरओ मशीन से सबसे अधिक लोग पानी भरते हैं, क्योंकि यहां 24 घंटे मरीजों के परिजन और अन्य लोगों की आवाजाही बनी रहती है। इन्हीं लोगों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई लोग दिन में कई बार पानी लेते हैं और हर बार 2 रुपए डालने पर भी 1 लीटर ही पानी मिलता है। उपभोक्ताओं के अनुसार अगर रोजाना 5-6 बार पानी भरना पड़े, तो हर दिन 5-10 रुपये का अतिरिक्त नुकसान हो जाता है, जो एक माह में बड़ी राशि में बदल जाता है।

सेंसर खराबी मुख्य वजह

जानकारों का कहना है कि मशीनों के सिक्का सेंसर सही से काम नहीं कर रहे हैं। समय-समय पर मशीनों का मेंटेनेंस किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होने पर इस तरह की समस्या आना स्वाभाविक है। नगर पालिका के इंजीनियर इन मशीनों की नियमित जांच करते हैं या नहीं, यह भी बड़ा सवाल है। नपा द्वारा पानी लेने वालों के लिए चिल्लर की समस्या से निपटने के लिए कार्ड भी जारी किए गए हैं। इस कार्ड के माध्यम से 5 रूपए में 7 लीटर पानी मिलता है, जो उपभोक्ताओं के लिए लाभदायक है। हालांकि यह सुविधा उन लोगों के लिए ठीक है, जिन्हें एक बार में ज्यादा मात्रा में पानी चाहिए। लेकिन जो लोग केवल 1-2 लीटर पानी ही लेते हैं, उनके लिए यह कार्ड भी उपयोगी नहीं है। इसके अलावा कार्ड बनवाने पर 200 रुपए में केवल 150 रुपए का ही बैलेंस मिलता है।

इनका कहना…

यह समस्या अभी तक मेरे नॉलेज में नहीं थी। आपके माध्यम से जानकारी हुई है। मैं तुरंत संबंधित तकनीकी टीम को भेजकर सेंसर की खराबी ठीक करवाता हूं। जल्द ही समस्या का निराकरण किया जाएगा।

धीरेन्द्र राठौर, जल शाखा प्रभारी, नगर पालिका बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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