Betul Ki Khabar: शहर में बढ़ा श्वानों का आतंक : हर दिन 8 से 10 लोग बन रहे डॉग बाइट के शिकार
Betul Ki Khabar: Dog menace increases in the city: 8 to 10 people are becoming victims of dog bites every day.

नगर पालिका के पास नहीं ठोस प्लान, नागरिकों में बढ़ी दहशत
Betul Ki Khabar: बैतूल। शहर और आसपास के क्षेत्रों में लावारिश श्वानों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सड़कों और गलियों में घूमते कुत्ते अब लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुके हैं। हालात यह हैं कि जिला अस्पताल में रोजाना 8 से 10 लोग डॉग बाइट के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। इसके बावजूद नगर पालिका या प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
शहर के मुख्य बाजार से लेकर कॉलोनियों तक हर जगह श्वानों के झुंड दिखाई देते हैं। ये लावारिश कुत्ते राहगीरों पर हमला करने में देर नहीं करते। कई बार लोग खुद को बचाने के प्रयास में गिरकर घायल हो जाते हैं। बस स्टैंड और मुख्य बाजार क्षेत्रों में रात के समय इनका जमावड़ा आम हो गया है, जिससे अक्सर अफरा-तफरी की स्थिति बन जाती है।
बच्चों की सुरक्षा पर मंडराता खतरा
लोग अब बच्चों को अकेले बाहर भेजने से डरने लगे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बच्चों का स्कूल आना-जाना और घर के बाहर खेलना मुश्किल हो गया है। महिलाएं भी शाम के बाद अकेले घर से निकलने से कतराने लगी हैं। कई बार श्वानों के झुंड ने राह चलती महिलाओं पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया है। ग्रामीण इलाकों में भी स्थिति अलग नहीं है। कई गांवों में पागल कुत्तों ने मवेशियों को निशाना बनाया है। इन खतरनाक श्वानों को पकड़ने के लिए न तो प्रशिक्षित स्टाफ है और न ही आवश्यक उपकरण।
प्रशासनिक लापरवाही उजागर
नगर पालिका के पास श्वान नियंत्रण की कोई ठोस योजना नहीं है। न तो विशेष टीम है और न ही पशु चिकित्सा विभाग के पास पर्याप्त संसाधन। लोगों का कहना है कि अब वे खुद अपनी सुरक्षा के उपाय करने को मजबूर हैं। कई क्षेत्रों में लोग डंडे लेकर चलने लगे हैं ताकि हमले की स्थिति में खुद को बचा सकें।
जिला अस्पताल में बढ़ा दबाव
डॉग बाइट के मामलों में तेजी से इजाफा होने से जिला अस्पताल में भीड़ बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार, कई मरीज समय पर टीका न लगवाने से गंभीर संक्रमण की स्थिति में पहुंच जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, सबसे अधिक मामले बच्चों के हैं, जो खेलते समय अक्सर कुत्तों के संपर्क में आ जाते हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर में श्वानों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण पाने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।
इनका कहना…..
नगर पालिका के पास फिलहाल कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई एक्सपर्ट टीम नहीं है। चार बार निविदाएं निकाली गईं, लेकिन किसी ने आवेदन नहीं किया। जब भी कार्रवाई की जाती है, डॉग प्रेमी संगठन विरोध करने लगते हैं, जिससे दिक्कत बढ़ जाती है।
संतोष धनेलिया, स्वच्छता निरीक्षक, नपा बैतूल




