Betul News: चार माह से गायब वन विभाग का सरकारी वाहन, जांच हुई न सुराग मिला
Betul News: Forest department's government vehicle missing for four months, no investigation done, no clue found

भैंसदेही परिक्षेत्र कार्यालय से चोरी, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
Betul News: बैतूल। दक्षिण वनमण्डल के भंैसदेही वन परिक्षेत्र कार्यालय से चार माह पहले गायब हुआ वन विभाग का सरकारी बोलेरो वाहन आज तक नहीं मिल पाया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो यह वाहन चोरी हुआ था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि विभागीय स्तर पर जांच में कोई प्रगति नहीं हुई है, बल्कि चोरी की इस वारदात की कानो कान किसी को खबर तक नहीं लगने दी गई।
सरकारी वाहन चोरी का यह मामला सीधे वन विभाग के अधिकारियों को कटघरे में इसलिए भी खड़ा कर रहा है कि कार्यालय परिसर में खड़ा हरे रंग का बोलेरो वाहन चोरी हो गया और अधिकारियों ने अभी तक इसकी शिकायत सम्बन्धित पुलिस थाने तक में दर्ज कराना मुनासिब नहीं समझा । शिकायत दर्ज क्यों नहीं कराई गई? इस सवाल पर अब अधिकारी भी बचते नजर आ रहे हैं।
4 माह से वाहन गायब, चुप्पी साधे बैठे अधिकारी
सरकारी संपत्ति चोरी के इस मामले में विभाग की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। कार्यालय परिसर में खड़ा लाखों रुपए का वाहन चोरी चला गया। बावजूद इसके मामले को अब तक छिपाकर क्यों रखा गया? यह समझ से परे हैं। खास बात तो यह ह कि सरकारी चोरी के मामले में किसी भी कर्मचारी की जिम्मेदारी तक तय नहीं कि गई । सूत्र बताते हैं कि मामले को दबाकर इसलिए रखा गया है कि बोलेरो चोरी में विभाग के ही एक डिप्टी रेंजर और अन्य कर्मचारी पर शक की सुई घूम रही है। इन्हीं कर्मचारियों को बचाने के उद्देश्य से सरकारी वाहन चोरी की शिकायत थाने में दर्ज नहीं कराई गई।
चार माह से जांच तक पूरी नहीं कर पाई समिति
सरकारी मद से खरीदा गया हरे रंग का बोलेरो वाहन की खरीदी 2008 की बताई जा रही है। इस लिहाज से वाहन काफी पुराना बताया जा रहा है। भले ही वाहन पुराना हो चुका था, लेकिन चालू हालत में था। आखिर सरकारी संपत्ति गायब होने के बाद अधिकारी हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठे रहे? क्या उन्होंने इसकी जानकारी अपने उच्च अधिकारियों को दी थी? इस मामले की शिकायत थाने में दर्ज क्यों नहीं कराई गई? इस सवाल का जवाब अधिकारी भी नहीं दे पा रहे हैं। भैंसदेही एसडीओ दयानंद पांडेय का यह कहना कि वाहन चोरी गया है।
इसकी जांच करने के लिए विभागीय स्तर पर गठित समिति जांच कर रही है। समिति में 3 से 4 अधिकारियों का होना बताया जा रहा है, लेकिन जब उनसे यह पूछा गया कि पुलिस में शिकायत क्यों नहीं कि गई। इसका गोलमोल जवाब देकर उन्होंने पल्ला झाड़ने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि जांच समिति खुद भी चार महीने बीत जाने के बावजूद कोई खास नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। अधिकारियों का सिर्फ इतना कहना है कि मामले की जांच चल रही है । उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वाहन कब और किन हालातों में चोरी हुआ? या उस वक्त ड्यूटी पर कौन था।
सरकारी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
कुल मिलाकर यह घटना सरकारी परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रही है। वन विभाग जैसे संवेदनशील विभाग से वाहन चोरी होना और फिर महीनों तक किसी नतीजे पर न पहुंच पाना, वन्य प्राणियों, जंगलों व प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं पैदा कर रहा है। अब देखना यह होगा कि यह मामला और कितने समय तक यूं ही दबा रहेगा या जिम्मेदार विभाग पुलिस की मदद से मिलकर इसे सुलझा पाएंगे।
इनका कहना….
बोलेरो वाहन चोरी के मामले में समिति जांच कर रही है। पुलिस थाने में वाहन चोरी की शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। जांच प्रतिवेदन आने के बाद आगे कार्यवाही की जाएगी।
दयानंद पांडेय, एसडीओ दक्षिण वन मण्डल भैसदेही




