Betul News: नो-एंट्री जोन में बड़े वाहनों का धड़ल्ले से प्रवेश
Betul News: Rampant entry of large vehicles in no-entry zone

इंदौर में हुए हादसे से नहीं लिया सबक, यातायात पुलिस की आंखों के सामने से निकल रहे वाहन, खतरे में जान
Betul News: बैतूल। जिला मुख्यालय के व्यस्ततम क्षेत्रों में बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू है, लेकिन इसके बावजूद भी आए दिन भारी वाहन बेखौफ होकर नो-एंट्री जोन में प्रवेश कर रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस इस पर कोई ठोस कार्रवाई करने के बजाय केवल खानापूर्ति करती नजर आ रही है। स्थिति यह है कि सख्ती के अभाव में इंदौर जैसी घटना कभी भी बैतूल में दोहराई जा सकती है।
गौरतलब है कि हाल ही में इंदौर के नो-एंट्री जोन में एक तेज रफ्तार ट्रक घुस गया था, जिसने कई लोगों को कुचल डाला। इस भीषण हादसे में कई निर्दोष लोगों की जान चली गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की थी। इसके बावजूद बैतूल पुलिस ने इस हादसे से सबक नहीं लिया है। यहां के व्यस्ततम व्यवसायिक इलाकों में नो-एंट्री जोन घोषित होने के बावजूद ट्रक और बड़े वाहन बेरोकटोक आ-जा रहे हैं।
यातायात पर भारी दबाव
गंज और कोठीबाजार जैसे इलाकों में दिनभर यातायात का दबाव बना रहता है। इन क्षेत्रों में छोटे-बड़े वाहन, ऑटो और पैदल चलने वालों की संख्या अधिक रहती है। ऐसे में जब ट्रक और बड़े वाहन इन मार्गों में घुस आते हैं तो स्थिति और भी विकट हो जाती है। कई बार लोग घंटों तक जाम में फंसे रहते हैं। गंज क्षेत्र में रेलवे स्टेशन से लेकर मैक्नीक चौक तक, दिलबार चौक से रसोई रेस्टोरेंट तक और मस्जिद चौक से होटल आभाश्री तक आए दिन जाम लगता है। इसी तरह कोठीबाजार क्षेत्र में मुल्ला पेट्रोल पंप से लल्ली चौक, थाना चौक, सीमेंट रोड, गणेश चौक और कॉलेज रोड तक अक्सर जाम की स्थिति बनती है।
खतरे में आमजन की सुरक्षा
स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े वाहनों के प्रवेश से न सिर्फ ट्रैफिक बाधित होता है बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। अगर पुलिस समय रहते कड़ाई नहीं बरतती तो यहां भी इंदौर जैसी दर्दनाक घटना हो सकती है। व्यस्त सड़कों पर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है। लोगों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई के नाम पर केवल दिखावा कर रही है। नियम तोड़ने वाले वाहनों पर चालानी कार्रवाई तो कभी-कभार होती है, लेकिन यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।
पुलिसकर्मी दिनभर मुख्य चौराहों पर मौजूद रहते हैं, इसके बावजूद ट्रक और भारी वाहन खुलेआम घुस जाते हैं। इससे साफ है कि ट्रैफिक नियमों को गंभीरता से लागू करने में पुलिस नाकाम हो रही है। इस संबंध में जब यातायात प्रभारी गजेन्द्र केन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वे आईजी की बैठक मेें होने के कारण चर्चा नहीं कर सके।




