Politics: राजनीतिक हलचल: स्वागत होर्डिंग से फ़ोटो ग़ायब होने के क्या निकल रहे मायने?? पार्टी पदाधिकारियों की नियुक्ति पर क्या चल रहे चर्चे??? संगठन में बदलाव पर किसने मारा मौके पर चौका???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में……..

Politics: Political stir: What is the meaning of the photo disappearing from the welcome hoarding??

स्वागत होर्डिंग से गायब फोटो

विपक्षी पार्टी के एक जिला प्रमुख की नियुक्ति में शहर के कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर होर्डिंग लगाए गए। इसमें राजनैतिक विरोधियों की फोटो न होना समझ आता है, लेकिन उनके साथ चल रहे दो पूर्व माननीयों और मैनेजमेंट के लिए माहिर बड़बोले नेताओं की फोटो गायब कर दी गई। कहा जा रहा है कि मैनेजमेंट दिखाने वाले नेता ने संबंधित के जिला प्रमुख बनने के खेल की प्रमुख ्रधुरी रहे। होर्डिंग से बड़े नेताओं के नाम गायब करना बता रहा है कि अपने अलावा इन्हें कोई नहीं चलता। इसको लेकर चंद दिनों में ही आपसी मतभेद शुरू हो गए हैं।

नियुक्ति पर हायतौबा

हाल ही में सत्ता पक्ष में कुछ नए पदाधिकारियों की नियुक्तियां हुई है। इन नियुक्ति को लेकर खूब चर्चा हो रही है। एक सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र में सामान्य वर्ग के युवा नेता को जिम्मेदारी दी गई है। यहां पहले से एक अनार सौ बीमार जैसे हालात थे, लेकिन सामान्य वर्ग के नेता के हाथ मारने के बाद उस वर्ग के लिए सुरक्षित विस के अन्य नेता नाराज है। इसी तरह एक अन्य आरक्षित विस में उस वर्ग के बजाए दूसरे वर्ग की नेता को मंडल अध्यक्ष बनाया गया है। हालांकि यहां उस वर्ग का दमदार नेता नहीं मिल रहा था, इसलिए नियुक्ति करना मजबूरी है। यही वजह है कि नियुक्ति होने के बाद सत्तारूढ़ पार्टी में दबी जुबान से नाराजगी के स्वर उभर रहे हैं।

मौके पर मारा चौका

एक पार्टी में अध्यक्ष में बदलाव हुआ। वैसे यहां एक नहीं कई धड़े अलग-अलग होकर अपनों की ही उंगली करने से बाज नहीं आते हैं। कुछ नेताओं ने तो मौके पर चौका मारते हुए एक एफआईआर पर ज्ञापन देकर नए बॉस को खुश करने के लिए कसर नहीं छोड़ी। इनमें से एक नेता ऐसे भी है जो अब तक दूसरे गुट के साथ सक्रिय नजर आते थे, लेकिन राजनीति में बदलाव होते ही इन्होंने जबरदस्त चौका मारते हुए नए बॉस के साथ होना बेहतर समझा। इसके लिए खुद के हस्ताक्षर से कार्यक्रम भी जारी कर बता दिया कि वे बिन पैंदी के लोटे हैं, जिदर पावर रहेगा, उधर वे रहेंगे। यह नेता मुख्यालय से 18 किमी दूर एक प्रमुख अस्पताल वाले क्षेत्र में निवासरत बताए जाते हैं।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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