Betul Samachar: दो रैक आने के बावजूद खाद संकट : सोसायटियों में मुनाफाखोरी

Betul News: Fertilizer crisis despite two racks arriving: Profiteering in societies

कई जगह से दोगुने दामों पर यूरिया मिलने की शिकायत, अधिकारी बेखबर

Betul Samachar : बैतूल। जिले को लगातार खाद उपलब्ध हो रहा है, इसके बावजूद भी जिले में खाद की किल्लत बनी हुई है। खाद नहीं मिलने से किसान परेशान है। जिले को खाद उपलब्ध होना और किसानों को नहीं मिलना कहीं ना कहीं कालाबाजारी होने की संभावना जताई जा रही है। हाल ही में दामजीपुरा स्थित कृषि सेवा केन्द्र से 414 बोरिया अवैध यूरिया की बरामद हुई है। इसके पहले भी छापामार कार्रवाई के कारण जिले में खाद की कालाबाजारी सामने आई है। जवाबदार अधिकारी पर्याप्त मात्रा में खाद होने का राग अलाप रहे है, लेकिन हकीकत यह है कि किसान खाद के लिए परेशान हो रहा है। हाल ही में एक सप्ताह के भीतर यूरिया खाद की दो रैक बैतूल को उपलब्ध हुई है।

अधिकारियों का कहना है कि खाद को सोसायटियों में भेज दिया है। अब जिले में खाद की किल्लत नहीं है। सोसायटी प्रबंधक किसानों को खाद नहीं होने की बात कहकर वापस लौटा रहे है। इस बात से लगता है कि जिला विपणन विभाग, कृषि विभाग और समिति प्रबंधकों के बीच तालमेल नहीं बैठ रहा है। इन तीनों विभागों के बीच किसान पीसते जा रहा है। सेलगांव निवासी किसान देवेन्द्र पाल ने बताया कि सेलगांव और बारव्ही में एक पखवाड़े से यूरिया खाद नहीं है। निजी दुकानों पर भी खाद के लिए पहुंचे, लेकिन खाद नहीं मिल सका। किसान ने बताया कि धान और मक्के को यूरिया खाद की जरूरत है, लेकिन खाद ही नहीं मिल रहा है।

फसलों पर पड़ रहा विपरित प्रभाव

किसानों का कहना है कि खाद नहीं मिलने से इसका असर फसलों पर दिखाई देने लगा है। खाद नहीं देने से फसल की ग्रोथ नहीं हो रही। फूल-फल्लियां कम लगने से इसका असर उत्पादन पर भी देखने को मिलेगा। अभी सोयाबीन को तो खाद की जरूरत नहीं है, लेकिन धान और मक्के की फसल को यूरिया की जरूरत है। इस बार खरीफ फसल की बोवनी की शुरूआत से ही किसानों को खाद से जुझना पड़ रहा है।

नहीं थम रही है जिले में कालाबाजारी

जिले में खाद की कालाबाजारी थमने का नाम नहीं ले रही है। कालाबाजारी को लेकर किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल रहा। जवाबदार विभाग के अधिकारी आंख मुंद कर बैठे है। कालाबाजारी को रोकने के लिए कलेक्टर को मैदान में उतरने पड़ा है। कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने दो से तीन बार खाद की कालाबाजारी को उजागर किया है। किसानों की शिकायतों पर अधिकारी गंभीरता से ध्यान नहीं देने के कारण कालाबाजारी का खेल लगातार जारी है।

इनका कहना….

अभी खाद की दो रैक बैतूल पहुंची है, खाद को सोसायटियों में भेज दिया है। जिले में खाद की कोई कमी नहीं है।

प्रदीप गिरेवाल, डीएमओ, बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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