Betul News: शिव मंदिर में नगर कांग्रेस अध्यक्ष के सम्मान पर राजनैतिक बवाल

लोग कह रहे धार्मिक आस्था वाले मंदिर में सम्मान कैसा?
Betul News: बैतूल (सांझवीर टाईम्स)। शहर के एक प्रमुख शिव मंदिर में कांग्रेस नगर अध्यक्ष मनोज आहूजा के सम्मान कार्यक्रम को लेकर इन दिनों राजनीतिक और सामाजिक हलकों में खासा चर्चा का माहौल बना हुआ है। आमतौर पर राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों का सम्मान पार्टी कार्यालयों, सभागारों या सार्वजनिक मंचों पर किया जाता है, लेकिन इस बार कांग्रेस नगर अध्यक्ष का सम्मान मंदिर परिसर में किए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि हाल ही में कांग्रेस नगर अध्यक्ष का पद मिलने के बाद उनके समर्थकों द्वारा यह सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया, बताया जा रहा है कि मंदिर समिति में शामिल सदस्य कांग्रेस से जु?े हुए हैं और समिति के अध्यक्ष भी स्वयं मनोज आहूजा ही हैं। कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक और कुछ समाजसेवी भी मौजूद रहे। शिव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद माल्यार्पण कर कांग्रेस नगर अध्यक्ष का सम्मान किया गया।
कांग्रेस कार्यालय होने के बावजूद मंदिर में सम्मान
इस आयोजन के बाद राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। लोगों का कहना है कि जब कांग्रेस का अपना विधिवत कार्यालय शहर में मौजूद है, तो सम्मान कार्यक्रम वहीं आयोजित क्यों नहीं किया गया। कुछ लोगों ने इसे धार्मिक स्थल को राजनीति से जोडऩे पर आपत्ति दर्ज कराई , जबकि कुछ का मानना है कि मंदिर जैसे पवित्र स्थान पर राजनीतिक सम्मान कहीं से कहीं तक उचित नहीं है, इसके किये मंदिर के अलावा कोई भी स्थान का चयन किया जा सकता था।
भाजपा के जिला प्रवक्ता सूर्य दीप त्रिवेदी का कहना है कि, अच्छी बात है कि, नगर अध्यक्ष बनने पर समर्थकों द्वारा सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन समर्थक उनके निवास ओर जाकर उनका सम्मान करते, या कांग्रेस कार्यालय में कार्यक्रम किया जा सकता था। मंदिर को राजनीतिक कार्यक्रम से जोडऩा कहीं से कहीं तक ठीक नहीं माना जा सकता। हो सकता है कि आने वाले समय मे स्थानीय स्तर पर कांग्रेस की बैठकें भी मंदिर में ही आयोजित होना शुरू कर दिया जाए।
नागरिको का तर्क, धार्मिक स्थलों पर राजनीतिक गतिविधि ठीक नहीं
इस मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों का भी कहना है कि धार्मिक स्थलों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। उनका तर्क है कि मंदिर, मस्जिद या अन्य धार्मिक स्थल सभी के लिए होते हैं और वहां किसी एक राजनीतिक दल या नेता का सम्मान बाकी लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है।
इस पूरे मामले पर कांग्रेस नगर अध्यक्ष की ओर से कहा गया कि, वह पिछले कई वर्षों से मंदिर के अध्यक्ष हैं। समिति में शामिल पदाधिकारी और सदस्य एक परिवार की तरह हैं। यह कार्यक्रम उनके समर्थकों द्वारा आयोजित किया गया था और इसका उद्देश्य केवल आभार व्यक्त करना था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका किसी भी धार्मिक स्थल को राजनीति से जोडऩे का कोई इरादा ना पहले रहा ना वर्तमान में है।
फिलहाल शिव मंदिर में हुए इस सम्मान कार्यक्रम ने शहर में नई बहस छेड़ दी है। लोग यह सवाल कर रहे हैं कि भविष्य में क्या राजनीतिक दल इस तरह धार्मिक स्थलों को कार्यक्रमों का मंच बनाते रहेंगे या इससे सबक लिया जाएगा।




