Betul News: वन विभाग में सरकारी राशि की हेराफेरी करने वाले 10 आपरेटरों की सेवा बरकरार

Betul News: The services of 10 operators who embezzled government funds in the forest department are retained

पूर्व सीसीएफ के आदेश के बावजूद पद से पृथक करने के आदेश हवा में

Betul News: बैतूल। सरकारी दफ्तरों में काम कर रहे कंप्यूटर ऑपरेटरों पर सरकारी राशि में हेराफेरी के आरोप कोई नए नहीं हैं। जनपद और शिक्षा विभाग के बाद अब वन वृत बैतूल के तीनों वन मंडलों सहित उत्पादन वनमंडल में पदस्थ करीब 10 कंप्यूटर ऑपरेटरों पर भी ऐसे ही गंभीर आरोप लगे हैं। जानकारी के अनुसार इन ऑपरेटरों ने अपने परिचितों के बैंक खातों में सरकारी राशि ट्रांसफर की थी। आश्चर्य की बात यह है कि इनकी शिकायत खुद विभागीय कर्मचारियों ने ही की थी।

इसके आधार पर तत्कालीन मुख्य वन संरक्षक पीजी फुलझेले ने 13 अक्टूबर 2023 को इन संदिग्ध ऑपरेटरों को तत्काल कार्य से पृथक किए जाने के लिखित आदेश जारी किए थे। बावजूद इसके 21 महीने बीतने के बाद भी किसी भी वनमंडल में आदेशों का पालन नहीं हुआ है। यह लापरवाही ना सिर्फ विभागीय नियमों की अवहेलना है, बल्कि एक गंभीर वित्तीय अनियमितता को नजरअंदाज करने जैसा कदम भी साबित हो रहा है।

10 ऑपरेटरों को किया था सूचीबद्ध

प्राप्त जानकारी के मुताबिक इन वन मंडलों में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरों पर खुद विभाग के ही कर्मचारियों ने सरकारी राशि के हेरफेर का आरोप लगाकर इसकी शिकायतें मुख्य वन संरक्षक पीजी फुलझेले से की थी। मामले की गम्भीरता को देखते हुए आदेश क्रमांक 354 13 अक्टूबर 2023 में कम्प्यूटर ऑपरेटरों को तत्काल कार्य से पृथक किए जाने के आदेश तीनों वनमण्डलों समेत उत्पादन वनमण्डल को दिए गए थे। जानकारी मिली है कि इस मामले में एक बाबू के खिलाफ निलंबन की कार्यवाही कर एक ऑपरेटर को बाहर का रास्ता भी दिखा दिया था। इस ऑपरेटर पर परिजनों के खातों में राशि ट्रांसफर किए जाने का आरोप साबित हुआ था, लेकिन बाकी आपरेटर आज भी जहां की तहां जमे हुए हैं। खास बात यह है कि इन ऑपरेटरों को 18 से 24 हजार रुपए प्रति माह वेतन के रूप में दिया जा रहा है।

सख्ती से कार्यवाही कर अवगत कराने के दिए थे निर्देश

वन मंडलों में कार्य कर रहे दस कम्प्यूटर ऑपरेटरों को लेकर वन मंडल अधीकारियों को दिए आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया था कि कार्यालय से अपने सगे संबंधितों के खाते में शासन की राशि डालने संबंधित शिकायतें तथा अन्य कई शिकायतें बार-बार प्राप्त हुई एवं कम्प्यूटर ऑपरेटरों की कई बार गुमनाम शिकायतें भी प्राप्त हुई है।

इससेे की विभाग की छवि धूमिल हो रही है। अत: अपने वन मंडल में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरों को तत्काल कार्य से पृथक किया जाना सुनिश्चित करें और कार्यवाही से मुख्य वन संरक्षक कार्यालय को अवगत कराएं, लेकिन विडम्बना है कि इस आदेश का ना ही पालन किया गया, बल्कि सभी ऑपरेटर ठहाके के साथ कुर्सी पर बैठकर कार्य संपादित कर रहे हैं। कुछ कर्मचारियों ने नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि इन कम्प्यूटर ऑपरेटरों की वजह से विभाग में वित्तीय अनियमितता बेखौफ होकर अंजाम दिया जा रहा है तो वहीं विभाग की कई गोपनीय जानकारियां भी इधर से उधर हो रही हैं।

कुल मिलाकर विभाग के भीतर ही कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों के बावजूद इस मामले में कोई स्पष्ट जांच या कार्रवाई न होना मामले को और भी संदिग्ध बना रहा है। अब यह देखना होगा कि उच्च अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लेकर कब तक कार्रवाई करते हैं, या फिर यह भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।

इनका कहना..

इस आदेश की जानकारी मुझे नहीं थी। अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।

वासु कनोजिया, वन संरक्षक बैतूल 

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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