Betul Samachar: जिस देश में नारी का सम्मान नहीं, गर्त में गया: हेमंत
Betul News: The country which does not respect women has gone into the abyss: Hemant

पत्रिका के तेजस्वनी अवार्ड में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने 30 महिलाओं को किया सम्मानित
Betul Samachar: बैतूल आज महिलाएं पुरूष प्रधान समाज में कंधा से कंधा मिलाकर चल रही है। जिस देश में नारी का सम्मान नहीं चला, वह गर्त में चला गया, इसके कई उदाहरण देखने को मिले हैं, जहां महिलाओं को सम्मान मिला है और उनकी प्रतिभाओं को समझा गया है, वह देश आज उन्नति के शिखर पर है। यह बात प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने भोपाल से प्रकाशित हिंदी दैनिक पत्रिका के तेजस्वनी अवार्ड-25 में मुख्य अतिथि के रूप कहीं।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक निश्चल एन झारिया, भोपाल के संपादक भगवान उपाध्याय, नर्मदापुरम संपादकीय प्रभारी मनीष गर्ग, मार्केटिंग हेड राकेश यादव, बैतूल ब्यूरो चीफ घनश्याम राठौर, मार्केटिंग प्रमुख प्रमेश राजपूत, चीफ रिपोर्टर देवेंद्र कारंदे समेत शहर के गणमान्य नागरिक और समाजसेवी मौजूद थे। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली तीस महिलाओं को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और एसपी झारिया ने मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर की। अतिथियों के स्वागत के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते प्रदेश भाजपा अध्यक्ष खंडेलवाल ने कहा कि मैने कई कार्यक्रम देखे, लेकिन यह पहली बार देखा है कि कोई अखबार विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित कर रहा है। बैतूल के सभी पत्रिका का सम्मान करते हैं, लिहाजा इस कार्यक्रम की जितनी प्रशंसा की जाए, उतनी कम है। टीम पत्रिका ने जिले की विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कराने वाली महिलाओं को ढूंढकर निकाला, वे बधाई के पात्र है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान में पुरूष प्रधान समाज है, जब पुरूष कुछ करता है तो अनूकुल स्थिति होती है, लेकिन बहनें और बेटी विपरित परिस्थितियों में आगे बढ़ती है तो वह निश्चित तौर यह पूरा समाज आपको वंदन और प्रणाम करता है। उन्होंने सम्मानित महिलाओं की तारीफ करते कहा कि आपने अपने क्षेत्र में जिस तरह काम कर जिले का नाम रोशन किया है, इससे हम सभी गौरवांवित महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने समाज की कुछ विशिष्ठ महिलाओं को अपने उद्बोधन में स्थान देते बताया कि इनकी जिम्मेदारियों के बावजूद दिए गए योगदान को कभी नहीं भूलाया जा सकता है। उन्होंने रानी दुर्गावती और झांसी की रानी का उदाहरण देते बताया कि ऐसी महान विभूतियों के कारण हमारा देश अन्य देशों की अपेक्षा नारी सम्मान में विशेष स्थान रखता है। खंडेलवाल ने कहा कि पुरूष चाहे कितनी भी बात कर ले, लेकिन जब भी उन्हें आगे बढ़ना है तो महिलाओं के साथ की जरूरत है। आप सभी को एक नई दिशा और ऊंचाइयों पर काम करने की शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने पत्रिका की टीम को कार्यक्रम के आयेाजन के लिए साधुवाद दिया।

इन्होंने भी किया कार्यक्रम को संबोधित
कार्यक्रम को संबोधित करते एसपी निश्चल एन झारिया ने कहा कि पत्रिका में जो चीज छप जाती है, लोग इसकी सत्यतता के बारे में संदेह नहीं करते हैं, यह प्रशंसा की बात है। यह पत्रकारिता के लिए अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि तेजस्वनी अवार्ड से आज जो बहनें सम्मानित हुई है, उन्होंने विपरित परिस्थितियों में काम कर एक मिसाल कायम की है। एसपी ने कहा कि पुलिस विभाग में भी महिला कर्मचारियों की संख्या बढ़ रही है। जिले में भी महिला और पुरूष की साक्षरता दर में नाममात्र का अंतर है। उन्होंने अपने विभाग की ओर से महिलाओं को परामर्श केंद्र और अन्य मामलों में सहयोग देने की बात कही।
कार्यक्रम को संबोधित करते पत्रिका भोपाल के संपादक भगवान उपाध्याय ने कहा कि पत्रिका सामाजिक सरोकार से जुड़ी है। वर्तमान में परिदृश्य बहुत सारे हैं, कई फर्क नजर आएंगे। उन्होंने बताया कि पत्रिका हमेशा पर्यावरण, शिक्षा, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों में अपनी सहभागिता निभाते आया है। साइबर मामले में भी पत्रिका ने लोगों को जागरूक करने का काम किया है। पूरे प्रदेश में हरित प्रदेश अभियान चलाकर सामाजिक चेतना और धरोहरों को सहेजने का प्रयास पत्रिका द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को अच्छा रास्ता दिखाने के लिए सारे प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में तेजस्वनी अवार्ड का आयोजन किया गया।

इन महिलाओं का सम्मान
पत्रिकाओं के तेजस्वनी अवार्ड- 25 में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 30 महिलाओं का सम्मान किया गया। इसमें नपा की ब्रांड एम्बेसेडर नेहा गर्ग, अधिवक्ता-समाज सेवी नीरजा श्रीवास्तव, जिला अस्पताल की ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अंकिता सीते, पर्यावरणविद लीना घोरे, समाजसेवी तूलिका पचौरी, डांस में राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाली साधना मिश्रा, स्व सहायता समूह की संचालन करने वाली रेखा अहिरवार, जीआरपी की महिला आरक्षक भावना रघुवंशी, बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति की गौरी बालापुरे पदम, रेलवे कर्मचारी मंजू लंगोटे, होनहार छात्रा कल्याणी हिरे, कुली दूर्गा बोरबन, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त वंदना दुबे, प्रदेश की पहली रेल चालक संगीता पहाड़े, पेंटिंग कलाकार हर्षिता गोठी, संघर्षशील महिला कम ऊचाई वाली महिला चन्द्रकला उईके, समाजसेवी भारती अग्रवाल, शीतल कामथकर, अंतरराष्ट्रीय कराते प्लेयर धड़कन शाह, आटो चालक पूनम निरापुरे, समाजसेवी मुस्कान सोनी, रेखा गुजरे, दिव्यांग होने के बाद आत्मनिर्भर की मिसाल प्रस्तुत करने वाली यशोदा कास्दे, गणतंत्र दिवस में एनएनएस का प्रतिनिधित्व करने वाली अंजलि नागौरे, महिला पुलिस आरक्षक सविता पवार, संध्या धुर्वे, ग्रामीण क्षेत्र की शिक्षिका वंदना बोबड़े, अनाथ बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने वाली निमिषा शुक्ला, समाजसेवी कंचना आहूजा और साहित क्षेत्र में जिले का नाम देश-प्रदेश में रोशन करने वाली डॉ. पल्लवी सिंह शामिल है।




