Prashasnik Kona: प्रशासनिक कोना: आखिर साहब भी थानेदारों से क्यों खुश नहीं?? इनकी मेहरबानी से जुआरी को कैसे मिला लग्ज़री वाहन सुख??? किसने मांगे 7 प्रतिशत तो 2 नम्बर वाले साहब तबादला कराने की जुगत में???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशाननिक कोना में……..
Prashasnik Kona: Administrative corner: Why are the officers not happy with the police officers?? How did the gambler get the luxury of a luxury vehicle due to their kindness?

साहब भी थानेदारों से खुश नहीं
वर्दी वाले विभाग में थानेदारों की कमी सामान्य बात है, लेकिन काम करने वालों की उससे अधिक कमी बताई जा रही है। खुद एक बड़े साहब भी इस बात को जनप्रतिनिधियों को कह चुके हैं, लेकिन नतीजा सिफर निकला। स्थिति यह है कि कई थानों को अनुभवहीन थानेदारों को जिम्मा देकर काम चलाना पड़ रहा है। साहब का भी मानना है कि कुछ प्रमुख थानों के लिए ऐसे थानेदारों की पदस्थापना होना चाहिए, जिनकी वर्किंग से आसपास के थानों में भी काम का ढर्रा बदल जाए। हालांकि जनप्रतिनिधियों को यह प्रयास करना है, लेकिन पिछले डेढ़ साल में कोई भी थानेदार जिले में पदस्थ नहीं हुए। इसका साहब को भी मलाल है। यदि थानेदार अच्छे रहते तो जिले की पुलिसिंग और बेहतर हो सकती थी।
साहब की मेहरबानी से जुआरी को लग्जरी वाहन का सुख
जिले में मेहरबानी से जुआघर संचालित होना कोई नई बात नहीं है। कहीं जनप्रतिनिधि तो कहीं उनके पुत्रों पर तथाकथित जुआरियों को संरक्षण के आरोप लग रहे हैं। इस बीच बैतूल अनुविभाग के एक थाना प्रभारी के संरक्षण में पिंटू, जीतू की टीम द्वारा चलाए जा रहे जुएं की फड़ को लेकर खूब चर्चा हो रही है। जगह बदल-बदलकर साहब के फ्री हैंड के बाद जीतू ने पिछले दो माह में इतनी कमाई की है कि नई बुलेरो खरीदकर जुएं के अड्डे पर भी इसी से जा रहा है। चर्चा है कि जीतू की तरक्की देखकर उसके साथ वाले पिंटू और अन्य भी साहब से वरहदहस्त मांग रहे हैं, ताकि वे भी चार पहिया वाहन का सुख भोग सके। पूरे जिले में जीतू के साहब की कृपा से बुलेरो वाहन खरीदने की खूब चर्चा हो रही है।
7 प्रतिशत मांगने से बिगड़ा खेल
एक चर्चित दो नंबर की हैसियत रखने वाले साहब कुछ दिनों पहले आए अपने से बड़े अधिकारी की ईमानदारी पर सवाल खड़े कर रहे हैं। वे अपनी राजनीतिक आका समेत कुछ परिचितों को कहते फिर रहे हैं कि बड़े साहब 3 की जगह 7 प्रतिशत हिस्सा मांग रहे हैं, जबकि अब तक उनका 3 प्रतिशत का ही हिस्सा बनते आया है। साहब की डिमांड बढ़ने के बाद यह दो नंबर वाले साहब कुछ उखड़े-उखड़े से दिखाई दे रहे हैं। चर्चा है कि उन्होंने बड़े साहब के 7 प्रतिशत की डिमांड के बाद अपने तबादले के प्रयास शुरू कर दिए हैं। यदि ऐसा हुआ तो लंबी पारी खेलने के बाद वे जिले से रूखस्त होंगे, लेकिन जाते-जाते वे दुखी मन से साहब के 7 प्रतिशत की बात सार्वजनिक करने की बात भी कह रहे हैं।




