Betul News: रिश्तेदारों के नाम से भावांतर पंजीयन, समर्थन मूल्य में जमकर फर्जीवाड़ा

जांच की जाए तो बड़े खेल आ जाएंगे सामने, आदिवासी किसान टारगेट पर

Betul News: बैतूल। जिले में भावांतर योजना और समर्थन मूल्य के अंतर्गत चल रही खरीदी में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, कई स्थानों पर वास्तविक किसानों के नाम पर नहीं, बल्कि उनके रिश्तेदारों, परिचितों या प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम से सहकारी समितियों में पंजीयन किए जा रहे है। इससे असली किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा या नहीं इसकी संभावना कम ही दिख रही है, जबकि फर्जी पंजीयन कराने वाले बिचौलिए और दलाल मालामाल होने की तैयारी कर रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों और आदिवासी ब्लाक भीमपुर में में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है। सूत्रों से जानकारी मिली है कि भीमपुर ब्लाक की चिलौर प्राथमिक सहकारी समिति में सबसे ज्यादा फर्जीवाड़े की संभावना दिख रही है। यहां कई आदिवासी किसानों की कृषि भूमि पर अन्य लोगों के नाम से भावांतर पंजीयन कराए गए हैं, बताया जा रहा है की पंजीयन में धान के अलावा ज्वार की फसल का भी समावेश कर दिया गया है। जिनके नाम पंजीयन संगीता, मनोज भैयालाल समेत जिन लोगो के नाम और बैंक खाता नम्बर शामिल किए गए हैं, उन संदिग्धों की जांच बेहद जरूरी हो चुकी है। जबकि वास्तविक किसान को ना भावान्तर योजना की जानकारी तक नहीं है। सूत्र बताते हैं कि, कुछ मामलों में किसानों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर ऑनलाइन पंजीयन कर लिया गया है। गौरतलब है कि शासन की योजना के मुताबिक पूर्व में कई बार ऐसा हो चुका है कि, वास्तविक किसान को तो शासकीय योजना का लाभ नहीं मिला, बल्कि किसानों के हक और अधिकार पर कोई और ही डाका डाल चुका है।

बड़े पैमाने पर हो सकता है फर्जीवाड़े का खुलासा

जिस तरह अप्रत्याशित रूप से पंजियनो में ज्वार का रकबा सामने आया है, उससे स्पस्ट है कि कहीं ना कहीं दाल में कुछ काला जरूर है। यदि जिला प्रशासन द्वारा इसकी व्यापक जांच कराई जाए तो बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा होगा। जानकारों का कहना है कि इस तरह की गड़बड़ियों से न केवल सरकारी योजनाओं की साख पर असर पड़ता है, बल्कि आदिवासी व छोटे किसानों का भरोसा भी टूट रहा है। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो यह फर्जीवाड़ा आने वाले सीजन में और भी बड़े स्तर पर सामने आ सकता है।

 

इनका कहना…..

चिलौर सहकारी समिति में यदि इस तरह के पंजीयन किए हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी। वास्तविक किसान को ही फायदा मिलना चाहिए।

के के शिव रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां जिला बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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