Betul Ki Khabar: फांसी खदान तालाब से धड़ल्ले से निकली मुरम, नपा को नहीं लगी भनक

Betul Ki Khabar: Murum was taken out from the pond of the hanging mine, the municipality did not get any clue

खनन कारोबारियों की बल्ले-बल्ले, नगर पालिका अधिकारी बेखबर

Betul Ki Khabar: बैतूल। जलगंगा संवर्धन अभियान की आड़ में नगर पालिका की सुस्ती का लाभ उठाकर खनन माफियाओं ने फांसी खदान तालाब से मुरम का अवैध दोहन कर भारी कमाई कर ली। तालाब के गहरीकरण के नाम पर मुरम की खुदाई की गई और करीब 50 डंपर मुरम बाजार में बेच दी गई, लेकिन नगर पालिका को इसकी जानकारी तक नहीं लग पाई। नपा अधिकारी यह तक नहीं बता पाए कि यह खुदाई किसकी अनुमति से और किसके द्वारा की गई।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मुरम की एक डंपर की बाजार कीमत दो से ढाई हजार रुपए तक है। इस लिहाज से अनुमान लगाया जा रहा है कि एक ही दिन में करीब 1.25 लाख रुपए की मुरम बेची गई है। आश्चर्य की बात यह है कि नपा न तो इस मुरम को विभागीय कार्यों के लिए स्टॉक कर सकी और न ही इससे कोई राजस्व अर्जित कर पाई। उल्टा खनन कारोबारियों को फ्री में खनन कर बाजार में बिक्री का सुनहरा मौका मिल गया।

जिम्मेदारों की आंखें मूंदे रहीं, माफिया करते रहे मनमानी

फांसी खदान तालाब में दिनदहाड़े मुरम की खुदाई होती रही और जिम्मेदार अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। जब मीडिया ने सवाल उठाए तो अधिकारियों ने दलील दी कि खुदाई की गई मुरम को बेचा नहीं जा सकता। लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि सरेआम मुरम का परिवहन हुआ और ट्रैक्टर-ट्रॉली व डंपरों से इसकी सप्लाई दी गई। स्थानीय नागरिकों ने भी इस पूरे मामले को लेकर नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि तालाब का गहरीकरण आवश्यक है, लेकिन उससे निकली मुरम को यूं ही फ्री में ले जाना समझ से परे है। यदि नपा चाहती तो इस मुरम को निर्माण कार्यों में उपयोग कर सकती थी, जिससे न केवल लागत में कमी आती बल्कि शासकीय संपदा का सही उपयोग भी होता।

प्रावधान नहीं, पर फायदा पूरा

नगर पालिका के नियमों में जलस्रोतों के गहरीकरण का प्रावधान तो है, लेकिन खुदाई से निकली मिट्टी या मुरम के निपटान को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर कुछ खनन कारोबारी प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर मोटी कमाई कर रहे हैं। मामले को लेकर सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्या यह सब बिना मिलीभगत के संभव है?

इनका कहना..

तालाब में खुदाई करने वाले खनन कारोबारी की तलाश की जा रही है। जैसे ही उसकी पहचान होती है, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सतीष मटसेनिया, सीएमओ नपा बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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