Betul Ki Khabar: प्रशासन की नजर से अब नहीं बच पाएंगे खनिज माफिया
Betul Ki Khabar: Now the mineral mafia will not be able to escape the eyes of the administration

अवैध खनिज उत्खनन व परिवहन पर लगेगी लगाम, सैटेलाइट मॉनिटरिंग से होगी तत्काल कार्रवाई
Betul Ki Khabar: बैतूल। जिले में खनिज संपदा का अवैध उत्खनन और परिवहन लंबे समय से प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। अब इस पर अंकुश लगाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। खनिज विभाग ने अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सैटेलाइट मॉनिटरिंग प्रणाली की शुरुआत कर दी है। इसके तहत खदानों और आसपास के क्षेत्रों की रियल-टाइम निगरानी की जाएगी, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल जानकारी प्राप्त होगी और समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी।
रियल-टाइम अलर्ट, तुरंत होगी कार्रवाई
इस प्रणाली के तहत सेटेलाइट से प्राप्त चित्रों और डेटा के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कहां नियमों का उल्लंघन हो रहा है। चाहे तय मात्रा से अधिक खनिज का परिवहन हो या बिना अनुमति के खुदाई, सभी गतिविधियों पर सटीक नजर रखी जाएगी। जैसे ही कोई संदिग्ध गतिविधि सामने आएगी, संबंधित अधिकारियों को उसकी जानकारी तत्काल मोबाइल अलर्ट या संदेश के रूप में मिलेगी, जिससे वे तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर सकेंगे।
ड्रोन और त्रक्कस् की भी होगी मदद
सैटेलाइट तकनीक के साथ-साथ ड्रोन कैमरों और त्रक्कस् ट्रैकिंग सिस्टम का भी उपयोग किया जाएगा ताकि जमीनी सत्यापन और निगरानी को और अधिक सटीक और प्रभावी बनाया जा सके। इससे अधिकारियों को अवैध खनन की पुष्टि करने और सबूत जुटाने में भी मदद मिलेगी।
राजस्व की हानि रुकेगी, पारदर्शिता बढ़ेगी
खनिज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक के माध्यम से न केवल अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा, बल्कि इससे राजस्व की हानि को भी रोका जा सकेगा। साथ ही प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।
अब माफिया नहीं बच पाएंगे
अब तक कई बार अवैध खनन की शिकायतें तो मिलती थीं, लेकिन ठोस सबूतों और तत्काल जानकारी के अभाव में कार्रवाई में देरी होती थी। लेकिन इस नई तकनीक से खनिज माफिया पर नकेल कसना अब संभव हो सकेगा। अधिकारी दावा कर रहे हैं कि यदि यह प्रणाली प्रभावी रूप से लागू की गई, तो अवैध खनन के खिलाफ अभियान धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।




