Betul News: सागौन तस्करी का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त, बैतूल से लेकर मंडीदीप तक फैला हैं नेटवर्क

Betul News: A big network of teak smuggling destroyed, the network is spread from Betul to Mandideep

सागर में पकड़ी गई खेप से खुला पूरे गैंग का राज

Betul News: बैतूल। सागौन तस्करी के एक अंतर जिला सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें गैंग के 17 सदस्य जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। यह कार्रवाई पिछले आठ महीनों में वन विभाग द्वारा की गई, जिसमें सागर जिले से लेकर हरदा, बैतूल, मंडीदीप और इटारसी तक फैले नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।

18 अक्टूबर को सागर भेजी जानी थी लकड़ी की बड़ी खेप

जानकारी के अनुसार 18 अक्टूबर 2024 की रात इस गैंग को सागर जिले के लिए सागौन लकड़ी की एक बड़ी खेप भेजने का ऑर्डर मिला था। इसके लिए गिरोह ने बैतूल जिले की खारी बीट को निशाना बनाया और रात में कटाई शुरू कर दी। लेकिन मुखबिर की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जिससे तस्करों को लकड़ी वहीं छोड़कर भागना पड़ा।

रेकी से लेकर ट्रांसपोर्ट तक – गैंग का सटीक बंटवारा

इस सिंडिकेट का संचालन संगठित तरीके से किया जाता था। रेकी और निगरानी के लिए अलग लोग नियुक्त थे। नीमपानी के शेख अफजल और पाढर के सोनू मुइनुद्दीन इसी काम में लगे थे। इनके जिम्मे यह रहता था कि कोई पुलिस या वन विभाग की गाड़ी नजर आते ही जंगल में कटाई कर रहे मजदूरों को सतर्क किया जाए।

पेड़ों की कटाई करने वाला दल 5 से 6 लोगों का होता था, जबकि लकड़ी के परिवहन के लिए बाहरी वाहन मालिकों को मोटी रकम देकर साधा जाता था।

सरगना राजू वाडिवा 1997 से सक्रिय अपराधी

इस गिरोह का सरगना हरदा निवासी राजू वादिवा था, जिसे 27 फरवरी को गिरफ्तार किया गया। राजू पर 28 पुलिस और 16 से अधिक वन अपराध दर्ज हैं। वह वर्षों से सागौन तस्करी के बड़े रैकेट को विश्नोई गैंग की तर्ज पर चला रहा था।

फाइनेंस का जिम्मा प्रमोद के पास, डिजिटल मॉनिटरिंग विनोद ने की

इस तस्करी नेटवर्क का वित्तीय प्रबंधन इटारसी निवासी प्रमोद राजपूत के जिम्मे था, जिसे 25 मई को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने सागर में छुपाई गई सागौन लकड़ी के जखीरे का खुलासा किया।

वहीं, गिरोह की डिजिटल निगरानी और तकनीकी सहायता बैतूल निवासी विनोद जाखड़ द्वारा की जाती थी। कार्रवाई के दौरान उसी ने टीम को लीड किया।

मोबाइल में मिले कोडवर्ड, कॉल रिकॉर्ड से हुए बड़े खुलासे

राजू वादिवा के घर छापेमारी के दौरान जब्त मोबाइल में कई संदिग्ध कॉल मिले। इनमें सिलवानी से आए कॉल में तस्करों को लकड़ी की सप्लाई के ऑर्डर दिए जा रहे थे। मोबाइल में नंबर नाम से नहीं, बल्कि कोड वर्ड में सेव किए गए थे। बाद में राजू ने वह सिम भी बंद करवा दी थी।

गिरोह की कमर टूटी, सभी आरोपी सलाखों के पीछे

डीएफओ नवीन गर्ग के अनुसार, पिछले आठ महीनों में की गई सुनियोजित कार्रवाई से इस पूरे नेटवर्क की कमर टूट गई है। अब तक 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। सागर में बरामद लकड़ी से यह स्पष्ट हो गया है कि यह गैंग प्रदेश के कई जिलों में फैला हुआ था।

अब तक की प्रमुख गिरफ्तारियां

  • राजू वादिवा (सरगना – हरदा)
  • प्रमोद राजपूत (फाइनेंस – इटारसी)
  • विनोद जाखड़ (डिजिटल मॉनिटरिंग – बैतूल)
  • शेख अफजल और सोनू मुइनुद्दीन (रेकी – नीमपानी/पाढर)
  • राम मेहरा (संपर्क सूत्र – मंडीदीप)

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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