Betul News: अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे: पानी के लिए सड़कों पर उतरे लोग
Betul News: Now the camel has come down the mountain: People came out on the streets for water

आम जनता ने पम्प चालकों का किया घेराव, नपा अध्यक्ष के पास भी पहुंचे
Betul News: बैतूल। अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे यह एक कहावत है… जिसका अर्थ है कि अब बड़े अधिकारी या जिम्मेदार लोग उस समस्या से सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं, जिसे अब तक नज़रअंदाज़ किया जाता रहा है। पिछले कुछ दिनों से जल संकट झेल रही जनता के सब्र का बांध तब टूट गया जब कोठीबाजार क्षेत्र में 5 दिन बाद पानी की सप्लाई दी गई। महज आधे घण्टे बाद सप्लाई बंद कर दी गई। इसी बात से गुस्साई जनता सड़क पर आ गई।
पम्प चालकों के घेराव कर उन्हें जमकर खरी खोटी सुनाई गई। घबराए पम्प चालक फांसी खदान टंकी की तरफ खिसक लिए तो जनता वहां भी पहुंच गई। बताया जा रहा है कि गुस्साए लोगों ने पम्प चालकों के ओजार तक छीन लिए।लोगों का आरोप है, कि पांच दिन बाद सप्लाई मात्र आधे घण्टे सप्लाई दी गई नगर पालिका ने असम जन की समस्याओं का मजाक बना कर रख दिया है। जल संकट से निपटने करोड़ो खर्च होने के बावजूद जल संकट के लिए सीधे तौर पर नपा के अधिकारी और जनप्रतिनिधि जिम्मेदार हैं।

जनता के गुस्से के आगे बेबस हुए पम्प चालक
पानी के लिए सड़क पर जनता का आक्रोश सा$फ बताता है कि जनता पानी की भारी किल्लत से परेशान होने के बाद सड़कों पर उतरने को मजबूर हो चुकी है। सुबह से ही लोग पानी के लिए परेशान नजर आने लगे थे। अपने घरों से निकलकर लोग फांसी खदान स्तिथ पानी की टंकी पर पहुंचे जहां एक भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। यह देख लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। थाना रोड पर जैसे ही पम्प चालक नजर आए लोगों ने उनका घेराव कर दिया। लोगों का कहना था कि, जैसे तैसे पांच दिन बाद सप्लाई दी गई । लेकिन मात्र आधे घण्टे के लिए। ऐसे में पानी स्टोरेज तक नहीं हो पा रहा है। इतनी कम मात्रा में सप्लाई दी जा रही आखिर तीन से चार दिन लोग कैसे गुजारा कर पाएंगे इसका जवाब अधिकारीयों को देना पड़ेगा।

सारा शहर जल संकट की चपेट में, करोड़ों की जलापूर्ति योजना फेल
शहर से जल संकट खत्म करने के लिए नपा द्वारा करोड़ों रुपए खर्च कर ताप्ती बैराज का निर्माण कराया गया था। एनीकट तक पानी लाने के लिए बाकायदा पाइप लाइन तक बिछाई गई हैं, लेकिन नतीजा सिफर ही है। इसके लिए लोग अब सीधे तौर पर जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों , कर्मचारियों को जिमेदार बता रही हैं। गांधी वार्ड निवासी प्रदीप चौरसिया का कहना है कि, मौजूदा जलसंकट की स्थिति बता रही है कि जलापूर्ति योजनाओं को आधार बनाकर बड़े भृस्टाचार को अंजाम दिया गया है।ताप्ती बैराज निर्माण में किया गया घटिया काम , लाखापुर से एनीकेट तक पाइप लाइन बिछाने में करोड़ो की वित्तीय अनियमितता किया जाना साफ नजर आ रहा है।
जनता की संस्याओं की फिक्र न अधिकारियों को है और न ही नपा के जनप्रतिनिधियों को, जनता प्यासी मर रही है। लेकिन इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ रहा। बैराज की मोटरें खराब होने का हवाला दिया जा रहा है। अधिकारी चाहें तो रातोंरात समस्या का समाधान निकाल सकते हैं, लेकिन इच्छा शक्ति न अधिकारी दिखा पा रहे और न ही नपा के जनप्रतिनिधि। समय आने पर जनता इसका जवाब भी जरूर देगी।

पानी आधा, पैसा पूरा, जनता देगी इसका जवाब
जल संकट से जूझ रही जनता के गुस्से का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लोग अब आरपार की लड़ाई लड़ने का मूड बना चुके हैं। लोगों का आरोप है कि नपा द्वारा प्रत्येक नल कनेक्शन पर 150 रुपए जल शुल्क लोगों से वसूला जा रहा है। विलंब होने पर यही जल शुल्क पूरी दादागिरी से पेनाल्टी सहित वसूला जाता है। जबकि इसके ठीक विपरीत एक दिन की आड़ में पानी की सप्लाई वर्षों से दी जा रही है। किसी जनप्रतिनिधि ने आज तक यह सवाल खड़ा नहीं किया कि जनता को जब पानी आधा दिया जा रहा है तो पैसा पूरा की नियम के तहत वसूला जा रहा है। लोगों ने जनप्रतिनिधियों पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि जनता के साथ लूट जनप्रतिनिधियों के सामने की जा रही है, लेकिन वे जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे बैठे हैं जिन्हें हमने ही चुनकर नगर पालिका भेजा है। समय आने पर इसका जवाब जरूर दिया जाएगा।

नपा अध्यक्ष के दरवाजे पर गुस्साई जनता की दस्तक
शहरवासियों को जलसंकट से मुक्ति दिलवाने के लिए नपा ने करोड़ों की लागत से ताप्ती बैराज निर्माण की सौगात दी थी। लोगों का आरोप हैं कि सरकार ने अपना काम तो कर दिया, लेकिन इस योजना को संभालने की जिम्मेदारी नपा जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की है। इसमें गम्भीर लापरवाही बरती जा रही है। पांचवें दिन भी जब पानी नहीं मिला तो, शिवाजी, गांधी और दुर्गा वार्ड के सैकड़ों लोग नपा अध्यक्ष के घर पहुंच गए। लोगों ने बताया कि नपा अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने पानी सप्लाई के निर्देश दे दिए हैं, लेकिन पम्प चालक निर्देशों का सही पालन नहीं कर रहे। उन्होंने इस समस्या को लेकर विधायक हेमन्त खण्डेलवाल से भी मुलाकात करने की बात भी कही है। पानी की समस्या को लेकर चर्चा करने के लिए जब सीएमओ से सम्पर्क किया, लेकिन उन्होंने $फोन रिसीव नहीं किया।
नेता प्रतिपक्ष का आरोप- सड़क पर बहा दिया 10 लाख लीटर पानी
पानी के किए शहरवासियों में मचे हाहाकार को लेकर नपा के नेता प्रतिपक्ष राजकुमार दीवान भी फांसी खदान टंकी के पास पहुंच गए। इस एक अकेली टंकी से लगभग 7 वार्डों में पानी की सप्लाई दी जाती है। मौके पर एक भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि टंकी में 10 लाख लीटर पानी स्टोरेज होता है। पिछले एक हफ्ते से पानी की समस्या बनी हुई है। मौके पर कोई अधिकारी- कर्मचारी या तकनीकी स्टाफ तक मौजूद नहीं है। अधिकारियों की लापरवाही से लाखों लीटर पानी व्यर्थ सड़कों पर बह चुका है। जनता को एक दिन की आड़ में पानी दिया जा रहा , लेकिन पैसा पूरा वसूल करना आम जनता के साथ छलावा प्रतीत हो रहा है। परिषद की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया गया था, लेकिन हमारी आवाज दबा दी गई। शहर वासी आज पानी की एक एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। इसके लिए नपा के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी जिम्मेदार हैं।
इनका कहना….
शहर में पानी सप्लाई के निर्देश दिए जा चुके हैं। जल संकट के लिए विधायक से चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा।
पार्वती बाई बारस्कर, अध्यक्ष नपा बैतूल




