Betul Ret Khanan: प्रशासन चुनाव में लगा, रेत कारोबारियों ने जमकर काटी चांदी
ढाई हजार प्रति ट्रैक्टर के हिसाब से बेची रेत, छोटे सप्लायरों ने बताई पीड़ा

Betul Ret Khanan: बैतूल। लोकसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होते ही प्रशासनिक अमला चुनावी तैयारियों में क्या लगा, रेत माफियाओं की बल्ले बल्ले हो गई। ट्रेक्टर ट्राली से रेत ढोने वालों की तो मानो लॉटरी ही लग गई। इस दौरान कई रेत माफिया सक्रिय हुए और शहर के आसपास स्थित नदी-नालों से रेत की चोरी का सिलसिला शुरू हो गया और यह सिलसिला तब तक चलता रहा जब तक जिले में चुनाव सम्पन्न नहीं हो गए। बिना लागत के इस काम मे रेत माफियाओं ने जमकर चांदी काटी और खनिज अमला चुनाव ड्यूटी में व्यस्त रहा। हालांकि इसके पीछे सप्लायरों ने अपनी पीड़ा भी सांझवीर के सामने जाहिर की है।
ढाई से तीन हजार में बिक गई नदी नालों की रेत
प्राप्त जानकारी के अनुसार निर्वाचन कि अवधि में लगी आचार संहिता का माफियाओं ने तो फायदा उठाया ही बल्कि उन आम नागरिकों के भी छोटे मोटे निर्माण के काम आसानी से निपट गए जो डंफरों से रेत खरीदने में असमर्थ थे। रेत माफियाओं ने शहर के आसपास स्थित उन नदी नालों से रेत निकालनी शुरू की जहां से आसानी से रेत निकालकर बिना रोक टोक समय के पहले गंतव्य स्थान तक पहुंचाई जा सके। जानकारी के मुताबिक माफियाओं ने आर्डर मिलने के बाद दो से ढाई हजार रुपए में ट्रैक्टर ट्राली से शहर के कई हिस्सों में रेत की सप्लाई कर दी और अधिकारियों की व्यस्तता का भरपूर फ़ायदा उठाया।
हालांकि चुनाव निपटते ही अब काफी हद तक यह सिलसिला थम चुका है लेकिन इस अवधि में छोटे मोटे रेत सप्लायरों ने हजारों रुपयों की कमाई जरूर कर ली।
साहब, मजबूरी में करनी पड़ी रेत की चोरी
इस मामले को लेकर जब एक रेत सप्लायर से जानकारी ली गयी तो नाम ना छापने की शर्त पर उसने बताया कि रेत का ठेका होने के बाद खनिज विभाग की सख्ती के चलते उनका रेत का काम ठण्डे बस्ते में चला गया था। रायल्टी पर खदानों से रेत लाकर शहर में सप्लाई करना ट्रेक्टर ट्राली संचालकों के लिए काफी टेढ़ी खीर साबित हो रहा था।ट्रैक्टरों की किश्त भरना भी मुश्किल हो रहा था। लोकसभा चुनाव की आचार सहिंता लगने के बाद खनिज विभाग के अधिकारी भी चुनाव ड्यूटी में लग गए।
सड़कों पर चैकिंग भी ना के बराबर होने लगी थी। इसी का फायदा हम रेत सप्लायरों ने उठाया और बिना रायल्टी कटाये रेत की सप्लाई कर अच्छी खासी कमाई भी कर ली। जैसा ग्राहक मिला वैसी डील की ढाई से तीन हजार रुपये तक रेत बिकी है। सप्लायर के मुताबिक शहर के आसपास स्तिथ माचना नदी, नालों से बड़े पैमाने पर रेत निकाली गई है। इसमें मजदूरी और ईंधन का खर्च निकालकर सप्लायरों ने प्रति ट्राली 800 से 1000 रुपए तक कमा लिए।




