Betul News: प्री-मानसून में ही 17 करोड़ के लागत वाले अस्पताल भवन का ड्रेनेज सिस्टम फेल
Betul News: Drainage system of hospital building costing Rs 17 crore fails in pre-monsoon

घटिया निर्माण कार्य की खुली पोल, रोज जाते हैं अधिकारी, लेकिन किसी को नहीं सरोकार
Betul News: बैतूल। करोड़ों की लागत से निर्मित हुए अस्पताल भवन के निर्माण में अभी चंद महीने ही हुए है। कुछ ही महीनों में घटियां निर्माण कार्य की पोल खूल गई है। अस्पताल भवन का ड्रेनेज सिस्टम घराब है पानी निकासी में दिक्कते आ रही है, कई जगह से टाईल्स गिरने की भी जानकारी सामने आई है। ठेकेदार द्वारा मरम्मत करने आनाकानी की जा रही है। अस्पताल प्रशासन की पीआईयू के अधिकारी को पत्र लिखकर परेशान है। इधर मुख्य अस्पताल भवन का भी कई जगह से प्लास्टर झड़ने लग गया है। ठेकेदार ने दोनों अस्पताल भवनों का निर्माण कार्य घटिया तरीके से किया है। अस्पताल परिसर में केन्द्रीय निधी से लगभग 17 करोड़ की लागत से 150 बिस्तरीय अस्पताल भवन का निर्माण कार्य किया गया।
इस अस्पताल भवन में महिला एवं बाल रोग ईकाई संचालित की जा रही है। दिसम्बर 2024 में महिला एवं बाल रोग ईकाई की नए भवन में शुरूआत हुई। चंद महीनों में ही भवन के घटिया निर्माण की पोल खुल गई है। दरअसल अस्पताल भवन का डे्रनेज सिस्टम पूरी तरह से फेल साबित हो गया है। पानी निकासी में परेशानी आ रही है। जगह-जगह पाईप लाईन चौक हो गई है। अस्पताल प्रशासन को अस्पताल संचालन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जब से अस्पताल भवन की शुरूआत हुई है।
तबसे ही ड्रेनेज सिस्टम की समस्याएं आ रही है। सहीं तरीके से ड्रेनेज सिस्टम नहीं लगाया गया। अस्पताल प्रशासन द्वारा पीआईयू अधिकारियों को समस्या के संबंध में बार-बार पत्र लिखकर आगह किया जा रहा है, लेकिन अधिकारी गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहे है। बारिश के पूर्व समस्या का समाधान नहीं किया तो हालात और बिगड़ जाएगे। बारिश का वार्डों में भी घूस सकता है
ठेकेदार सुधार कार्य में नहीं ले रहा रूचि
भवन निर्माण के टैंडर के समय ही यह तय कर लिया जाता है कि 5 वर्ष तक भवन में कोई भी समस्या आती है तो उसका मरम्मत कार्य ठेकेदार द्वारा किया जाएगा। 5 साल तक मैंटेनेंस कार्य ठेकेदार के रहते है। इसके बावजूद भी ठेकेदार द्वारा ड्रेनेज सिस्टमों और अन्य जगह मरम्मत को लेकर रूचि नहीं दिखाई जा रही है। पीआईयू विभाग की निगरानी में अस्पताल भवनों का निर्माण कार्य किया है। विभाग के अधिकारियों की निगरानियों के बावजूद भी अस्पताल भवनों का निर्माण कार्य घटियां तरीकों से हुआ है। चंद महीनों में ही भवन में कई तरह की समस्या सामने आई है। अस्पताल प्रशासन को पीआईयू विभाग के अधिकारियों द्वारा सुधार कार्य के लिए आश्वासन पर आश्वासन ही दिया जा रहा है।
भवन का कई जगह से गिरने लगा प्लास्टर
मुख्य अस्पताल भवन निर्माण को भी अभी पूरे पांच वर्ष पूरे नहीं हुए है। अभी से कई जगह से अस्पताल भवन की छत का प्लास्टर झड़ने लग गया है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है अस्पताल भवन का निर्माण कार्य में घटिया मटेरियल का इस्तेमाल हुआ है। इसी भवन में शौचालय की कई जगह से पाईप लाईन चौक होने से पानी छत से रिचते रहता है। और यहीं से प्लास्टर झड़कर गिरने लगा है। बारिश के समय भी कई जगह से अस्पताल की छत टपकती है। उल्लेखनिय है कि जब मुख्य अस्पताल भवन का शुभारंभ हुआ था उसी दौरान पहली बारिश में अस्पताल में बारिश का पानी घूस गया था। तत्काल अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्था बनाई थी। अब अस्पताल का प्लास्टर झड़ने लगा तो अस्पताल प्रशासन की फिर से चिंता बढ़ने लग गई है।
इनका कहना…….
ड्रेनेज सिस्टम खराब है तो इसकी मरम्मत करने का कार्य अस्पताल प्रशासन का है ना कि ठेकेदार का। कहीं से प्लास्टर गिर रहा है तो इसकी मरम्मत कर दी जाएगी।
जेएस बारस्कर, ईई पीआईयू, बैतूल
मुख्य अस्पताल में पानी रिसाव के कारण कई जगह से प्लास्टर गिरने झड़ने लगा है। नए अस्पताल भवन में ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से खराब है। दोनों भवनों की मरम्मत के लिए कई बार पीआईयू के अधिकारियों को पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक कोई सुधार कार्य नहीं किया है।
डॉ. जगदीश घोरे, सिविल सर्जन, जिला चिकित्सालय, बैतूल




