Betul News: कृषि मंडी में बिगड़े हालात, किसानों को उपज डालने तक नहीं मिल रही जगह

शेड और परिसर में व्यापारियों ने रखे अनाज के बोरे, जुर्माना लगाने में भी प्रशासन पीछे

Betul News: बैतूल। कृषि उपज मंडी की अव्यवस्थाओं को सुधारने जिले के कलेक्टर द्वारा कई बार निरीक्षण किए जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। इन दिनों मंडी में उपज की आवक लगातार बढ़ रही है, जिससे हालात और अधिक खराब होते जा रहे हैं। किसानों को अपनी उपज रखने के लिए खुले स्थान की तलाश करनी पड़ रही है, लेकिन पूरे परिसर में व्यापारियों द्वारा फैलाए गए बोरे उनकी परेशानी का कारण बने हुए हैं। मंडी के शेड के भीतर से लेकर परिसर के हर कोने में व्यापारी बड़े पैमाने पर अपनी खरीदी गई उपज के बोरे जमा करके बैठे हैं, जिसके कारण किसानों को जगह नहीं मिल रही है।

किसानों का कहना है कि वे सुबह से लेकर घंटों तक सिर्फ इस प्रयास में लगे रहते हैं कि कहीं तो अपनी उपज रखने की जगह मिल जाए, लेकिन पूरे परिसर में बोरे ही बोरे दिखते हैं। मंडी प्रशासन की ओर से भी इस स्थिति को संभालने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। बुधवार को कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने मंडी का निरक्षण कर व्यापारी बोरे तुरंत हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन गुरुवार को भी इसका कोई प्रभाव दिखाई नहीं दिया। मंडी सचिव का कहना है कि प्रतिदिन की अत्यधिक आवक से व्यवस्था बनाना कठिन हो गया है। उनका कहना है कि इतनी अधिक मात्रा में अनाज आ रहा है कि पूरा परिसर भी छोटा पड़ रहा है। इस समय सोयाबीन की भावांतर योजना के तहत खरीदी भी जारी है, जिससे भीड़ और बढ़ गई है।

25 हजार बोरे के पार पहुंची आवक

कृषि उपज मंडी बडोरा में इन दिनों रिकॉर्ड स्तर की आवक दर्ज की जा रही है। प्रतिदिन 20 से 25 हजार बोरे तक अनाज की आवक हो रही है। इसमें सबसे अधिक मक्का की मात्रा है, जिसकी प्रतिदिन की आवक 15 से 20 हजार बोरे तक पहुंच रही है। सोयाबीन और गेहूं की आवक भी जारी है, लेकिन उनकी मात्रा मक्का की तुलना में कम है। अधिकारियों का कहना है कि सीजन में हर साल इस तरह की भारी आवक होती है, लेकिन इस बार यह संख्या अपेक्षा से कहीं अधिक है, जिससे जगह की कमी की समस्या और गंभीर हो गई है।

ट्राली व्यवस्था पूरी तरह फेल

मंडी में व्यवस्था सुधारने के लिए ट्राली में खुली उपज लाने और नीलामी करने की योजना लागू की गई थी। विधायक और कलेक्टर दोनों ने इसके लिए निर्देश भी जारी किए थे, लेकिन यह व्यवस्था भी व्यवहार में सफल नहीं हो पा रही है। किसानों का कहना है कि वे कम मात्रा की उपज के लिए अलग से ट्रैक्टर या ट्राली बुक नहीं करा सकते। कई किसान एक ही ट्रैक्टर में बोरे भरकर मंडी पहुंचते हैं, जिससे परिवहन खर्च भी कम होता है। ऐसे में खुली उपज ट्राली में लाने की व्यवस्था किसानों के लिए व्यावहारिक नहीं है।

बोरों के उठाव की रफ्तार धीमी, व्यापारी कब्जा जमाए

मंडी परिसर में प्रमुख समस्या बोरे उठाने में व्यापारी द्वारा की जा रही लापरवाही है। व्यापारी अपने खरीदे गए अनाज को समय पर नहीं उठाते, जिससे मंडी में दिन-ब-दिन बोरे जमा होते जा रहे हैं। जितने बोरे शाम तक नहीं उठते, उससे कई गुना बोरे अगले दिन फिर जमा हो जाते हैं। इस कारण मंडी परिसर दिन-ब-दिन कम पड़ता जा रहा है। यदि व्यापारी तय समय पर बोरे उठा लें, तो मंडी की स्थिति में सुधार आ सकता है, लेकिन व्यापारी इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहे। जब भी अधिकारी निरीक्षण के लिए पहुंचते हैं, व्यापारी बोरे उठाने का आश्वासन देकर बच निकलते हैं। कई बार जब प्रशासन दबाव बनाता है, तो व्यापारी खरीदी बंद करने की धमकी तक दे देते हैं। इस कारण अधिकारी भी सख्त रुख नहीं अपना पा रहे। जबकि नियमों के अनुसार, समय पर बोरे नहीं उठाने पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए, लेकिन मंडी प्रशासन इस कार्रवाई से भी परहेज कर रहा है।

इनका कहना….

बोरों के उठाव में दिक्कतें आ रही हैं। व्यापारी जितने बोरे उठाते हैं, उतनी ही आवक शाम तक फिर आ जाती है। अत्यधिक आवक के कारण व्यवस्थाएं बिगड़ रही हैं, लेकिन उन्हें सुधारने का प्रयास जारी है।

सुरेश परते, मंडी सचिव, बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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