Betul News: केंद्रीय मंत्री और जिपं अध्यक्ष भी 13 करोड़ के घोटाले से बिफरे
Betul News: Union Minister and Zilla Parishad President also angry over Rs 13 crore scam

आदिवासी अंचल में गबन से जिले की छवि खराब हुई, कार्रवाई के लिए अब करेंगे उच्चाधिकारियों से शिकायत
Betul News: बैतूल। आंखों में पट्टी बांधकर करोड़ों का गबन होते रहा और जिला पंचायत से लेकर जनपद के अधिकारी केवल मूकदर्शक बने रहे। चिचोली और भीमपुर जनपद में छोटे कर्मचारियों ने 13 करोड़ से अधिक का गबन कर डाला, लेकिन वरिष्ठों को खबर नहीं लगने की बात अब किसी के गले नहीं उतर रही है। भले ही कलेक्टर और जिला पंचायत से दो अलग-अलग जांच चल रही है। पहली जांच में दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई भी होगी।
दूसरी जांच का सभी को इंतजार है। इस बीच आदिवासी अंचलों में हुए करोड़ों के गबन पर क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने चुप्पी तोड़ते हुए मामलों में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने घोटाले में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कही है। दूसरी ओर जिपं अध्यक्ष और राज्यमंत्री का दर्जा प्रात राजा पवार ने इस घोटाले पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा है कि गरीबों के हक पर डाका लाने वालों को किसी भी हाल में नहीं छोड़ा जाएगा।
जिले में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत भीमपुर और चिचोली जनपद में 13 करोड़ के घोटाले से जिले की छवि प्रदेश स्तर पर खराब हुई है। भले ही इस घोटाले में प्रारंभिक जांच के बाद ब्लाक समन्सयक और कंप्यूटर आपरेटरों को दोषी मानकर कार्रवाई प्रस्तावित की है, लेकिन जनपद सीईओ पर कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है। अब तक कांग्रेस और आदिवासी विकास परिषद समेत भाजपा के नेता भी सीईओ पर कार्रवाई के मोर्चा खुल चुके हैं।
इसके बावजूद प्रशासन ने सीईओ पर कार्रवाई प्रस्तावित नहीं की है। कहा जा रहा है कि मामले की जांच की जा रही है। यह जांच कब तक चलेगी्र कह पाना मुश्किल है। बीते दिनों प्रभारी मंत्री ने भी इस घोटाले में जांच के बाद आरोपियें पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। जिस तरह से प्रभारी नरेंद्र शिवाजी पटेल को शिकायातों का पुलिंदा सौंपा है, इससे वे भी आहत दिखाई दिए। सूत्र बताते हैं कि उन्होंने कलेक्टर से इस मामले में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के लिए निर्देश भी दे दिए हैं। इसके बाद संभावना दिखाई दे रही छोटे से लेकर बड़े अधिकारी तक जांच के दायरे में सकते हेँ।
केंद्रीय मंत्री की नाराजगी आई सामने
चिचोल-भीमपुर जनपद घोटाले में केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके की नाराजगी भी सामने आई है। किसी मीडिया(सांझवीर टाईम्स) को इस घोटाले में पहली बार प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए नई दिल्ली से दूरभाष पर उन्होंने बताया कि उन्हें भी मामले में जानकारी मिली है। घोटाला सामने आने से जिले की छवि धूमिल हुई है। श्री उइके ने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी हो उस पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए वे कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों से भी चर्चा करेंगे। उइके ने बताया कि आदिवासियों के हक को मारकर इस तरह का फर्जीवाड़ा दोबारा सामने न आए इसके लिए भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जाएंगे।
गरीबों के हक पर डाका डालने वालों को नहीं छोड़ेंगे: राजा
जिला पंचायत के तेज तर्रार और राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त राजा पवार ने करोड़ों के घोटाले पर पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत के अंतर्गत आने वाली भीमपुर और चिचोली जनपद में 13 करोड़ से अधिक के घोटाले से शर्मनाक स्थिति सामने आई है।
उन्होंने कहा कि गरीबों के हक पर डाका डालने वालों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। चाहे वह छोटा कर्मचारी हो या बड़ा, किसी को नहीं छोड़ेंगे। जांच में जो भी स्थिति सामने आएगी उसके आधार पर कार्रवाई तय करने के लिए अधिकारियों से लगातार संपर्क करूंगा। राज्यमंत्री पवार ने दोहराया कि गरीबों-आदिवासियों के साथ धोखाधड़ी करने वाले छोटे और बड़े जो भी अफसर मामले में दोषी पाए जाते हैं उन पर हर हाल में कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि जिले के कलेक्टर अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ लोगों ने इस तरह का घोटाला कर जिले की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है।




