Betul News: मरीज के साथ मारपीट की जांच पूरी, सार्वजनिक करने में परहेज

Betul News: Investigation into assault on patient complete, refrain from making it public

सीएमएचओ के पास टीम ने चार दिन पहले दे दी रिपोर्ट, अब कलेक्टर के पास भेजने का हवाला

Betul News: बैतूल। जिले के प्रभातपट्टन बीएमओ द्वारा एक मरीज के साथ गुंडाई स्टाइल में मारपीट के मामले में सीएमएचओ द्वारा गठित जांच टीम ने चार दिन पहले रिपोर्ट सौंप दी है। हालांकि यह रिपोर्ट अब तक न तो सार्वजनिक की गई है और न ही कलेक्टर के पास भेजी गई है। सीएमएचओ अब इस मामले में गुमराह करने वाली जानकारी देकर मीडिया को भी बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। इससे मारपीट जैसे गंभीर मामले में कही न कही प्रशासनिक तंत्र की चूक सामने आ रही है।

प्रभातपट्टन के बीएमओ डॉ जितेंद्र आत्रे ने कुछ दिनों पहले एक मरीज की अस्पताल में उस समय बुरी तरह से पिटाई कर दी थी, जब वे अपने परिजन का इलाज करने के लिए उनसे आग्रह कर रहे। बीएमओ यह भूल बैठे थे कि वे जिम्मेदार पद पर बैठे हैं। उन्होंने केवल सामान्य पूछताछ के बाद मरीज के परिजन पर जमकर हाथ-घूसे बरसाएं।

इसका वीडियो वायरल होने के बाद कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने सीएमएचओ को जांच के निर्देश दिए थे। सीएमएचओ डॉ मनोज हुरमाड़े ने 12 सितंबर को तीन सदस्यीय जांच दल में डॉ संजय खातरकर, डॉ राजेश परिहार और डॉ संगम मांडवे को शामिल कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। बताया जाता है कि टीम ने निर्धारित समयावधि में जांच करने के बाद रिपोर्ट सीएमएचओ को सौंप दी है।

पांच दिन में टेबल पर धूल खा रही रिपोर्ट

इस गंभीर मामले में कलेक्टरों के निर्देशों की भी अवहेलना हो रही है। चूंकि कलेक्टर ने ही सीएमएचओ को जांच कर प्रतिवेदन सौंपने के निर्देश दिए थे, लेकिन पांच दिन बाद भी रिपोर्ट कलेक्टर को नहीं सौंपी है। कहा जा रहा है कि सीएमएचओ तीन दिन के अवकाश पर गए थे। हालांकि उन्हें अवकाश से लौटकर आने को भी तीन दिन का समय बीत चुका है। बुधवार को इस प्रतिनिधि ने सीएमएचओ डॉ हुरमाड़े से रिपोर्ट को लेकर चर्चा की थी तो उन्होंने कहा था कि अवकाश पर जाने के कारण रिपोर्ट देख नहीं पाए।

दोपहर में सेहरा में केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके साथ थे। शाम को रिपोर्ट देखने के बाद जानकारी दे पाएंगे। अगले दिन गुरुवार को जब जानकारी के लिए काल किया तो उन्होंने अपना मोबाइल किसी कर्मचारी को देकर व्यवस्तता का हवाला देते बताया कि वे कमिश्रर के साथ चिचोली में है। इस वजह बात नहीं कर पाएंगे, लेकिन कुछ देर बाद उन्हें दूसरे नंबर से काल किया तो स्वंय ने फोन उठाया और बात भी की। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट का प्रतिवेदन कलेक्टर को भेजा जाएगा तो आपको सबसे पहले जानकारी दी जाएगी। हालांकि उनके फोन अटेंड न करने और दूसरे मोबाइल से फोन रीसिव करने से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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