Betul Samachar: आजीविका मिशन के ऑफिस में बंगला शिफ्ट करने का चौतरफा विरोध
Betul Samachar: All round opposition to shifting of bungalow in livelihood mission office

नपा उपाध्यक्ष, पूर्व अध्यक्ष और पार्षदों ने भी व्यर्थ खर्च पर जताई नाराजगी
Betul Samachar: बैतूल। जिला मुख्यालय की नगरपालिका के सीएमओ तो अपने एक निर्देश जारी कर विवादों में घिर गए। उन्होंने अपने अधीनस्थों को लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम के पास राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के दफ्तर को अपना बंगला बनाने का निर्णय लिया। अब उनके इस निर्णय की चारों ओर आलोचना हो रही है। भाजपा समेत कांग्रेस के पार्षद उनके इस निर्णय को गलत बता रहे हैं। पार्षदों का कहना है कि पहले कोई भी निर्णय लेने से पहले इसे परिषद में रखना था। उसके बार पूरी प्रक्रिया के अनुसार निणर््य लिया जाना था। सांझवीर टाईम्स में बंगला स्थानांतरण करने संबंधी समाचार प्रकाशित होने के बाद लोग भी तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
बैतूल नगरपालिका के सीएमओ अपने निर्णय के कारण चर्चा में है। नगरपालिका की आर्थिक स्थित ठीक नहीं होने के बावजूद वे खर्चीले निर्णय ले रहे हैं। सीएमओ के निर्णय खुद पार्षदों के गले नहीं उतर रहे। नगर पालिका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी पूर्व में लिए गए कुछ निर्णय की आलोचना कर चुके हैं। उधर पूर्व सीएमओ ओमपाल सिंह भदोरिया ने अपना तबादला टीकमगढ़ हो जाने के बाद सदर में मिला बंगला खाली कर दिया। वर्तमान में सीएमओ सतीश मटसेनिया किराए के मकान निवास कर रहे हैं।
अब वर्तमान सीएमओ को पूर्व सीएमओ द्वारा खाली किए गए बंगले में शिफ्ट होना था, लेकिन उन्होंने कई तरह की समस्याएं नजर आ रही है। इन परेशानियों को देखते हुए उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम के पास राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के कार्यालय को अपना बंगला बनाने का निर्णय लिया है। कर्मचारियों की माने तो उन्होंने परिवार सहित इस बंगले का निरीक्षण कर इसे फाइनल कर दिया, लेकिन मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद फिलहाल कार्यालय की केवल रंग रोगन किया जा रहा है।
पार्षदों ने भी जताई आपत्ति
पूरे मामले में नगर पालिका की राजनीतिक गरमा गई है। बताया जाता है कि कल नगर पालिका अध्यक्ष पार्वती बारस्कर ने अपनी नाराजगी जाहिर की थी, जबकि अन्य पार्षद भी सीएमओ के इस निर्णय से खुश नहीं थे। सभी का कहना था कि निर्णय जो भी लिए जाए परिषद की बैठक में लिए जाने चाहिए, लेकिन सीएमओ एकतरफा आदेश देकर 1 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के ऑफिस को बंगले में शिफ्ट करने जा रहे हैं।
इससे गरीबों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। सभी ने एक स्वर में कहा है कि नपा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत पार्षदों को विश्वास में लेकर निर्णय लेना चाहिए, क्योंकि जनता ने उन्हें चुनकर नगरपालिका में भेजा है। मनमर्जी के निर्णय से नगरपालिका को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
10 लाख के रिनिवल पर छिड़ी बहस
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के दफ्तर में सीएमओ अपना बंगला शिफ्ट करने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि यह इमारत काफी पुरानी है। इसके रंग रोगन और मरम्मत में करीब 10 लख रुपए का खर्च आ रहा है। सूत्र बताते हैं कि इसके लिए किसी बंटी ठेकेदार को निर्देश दिए गए है। उनके द्वारा एस्टीमेट भी बना दिया गया है। हालांकि सांझवीर टाईम्स में खबर प्रकाशित होने के बाद इस महीने में बदलाव की चर्चा भी है। उधर नपा के पार्षद भी इस बात से खासे नाराज है कि निर्माण कार्यों को महत्व नहीं दिया जा रहा और बंगले के रिन्यूअल के लिए 10 लख रुपए खर्च किए जा रहे हैं, यह निर्णय सही नहीं है।
इनका कहना…
मुझे इस संबंध में जानकारी नहीं है। आपके माध्यम से पता चला है कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन कार्यालय को सीएमओ का बंगला बनाया जा रहा है। ऐसा निर्णय गलत है, सभी से राय लेकर कार्यालय और बंगला शिफ्ट किया जाना चाहिए।
महेश राठौर, नपा उपाध्यक्ष, बैतूल
जिस तरह बंगला शहर के मध्य आजीविका मिशन के दफ्तर में शिफ्ट किया जा रहा है या गलत निर्णय है। पीआईसी की बैठक में इस तरह के निर्णय लेने चाहिए। कार्यालय दूर होने से गरीबों को आवागमन में परेशानी होगी।
आनंद प्रजापति, पूर्व नपा अध्यक्ष एवं पार्षद विकास वार्ड, बैतूल
कार्यालय की जगह बंगला और बंगले की जगह कार्यालय शिफ्ट करने का निर्णय एकदम गलत है। यदि जरूरत थी तो बैठक में भी इस बारे में चर्चा कर निर्णय लिया जा सकता था। मरम्मत के लिए लाखों रुपए खर्च करना ठीक नहीं है।
कैलाश धोटे, पूर्व सांसद प्रतिनिधि, नपा बैतूल।
मुझे इस बारे में आपके माध्यम से पता चला है, लेकिन सीएमओ का यह निर्णय गलत है। बंगला यदि कार्यालय में शिफ्ट करना था तो पीआईसी की बैठक में चर्चा की जा सकती थी। अध्यक्ष से भी पूछ कर निर्णय लेना चाहिए था।
विकास प्रधान, सभापति लोक निर्माण शाखा, नपा बैतूल
कांग्रेस पार्षदों के वार्डों में काम नहीं किया जा रहे हैं। हम लोगों को बताया जा रहा है कि वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है, फिर बंगले के रंग रोगन के लिए लाखों रुपए खर्च किया जाना, कहां तक ठीक है। हम इसका विरोध करते हैं।
राजकुमार दीवान नेता प्रतिपक्ष, नपा बैतूल




