Betul Ki Khabar: कम होने लगी हैंडपंप और ट्यूबवेल की धार

Betul Ki Khabar: The flow of hand pumps and tube wells started decreasing

नीचे गिरते जा रहा जलस्तर, 15 नलजल योजनाएं बंद

Betul Ki Khabar: बैतूल। अभी तो मार्च माह की शुरुआत ही हुई है। तेजी से जल स्तर नीचे गिरते जा रहा है। जल स्तर गिरने से हैंडपंप और ट्यूबवेल में पानी की धार कम होते जा रही है। इसी तरह जल स्तर से तेजी से कम होते गया तो गर्मी के दिनों में कई क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति निर्मित हो सकती है। अभी से कुछ क्षेत्रों में जलसंकट की आहट महसूस होने लगी है। जल स्तर कम होने से कई नलजल योजनाएं बंद है तों कई हैंडपंप भी बंद हो गए हैं। ऐसी स्थिति में पीएचई विभाग के अधिकारियों की चिंता बढ़ने लगी है। प्रतिवर्ष देखने में आता है कि जल स्तर कम होने के कारण कई क्षेत्रों में जलसंकट की स्थिति निर्मित हो जाती है और लोगों को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में जमीन का जलस्तर तेजी से कम होते जा रहा है। इसका असर अभी से जलस्रोतों पर दिखाई देने लगा है। अभी तो गर्मी की शुरुआत हुई है। आगे आने वाले दिनों में जल संकट की स्थिति निर्मित हो सकती है। पीएचई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पानी के अभाव में जिले की 15 नलजल योजनाएं बंद पड़ी हैं। तेजी से जल स्तर कम होने के कारण इन नलजल योजनाओं को शुरू नहीं किया जा सकता है। जब तक जल स्तर नहीं बढ़ेगा तब तक यह नलजल योजनाएं प्रभावित रहेगी। जिले के 320 हैंडपंपों का जल स्तर कम होने से पानी कम आने लगा है। जिसमें से 40 हैंडपंप ऐसे हैं, जिनमें में पाइप लाइन गहराई में डालकर चालू किया जा सकता है। ऐसे हैंडपंपों को सुधारनेे का काम जारी है। कुछ हैंडपंप तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़े हैं। उन्हें सुधारने का काम किया जा रहा है, ताकि लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान न होना पड़े।

मार्च माह की शुरुआत में बढ़ने लगी परेशानी

मार्च माह की शुरुआत में ही कुछ गांव में पीने के पानी की समस्या खड़ी होने लगी है। जिन गांव में नलजल योजनाएं बंद है। उन गांवों में पीने के पानी के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में हैंडपंप मौजूद है, लेकिन पानी कम होने लगा है। ग्रामीणों की चिंता बढ़ने लगी है। 15 गांव ऐसे हैं, जहां पर नलजल योजनाएं बंद है, जिसके कारण घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। देखने में आता है कि प्रतिवर्ष गर्मी की शुरुआत में ही जलस्रोत दम तोड़ने लगते हैं। कई क्षेत्रों में जल जीवन मिशन योजना का काम भी पूरा नहीं हो सका है।

इसी माह लग सकता है खनन पर प्रतिबंध

जलसंकट की आहट को देखते हुए इसी माह में कभी भी बोर खनन पर प्रतिबंध लग सकता है। पिछले वर्ष भी मार्च के पहले पखवाड़े में ही बोर खनन पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस वर्ष भी खनन पर प्रतिबंध लग सकता है। प्रतिबंध लगने के पहले ही रातोंरात अब बोर खनन किए जा रहे हैं। शहर में भी कई जगह आसानी से बोरिंग मशीनों को बोर खनन करते देखा जा सकता है। लोगों को भी मालूम है कि गर्मी के दिनों में कभी भी खनन पर प्रतिबंध लग जाएगा, इसलिए वे पहले ही बोर खनन करने में लगे हैं।

इनका कहना…

जल स्तर कम होने से 15 नलजल योजनाएं और 320 हैंडपंप बंद है। अब जमीन का जलस्तर नीचे गिरने से जलस्रोतों में कम होना शुरू हो गया है।

मनोज बघेल, ईई पीएचई बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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