Betul Samachar: खातरकर के इस्तीफे की स्क्रिप्ट भाजपा के किस पूर्व नेता ने लिखी?
Betul Samachar: Which former BJP leader wrote the script of Khatarkar's resignation?

सोशल मीडिया पर जमकर सवाल, कुंबी समाज को आड़े हाथ लेकर इस्तीफा देने वाले नेता जमकर हो रहे ट्रोल
Betul Samachar: बैतूल। जिले के बहुसंख्यक कुंबी समाज को आड़े हाथों लेकर अपने ही पार्टी के नेताओं पर कटाक्ष करने के बाद पार्टी छोड़ने वाले कांग्रेस सेवा दल के सारणी ब्लाक अध्यक्ष नारायण खातरकर सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो रहा है। उन्होंने स्थानीय भाजपा विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे का कुंबी समाज द्वारा अपमान किए जाने से आहत होकर सेवा दल के साथ कांग्रेस छोड़ने का ऐलान किया था। उनके इस्तीफे के बाद राजनीति में भूचाल आया हुआ है। सोशल मीडिया पर इस्तीफा डालने के बाद खुद कांग्रेस छोड़ने वाले नेता सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो रहे हैं। दरअसल उनकी पोस्ट में सवाल किया गया है कि भाजपा के पूर्व नेता के इशारे पर उन्होंने कांग्रेस छोड़ी है। इसी को लेकर जमकर बवाल मचा है।
कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति का ही असर है कि जिले में कांग्रेस के दो फाड़ दिखाई दे रहे हैं। इसी दो फाड़ में रहने वाले कांग्रेसी एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए तरह-तरह के बयान जारी कर आए दिन सुर्खियों में रहते हैं। सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता दिखाने के लिए अपनी पार्टी को ही निशाना बनाने से नहीं चुक रहे हैं। इसकी बानगी कई बार देखने को मिल रही है। ताजा मामला सारणी के ब्लाक सेवा दल के अध्यक्ष नारायण खातरकर से जुड़ा है। वे पिछले 20 वर्ष से पार्टी से जुड़े अनुसूचित जाति वर्ग के सक्रिय नेता कहे जाते हैं। उनके बारे में कहा जाता है कि वे बैतूल के पूर्व विधायक निलय डागा के काफी करीबी रहे हैं।
यह बात उनके इस्तीफे में भी सार्वजनिक रूप से दिखाई दी है। उन्होंने यह जो इस्तीफा कांग्रेस सेवा दल के जिला अध्यक्ष के नाम भेजा है, उसकी प्रतिलिपि जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत वागद्रे के अलावा पूर्व विधायक निलय डागा को भी भेजी गई है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि वागद्रे तो कांग्रेस जिला अध्यक्ष है, उन्हें प्रतिलिपि दी जा सकती थी, लेकिन पूर्व विधायक डागा को उन्होंने अपनी इस्तीफे की प्रतिलिपि भेजकर साबित किया है कि वे उनके काफी करीब है।

कुंबी समाज के कांग्रेस नेताओं पर आरोप
खातरकर ने जिस तरह से कांग्रेस सेवा दल और पार्टी से इस्तीफा देकर स्थानीय भाजपा विधायक द्वारा कुंबी समाज को निशाना बनाने को मुख्य वजह बताया है। हालांकि राजनीतिक जानकार बताते हैं कि कांग्रेस विचारधारा वाला व्यक्ति किसी भाजपा के जिम्मेदार पदाधिकारी या जनप्रतिनिधि के समर्थन में आकर ही शायद इस्तीफा दे। इस इस्तीफा के पीछे वास्तविक कारण कुछ और हो सकते हैं। कहा जा रहा है कि इसे कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति से भी जोड़ा जा सकता है। जिस तरह उन्होंने अपने इस्तीफा पूर्व कैबिनेट मंत्री सुखदेव पांसे और जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत वागद्रे को कुंबी समाज से आने और कुंबी समाज पर ज्यादा ध्यान देने की बात कही है। इससे साफ जाहिर है कि वे जिले की कांग्रेस राजनीति के प्रमुख दो नेताओं को निशाना बनाकर अपने राजनैतिक सन्यास का एलान कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर खूब हो रहे ट्रोल
इस्तीफा देने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर जो पोस्ट डाली है उस पर भी कांग्रेस नेता खातरकर जमकर ट्रोल हो रहे हैं। उनके इस्तीफे पर कांग्रेस नेता भूषण कांति ने लिखा है कि यह इस्तीफा भाजपा के पूर्व नेता द्वारा लिखी गईप्रतीत होती है। अति महत्वकांक्षाओं के चलते लोग अपना जमीर बेच देते हैं। अनिल भूमरकर ने भावी भाजपा विधायक लिखकर अग्रिम शुभकामनाएं दी। सन्नी भूमरकर ने चुटकी लेते लिखा है कि नागनाथ+ सांपनाथ= दोनों एक ही पार्टी, इस बात का ध्यान रखे।
रमेश भूमरकर ने लिखा है कि कांग्रेस पार्टी गलत नहीं, सारणी के कांग्रेस नेता फूल छाप नेता बनकर रह गए है। संतोष चौकीकर ने लिखा है कि आप ने खेल बहुत अच्छा खेला है, भविष्य में बाजी आपके हाथ में आ ही जाना चाहिए। चलो आगे देखते हैं। संजीत कुमार चौधरी ने देर आए दुरुस्त आए कि बात लिखकर शुभकामनाएं दी हैं। नन्हें चंद्रवंशी ने कमेंट्स कर लिखा है कि नारायण बाबू डूबती नाव की सवारी मत करिए, उसमें पहले से ही बड़ा होल हो चुका है, उसका डूबना तय है।




