Prashasnik Kona: प्रशासनिक कोना: महिला अधिकारी की रवानगी के पीछे 25 पेटी के लेनदेन का सच क्या है?? एक साहब के चक्कर में किसकी बढ़ी परेशानी??? किस मामले में विभागीय अधिकारियों को काटना पड़ रहा जबलपुर के चक्कर???? विस्तार से पढ़िये हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में……
Prashasnik Kona: Administrative Corner: What is the truth behind the departure of the lady officer and the transaction of 25 boxes??

आखिर अधिकारी की क्यों हुई रवानगी?
पिछले दिनों बड़े साहब ने प्रशासनिक दृष्टि से तबादले किए। इसमें एक महिला अधिकारी भी शामिल हैं जो अपने क्षेत्र में विवादों के कारण खूब सूर्खियों में रही। इन्हें संभाग के बड़े अधिकारी की जमकर फटकार मिल चुकी है। पिछले दिनों बड़े साहब ने इन पर गाज गिरा दी। जब वास्तविकता पता चली तो सभी के पैरों की तले की जमीन खिसक गई। चर्चा है कि मैडम ने अपने क्षेत्र में पदस्थापना के दौरान एक चर्चित कांग्रेस नेता की एक जमीन के मामले में नामांतरण करने पर 25 पेटी के वारे-न्यारे कर दिए। चूंकि मामला करोड़ों से जुड़ा था, इसलिए कांग्रेस नेता ने भी हाथो-हाथ 25 पेटी देकर अपने सीनियर अधिकारी को भी धोखे में रख दिया। यह जानकारी जैसे ही बड़े साहब तक पहुंची तो उन्होंने तबादला आदेश जारी कर दिया। यह पहला मौका नहीं जब मैडम ने 25 लाख की तोड़ी कर अपने वरिष्ठ अधिकारियों को भी परेशानी में डाला हो।
इनका विरोध उन पर भारी
एक बहुसंख्यक समाज के नेता के आत्महत्या के मामले में क्षेत्र के यूनिफार्म वाले विभाग प्रमुख पर कार्रवाई न होने से आक्रोश पनपता जा रहा है। चर्चा है कि उनसे दो नंबर की हैसियत वाले अधिकारी को तो रूखस्त कर दिया, लेकिन क्षेत्र के यूनिफार्म विभाग के प्रमुख इस अधिकारी को नहीं हटाने से समाज के लोगों ने माननीय के प्रति भी नाराजगी जताना शुरू कर दिया। जब उन्हें अधिकारी के हटाने का केवल आश्वासन ही मिला तो नाराजगी और बढ़ गई। चर्चा है कि पिछले दिनों समाज की एक जयंती के कार्यक्रम में भी माननीय को आमंत्रित नहीं किया गया। अब यदि उपरोक्त अधिकारी की क्षेत्र से रवानगी नहीं हुर्ह तो चर्चा है कि समाज के लोग बड़े स्तर पर मोर्चा खोल सकते हैं।
एक केस को लेकर उलझी बढ़ी उलझन
उच्च न्यायालय में यूनिफार्म वाले विभाग के अधिकारी इस समय खासे परेशान है। मामला एक याचिका को लेकर बताया जा रहा है। चर्चा है कि जिस विद्वान न्यायाधीश की अदालत में यह मामला लगा है, वे नौकरशाही को लेकर बहुत कठोर निर्णय लेने के लिए जाने जाते हैं। इसी वजह पिछले 2-3 सप्ताह में विभाग की एक महिला अधिकारी दो मर्तबा उच्च न्यायालय जा चुकी है, ताकि कोई रास्ता निकालकर दूसरी जगह मामला ट्रांसफर करवा चुके। हालांकि महिला अधिकारी को सफलता हाथ नहीं लगी है, अब विभाग के अधिकारी भी मान रहे हैं कि उनसे गलती हो गई और गलत लोगों की सलाह में जबरन उलझ कर रह गए।




