Betul News : नपा ने यूनीपोल की अनुमति देकर अपने पैरों पर ही मारी कुल्हाड़ी 

एक होर्डिंग में 20 हजार और यूनीपोल में 4 लाख बनता है किराया, लाखों का राजस्व का नुकसान

Betul News : बैतूल (सांझवीर सतत)। अंधा बांटे रेवड़ी, चिन-चिन कर दें की तर्ज पर बैतूल नगरपालिका ने जिस फर्म को होर्डिंग  लगाने की अनुमति दी, उसे यूनीपोल लगाने का भी सुअवसर प्रदान कर दिया। नपा के जिम्मेदार अधिकारियों को यह फिक्र नहीं थी कि फर्म को केवल होर्डिंग लगाने के लिए 34 बिंदुओं की शर्त पर अनुमति दी है। इन शर्तों में यूनीपोल शब्द का कही उल्लेख नहीं है, इसके बावजूद फर्म को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार कर तगड़ा नुकसान कर डाला है।

दरअसल ठेकेदार ने अपनी पसंद बताई और नपा ने गड्ढें खोदकर यूनीपोल लगाने की नियम के विरूद्ध अनुमति दे डाली। वास्तव में हकीकत यह है कि एक होर्डिंग  20 हजार रुपए और यूनीपोल 4 लाख रुपए में बनता है। किराए में काफी अंतर नपा के राजस्व की कहानी को बयां कर रहा है। चौकाने वाली बात यह है कि नपा को यह नहीं पता है कि यूनीपोल और होर्डिंग शब्द में अंतर क्या है? वे दोनों को एक ही मानकर नपा का ही नुकसान करने में लगे हैं।

जिला मुख्यालय की नपा में कुछ छुटभैए नेताओं का बोलबाला है। इन्हीं के तथाकथित प्रयास से नपा को कितना ही नुकसान क्यों न हो जाए, अधिकारी भी आंख बंदकर उनके सुझावों पर ठप्पा लगा दे रहे हैं। यह सिलसिला कोई नया नहीं है, लंबे समय से तथाकथित राजनैतिक संरक्षण के कारण नपा को तगड़ा नुकसान हो चुका है। ताजा मामला एक फर्म को तीन वर्ष के लिए होर्डिंग  लगाने से जुड़ा है। पहले तो फर्म को नपा ने छूट देते हुए एक वर्ष का टैक्स 25 लाख रुपए न जमा करने का अवसर दे दिया।

आरोप लग रहे हैं कि 6 लाख रुपए ही जमा करवाए गए। बाकी तीन किश्तों में चेक लेकर फर्म को राजनैतिक दबाव के कारण छूट दे दी गई। कायदे से पूर्व की तरह टेंडर प्रक्रिया के अनुसार एक वर्ष की राशि अग्रिम जमा करवाना था, लेकिन फर्म को फायदा पहुंचाने के लिए छूट दे दी गई। मामला बढ़ा तो नपा के जिम्मेदार कह रहे हैं कि 12 लाख रुपए जमा कराया है। यदि 12 लाख जमा कराए हैं तो भी नियम के विरूद्ध है। यही नपा के जिम्मेदार फंसते नजर आ रहे हैं।

यूनीपोल के नाम पर दे दी छूट

जानकार सूत्र बताते हैं कि यूनीपोल लगाने की प्रक्रिया का टेंडर प्रक्रिया में कहीं भी उल्लेख नहीं किया है। इसके बावजूद शहर के पांच स्थानों पर फर्म को नियम के विरूद्ध  यूनीपोल लगाने की अनुमति दे दी गई है। जबकि ऐसा विकल्प का प्रावधान शर्तों में ही नहीं है। इसके बावजूद पांच स्थानों पर होर्डिंग  के अलावा यूनीपोल लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। वह भी ठेकेदार ने अपनी पसंद के अनुसार लोकेशन बताकर यूनीपोल लगाने का काम शुरू कर दिया।

जानकार बताते हैं कि नपा ने यूनीपोल लगाने की अनुमति देकर अपने पैर पर ही कुल्हाड़ी मार ली है। दरअसल यदि यूनीपोल लगाने के लिए नपा अलग से टेंडर लगाती तो एक यूनीपोल के 4 लाख यानी 5 यूनीपोल के 20 लाख की आमदानी हो जाती, लेकिन महज 20 हजार के होर्डिंग  के किराए में फर्म को यूनीपोल लगाने की भी अनुमति देकर नपा ने अपना ही नुकसान कर डाला है।

यहां पर भी फर्म को नियम विरूद्ध दिया फायदा

सूत्र बताते हैं कि नपा ने होर्डिंग  नीलामी की शर्तों का भी उल्लंघन कर फर्म को फायदा पहुंचाने के जमकर प्रयास किए हैं। इसका एक और उदाहरण सामने आया कि होर्डिंग नीलामी की शर्त क्रमांक 10 मेें स्पष्ट उल्लेख किया है कि 5 प्रतिशत परफार्मेंस राशि आनलाइन जमा करना अनिवार्य है। यहां फर्म ने उक्त राशि जमा ही नहीं की। जानकार बताते हैं कि ऐसे में यदि ठेकेदार किसी कारणवश टेंडर छोड़ता है तो बकाया राशि कैसे वसूली होगी? इसका भी नपा के जिम्मेदारों के पास कोई जवाब नहीं है। कुल मिलाकर एक फर्म विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए होर्डिंग नीलामी प्रक्रिया में जिस तरह नियमों का मखौल उड़ाया है, इससे नपा के जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली की पोल खुल रही है। दबी जुबान से इसे मिलीभगत भी कहा जा रहा है।

इनका कहना…

होर्डिंग और यूनीपोल एक ही शब्द है। पूरी प्रक्रिया राजपत्र के अनुसार की गई है। दोनों के किराए भी एक है। इसके बाद यदि नियम विरूद्ध कुछ हो रहा होगा तो हम सीएमओ साहब से चर्चा कर कार्रवाई करेंगे।

ब्रजगोपाल परते, राजस्व निरीक्षण नपा बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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