Nal-Jal Yojana: अब कमिश्नर की बैठक में गूंजेगा घटिया नलजल योजना का मामला
Nal-Jal Yojana: Now the issue of poor tap water scheme will be heard in the commissioner's meeting.

सरकारी पैसों के दुरुपयोग पर विधायकों का गुस्सा सातवें आसमान पर, केंद्रीय मंत्री भी नाराज
Nal-Jal Yojana: बैतूल। जिले के लगभग सभी ब्लॉकों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत नलजल योजनाओं की बदहाली को लेकर अब पांचों विधायकों का गुस्सा सातवें आसमान पर नजर आ रहा है। खबर है कि जल जीवन मिशन में बड़ी लापरवाही और भ्रष्टाचार के बाद क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके भी खासे नाराज बताए जा रहे हैं। वे मामले में शीघ्र ही कलेक्टर से चर्चा कर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध न होने और शासन की योजना को पलीता लगाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए चर्चा करेंगे।
इधर कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी पिछले दिनों के साथ हुई बैठक में विधायकों ने पीएचई अधिकारियों की जमकर क्लास ली थी। विधायक हेमन्त खंडेलवाल ने योजना को दुरुस्त करने के लिए जहां अधिकारियों को सख्त अल्टीमेटम दिया था। आमला विधायक डॉ योगेश पंडाग्रे ने भी यहां तक कह दिया था कि अधिकारी यदि गम्भीरता से काम नहीं कर सकते तो अपने लिए दूसरी जगह देख लें, लेकिन अब नलजल योजना का यह मामला आगामी कमिश्नर की बैठक में भी गूंजने वाली है। कमिशनर के आगामी दौरे पर यह मामला सबसे प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसमें पुराने और नए जिन भी अधिकारियों की लापरवाही है, उन पर कार्रवाई तय कर राज्य शासन को भी प्रस्ताव भेजा जा सकता है। दूसरी तरफ पीएचई के अधिकारी अब इस योजना को चाक चौबंद कराए जाने का दावा भी कर रहे हैं ।
बैठक के सेकंड फेज में जमकर हंगामा होने की आशंका
जिस तरह से जिले में नल जल योजना का काम पूरे 4 साल बाद भी अधूरा पड़ा हुआ है, वहीं इस योजना के अंतर्गत खर्च किए गए करोड़ों-अरबों रुपए ने जनप्रतिनिधियों के भी कान खड़े कर दिए है। उनके क्षेत्र की जनता इस महत्वकांक्षी योजना को लेकर उन्हीं से सवाल कर रही है। मुलताई विधायक चंद्रशेखर देशमुख ने बताया कि क्षेत्र में नल जल योजना के सुचारू रूप से संचालन ना होने को लेकर उन्हें कई शिकायतें भी ग्रामीणों से मिल चुकी थीं। गत दिनों इस संबंध में कलेक्टर की उपस्थिति में पीएचई के अधिकारियों के साथ बैठक की गई थीं।
बैठक में अधिकारियों को साफ तौर पर निर्देशित कर दिया गया था कि मुलताई विधानसभा की जिन ग्राम पंचायतों में नल जल योजना का काम अधूरा पड़ा हुआ है, उसे जल्द से जल्द पूर्ण कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सकें। देशमुख ने बताया कि 4 अक्टूबर को नर्मदापुरम कमिश्रर की बैठक भी बैतूल जिला मुख्यालय पर होने वाली है। उनकी विधानसभा में नल-जल योजना का लाभ जो ग्रामीणों को अभी तक मिल जाना था, वह कोसो दूर नजर आ रहा है। कमिश्नर की बैठक में नल -जल योजना का यह मामला पूरे जोर-शोर से उठाकर उन्हें वास्तविकता से अवगत कराया जाएगा।
विभाग कर रहा योजना पूर्ण करने का दावा
पिछले चार वर्षों में जिले के सभी ब्लॉकों में नल जल योजना के काम में पीएचई विभाग करोड़ों-अरबों रूपए फूंक चुका है। ग्रामीणों को पानी मिल रहा है या नहीं, नल जल योजना के हाल क्या है, यह देखने तक की किसी को फुर्सत नहीं थीं, लेकिन जब संाझवीर टाईम्स ने एक के बाद एक योजना की बदहाली और करोड़ों-अरबों रूपए की नुकसानी के मामलों का खुलासा करना शुरु किया तो जनप्रतिनिधियों ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया और अधिकारियों से सख्ती से सवाल-जवाब करने शुरु किए थे, जिसके बाद अब पीएचई के अधिकारी यह दावा कर रहे हैं कि जिल ग्राम पंचायतों में नल-जल योजना के काम अधूरे पड़े हुए है।
उन्हें पूर्ण कराए जाने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। अब अधिकारियों के इस दावे में कितना दम है यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन सेकंड फेज में होने वाली कमिश्नर की बैठक में विधायकों द्वारा यह मामला पूरी ताकत से उठाया जाएगा और तीसरे फेज में मामला सीधे राजधानी पहुंचने की भी संभावना नजर आ रही है।
टीएल में भी कलेक्टर की अधिकारियों को जमकर फटकार
सांझवीर टाईम्स द्वारा जिले की जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत कार्य में बरती गई बड़ी लापरवाही गूंज टीएल में भी गंूजी है। पहले भी जिला पंचायत की सामान्य सभा में विधायकों की बैठक में यह मामला सुर्खियां बन चुका है। गत दिनों हुई टीएल की बैठक में कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के तेवर अपूर्ण कार्य को लेकर काफी तीखे दिखाई दिए।
उन्होंने पीएचई के अंतर्गत जल जीवन मिशन के अंतर्गत उन कार्यों को पूर्ण होने पर जनपद पंचायत के हैंडओवर करने के लिए सीईओ को निर्देशित किया। उन्होंने पीएचई के ईई को फटकार लगाते हुए कहा कि उक्त कार्य पूर्ण न होने और कमी रहने की स्थिति में लापरवाही क्यों बरती जा रही है? उन्होंने ईई को जमकर फटकार लगाते कहा कि जनपद के अधिकारियों के साथ बैठकर पूरे कार्य वालों की सूची तैयार कर निरीक्षण करें। जनपद पंचायत और ग्राम पंचायतों का नाम, स्वीकृत काम का नाम, कार्य की वर्तमान स्थिति की जानकारी दो दिन में प्रस्तुत करें। कलेक्टर के तेवर के बाद पीएचई के अधिकारियों को हड़कंप मचा है।
इनका कहना..
नल जल योजना के अधूरे कामों को गंभीरता से लिया गया है। 4 अक्टब्ूार को कमिश्रर की बैठक में भी मामला रखा जाएगा।
चंद्रशेखर देशमुख, विधायक, मुलताई
जिन ग्राम पंचायतों में नल जल योजना के कार्य अधूरे है। उन ग्राम पंचायतों में कार्य शुरु किए जाने के भी निदेश अधीनस्थ अधिकारियों को दे दिए गए है। जल्द से जल्द कार्य पूर्ण किए जाएंगे।
आरएन सेकवार, ईई पीएचई बैतूल




