Betul Samachar: भीमपुर ब्लाक के दर्जनों गांव बीमारी की चपेट में, घरों घर मौजूद मरीज झोलाछाप के भरोसे
Betul Samachar: Dozens of villages in Bhimpur block are in the grip of disease, patients present in every house are dependent on quacks.

Betul Samachar: बैतूल। जिले के आदिवासी बाहुल्य भीमपुर ब्लॉक के दर्जनों गांव में रहने वाले ग्रामीण बीमारी के चपेट में हैं। हालात यह हैं कि स्वास्थ्य सुविधा ना होने और मॉनिटरिंग ना होने से झोलाछाप डॉक्टरों की चांदी हो चुकी है। आश्चर्य इस बात का है कि स्वास्थ्य महकमा तो हाथ पर हाथ धरे बैठा है, लेकिन झोलाछाप डॉक्टर क्षेत्र में पूरी मुस्तैदी से तैनात हैं। ऐसे में यदि कोई ग्रामीण गलत इलाज का शिकार हो जाए तो उसकी जान भी जा सकती है। फिलहाल ग्रामीण बुरी तरह सर्दी, खांसी, बुखार, उल्टी , दस्त और वायरल की चपेट में हैं।
बच्चों और महिलाओं पर बीमारी का सबसे ज्यादा प्रकोप
जिले के भीमपुर और पड़ोसी भैंसदेही ब्लॉक में आने वाले दर्जनों ग्रामों में बीमारी कहर बरपा रही है। इनमें भीमपुर ब्लाक के ग्राम बटकी, गुरवा, पिपरिया, जिरुधाना में मरीजों की संख्या ज्यादा है। जानकारी मिली है कि शायद ही इन ग्रामों में ऐसा कोई घर बचा हो, जहां सर्दी बुखार और उल्टी दस्त के मरीज ना हो। हालात यह है कि प्रत्येक घरों में दो से चार लोग बुखार में तप रहे हैं। बताया जाता है कि कुछ ग्रामीण उल्टी-दस्त के भी शिकार है। इन बीमारियों में महिलाओं और छोटे बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा बताई जा रही है।
बेखबर स्वास्थ्य महकमा झोलाछापों की बल्ले-बल्ले
दोनों ही ब्लॉकों के दर्जनों ग्रामीण बीमारी का शिकार हैं, लेकिन इन ग्रामों में ना डॉक्टरों की टीम भेजी गई है और ना मॉनिटरिंग कराई जा सकी है। स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर गांव गांव सिर्फ झोलाछाप डॉक्टर ही नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ठंड लगकर बुखार आना उल्टी-दस्त जैसी बीमारी से ग्रसित मरीज घरों-घर मिल रहे हैं। यह सब झोलाछाप डाक्टरों से उपचार करा रहे हैं। भीमपुर विकासखंड के अनेक गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव नजर आ रहा है। प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र भी दुर्दशा का शिकार होने के साथ डॉक्टरों और स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। दोनों अस्पतालों के अंतर्गत दो दर्जन से अधिक गांव आते हैं, लेकिन इन अस्पतालों में सुविधाओं की कमी है।
दूषित पानी पीने से परहेज करे ग्रामीण
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रविकांत उइके से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि जिन गांवों में बीमारी फैली है, वहां पर टीम भेजी है। उन्होंने बताया कि बारिश के समय फैलने वाली इस तरह कि बीमारियों में पीने के पानी का ज्यादा रोल होता है। ग्रामीण इलाकों में पानी के दूषित होने और यही पानी पीने से इस तरह की बीमारियां ज्यादा फैलती हैं। टीम को निर्देश दिए गए हैं कि ग्रामीणों को दूषित पानी ना पीने की सलाह आवश्यक रूप से दी जाए। ग्रामीण कोशिश करें कि पानी को उबालकर ही सेवन करें, ताकि इस तरह की बीमारियों से वे अपना बचाव कर सकें।
इनका कहना…..
भीमपुर ब्लॉक के कुछ ग्रामों में ग्रामीणों में फैली बीमारी की सूचना मिली है। टीम बनाकर रवाना की गई है। टीम के साथ दवाइयां भेजी गई हैं। निगरानी भी कराई जा रही है।
डॉ. रविकांत उइके सीएमएचओ बैतूल





