Betul News: बांड पर आई पर पैथालॉजिस्ट की बैतूल से तौबा!

पदस्थापना के बाद भोपाल गई, पैथालॉजी लैब में एक डॉक्टर के भरोसे पूरा जिम्मा
Betul News: बैतूल। बैतूल में आखिर ऐसा क्या हैं कि डॉक्टर पदस्थ होने के बाद यहां से दूरी बना लेते हैं। खासकर एमबीबीएस होने के बाद बांड पर राज्य शासन द्वारा नियुक्त किए गए डॉक्टर बैतूल से लगातार तौबा कर रहे हैं, इससे पूरी व्यवस्थाएं बेपटरी होते जा रही है। पिछले दिनों राज्य शासन ने बांड पर पैथालॉजिस्ट डॉ अनी माथुर को जिला अस्पताल में पदस्थ किया था। वे पैथालॉजी में डॉ अशोक बारंगा और डॉ डब्ल्यूए नागले के सेवानिवृत्त होने के बाद नई जिम्मेदारी संभालने के पहले ही पदस्थापना बदलकर भोपाल रवाना हो गई। उनके भोपाल जाने के बाद केवल डॉ अंकिता सीते पर पैथालॉजी की पूरी जिम्मेदारी आ गई है। अब तक जिला अस्पताल में एक भी पैथालॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं हो पाई है।
बताया जाता है कि एमबीबीएस होने के बाद नए डॉक्टरों को सरकार बांड पर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भेजती है। इससे इन अंचलों में डॉक्टरों की होने वाली कमी को पूरा किया जा सके। देखने में आ रहा है कि ग्रामीण अंचलों में बांड पर भेजे गए डॉक्टर जिम्मेदारी का निर्वाहण नहीं कर पा रहे हैं। इसी वजह सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों का टोटा नजर आता है। यह बात केवल सामुदायिक-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ही नहीं बल्कि जिला अस्पताल में भी सही साबित हो रही है। दरअसल यहां पर बांड पर आने वाले डाक्टर बैतूल में रहना नहीं चाहते हैं। इस वजह डॉक्टरों की कमी पूर्व की तरह बरकरार रहती है। अभी भी जिला अस्पताल में महज 17 डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसी वजह हर विभाग में डॉक्टरों की कमी महसूस की जा रही है। केवल स्त्री एवं प्रसूता रोग विशेषज्ञ की संख्या ठीक कही जा सकती है।
पैथालॉजी विभाग में व्यवस्था बेपटरी
इस समय जिला अस्पताल के सर्वाधिक महत्वपूर्ण पैथालॉजी विभाग में व्यवस्था बेपटरी होते जा रही है। दो पैथालॉजिस्ट के सेवानिवृत्त होने के बाद हालात बदल गए हैं। लैब में टेक्निशियनों की कमी है। इसके अलावा केवल डॉ अंकिता सीते पर ब्लड बैंक का पूरा जिम्मा होने से व्यवस्थाएं चौपट हो गई। पैथालॉजिस्ट के नहीं होने से रिपोर्ट भी देरी से आ रही है। जुलाई माह में राज्य शासन ने डॉक्टर अनी माथुर को बांड पर बैतूल पदस्थ किया था, वे पैथालॉजिस्ट थी, लेकिन ज्वाईनिंग के बाद वे बैतूल वापस नहीं आई। कहा जा रहा है कि उन्होंने अपनी पदस्थापना बदलवाकर भोपाल करवा ली है। इसके बाद से ही बिना पैथालॉजिस्ट के जिला अस्पताल में काम चल रहा है। इस संबंध में सीएचएमओ मनोज हुरमाड़े को उनके मोबाइल 9425381818 पर काल किया, लेकिन उन्होंने रीसिव नहीं किया।
इनका कहना…..
डॉ. अनी माथुर बांड पर जिला अस्पताल में पदस्थ हुई थी। इसके बाद उन्होंने अपनी पदस्थापना भोपाल करवा ली। फिलहाल जिला अस्पताल में कोई भी पैथालॉजिस्ट नहीं है। हमने इस संबंध में पत्राचार भी किया है।
डॉ जगदीश घोरे, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल बैतूल




