Betul Today News – राजनीतिक हलचल: गंगा की करतूत से आखिर सब क्यों हुए पानी- पानी?? माननीय पुत्र की जुआरियों से निकटता क्या गुल खिलाएगी??? दावेदारों की राजनीति कैसे भाप गए केंद्रीय पर्यवेक्षक, क्या होंगे परिणाम???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में..

Betul Today News – गंगा की करतूत से सब पानी-पानी
विपक्षी पार्टी में जिला अध्यक्ष को लेकर जमकर दावेदारी जताई गई। लॉटरी किसकी लगेगी यह तो बाद में पता चलेगा, लेकिन दावेदारी के बहाने विपक्षी पार्टी के एक नेता गंगा ने पार्टी प्रमुख के पट्टन आगमन पर जिस तरह से छिछोरी हरकत की है, इसका वीडियो देखकर खुद कांग्रेसी ही पानी-पानी हो रहे हैं। विपक्षी पार्टी के एक वजनदार नेता के साथ पहुंचे गंगा ने पार्टी के प्रदेश प्रमुख के आते ही स्वागत करने की होड़ में पार्टी की एक महिला प्रमुख के कंधे पर हाथ रख दिया। जैसे ही गंगा ने महिला नेत्री के कंधे पर हाथ रखा तो वह असहज होकर उसे पीछे देखने लगी। हालांकि उस समय प्रदेश प्रमुख के स्वागत में महिला नेत्री ने आपत्ति तो नहीं जताई, लेकिन जिस नेता के पक्ष में दावेदारी कर रहे थे, उनके समर्थकों ने होड़ के लिए वीडियो डाला तो खुद ही पानी-पानी होने लगे। दरअसल इस वीडियो में स्पष्ट देखा जा रहा है कि छुटभैए गंगा महिला नेत्री के कंधे पर सैकड़ों लोगों के समक्ष हाथ रख रहे। इस मामले में महिला नेत्री की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामला बढ़ता तो छोरा गंगा के लेनेदेने पड़ जाते हैं।
माननीय पुत्र की जुआरियों से निकटता
जिले के एक सीनियर माननीय के पुत्र की जुआरियों से निकटता लगातार बढ़ते जा रही है। यह बात पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को भी पता है, लेकिन माननीय पुत्र की इस आदत से पार्टी की किरकिरी होने के बावजूद कोई संदेश नहीं दिया गया। स्थिति यह है कि कुछ माह पहले माननीय पुत्र को अपने पिता ने ही नसीहत दी थी, लेकिन उसकी आदत में सुधार नहीं हुआ। चर्चा है कि आखरी पारी खेलने के कारण माननीय भी अपने पुत्र को अभयदान दे चुके हैं। यही वजह है कि उनके क्षेत्र में पिंटू चौपहिया वाहन खरीद रहा है और संदीप ने आर्डर दे दिया है। लिहाजा माननीय पुत्र के संरक्षण में जुआ चलने से पार्टी में भी अच्छी खासी किरकिरी हो रही है। अंदरखाने की खबर है कि मामले को लेकर भोपाल में संगठन तक भी जानकारी पहुंची है। अब देखना यह है कि माननीय पुत्र जुआरियों को संरक्षण देना बंद करते हैं या नहीं? क्योंकि चाहकर भी थानेदार जुआरियों पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
पर्यवेक्षक भी समझ गए दावेदारों की राजनीति
विपक्षी पार्टी में जिला अध्यक्ष की दावेदारी ने बहुत लोगों को बेनकाब कर दिया है। कौन किसके साथ है, अब पूरे पत्ते खुल गए हैं। चर्चा है कि अब तक पार्टी में जो डबल और ट्रिपल गेम खेलकर अपनी राजनैतिक रोटियां सेक रहे थे, अब वे किसी को भी हम आपके साथ है का डायलाग नहीं बोल पाएंगे। राजनीति में चर्चा है कि उन्हें अब हम आपके भी साथ है का डायलाग बोलना पड़ेगा। एक और बात खासी चर्चा में है कि दावेदारी के दौरान दूसरे प्रदेश से आए केंद्रीय पर्यवेक्षक को भी यह बात चार दिन के दौरे में समझ आ गई है कि कौन एक ही जगह से दूसरी जगह भीड़ शिफ्ट कर झूठी वाहवाही लूट रहा था। इसमें जिन्हें भीड़ जुटाने का जिम्मा दिया था, उन्हें विधानसभा चुनाव की तरह जमकर फीलगुड किया। राजनीति के पर्यवेक्षक भी यह पूरी राजनीति समझकर संगठन को रिपोर्ट देने वाले हैं। इसके परिणाम चौकाने वाले आएंगे।




