Betul | प्रशासनिक कोना: एक थानेदार की वसूली का फंडा आखिर क्यों चर्चा में?? निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारी के सामने माननीय के निर्देश हवा में???? किस अफसर पुत्र के रसूख के सामने सभी बौने नजर आ रहे???? विस्तार से पढ़िये हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में……

एक थानेदार की वसूली सुर्खियों में

जिले के एक अनुविभाग में पदस्थ थानेदार की वसूली इन दिनों खासी सुर्खियों में है। वैसे विभाग में सेवा-चाकरी कोई नई बात नहीं है, लेकिन लोगों के जागरूक होने से जरा-जरा मामले में लोकायुक्त को शिकायत होने के बाद सेवा के माध्यम बदल गए। जिले के एक सत्य के साथ रहने वाले थानेदार इन दिनों एक छोटा रोहित नाम के अपने अधीनस्थ वसूली करवाने में लगे हैं।

चर्चा है कि सारा हिसाब छोटा रोहित न सिर्फ देखता है, बल्कि एक-एक नाम को डायरी में नोट कर रहा है। डायरी जैसे ही साहब के पास पहुंचती है, सेवा कम होने पर छोटा रोहित का फोन घनघना जाता है। इससे क्षेत्र के नंबर 2 के काम करने वाले लोग भी इस तथाकथित रोहित से खासे परेशान हो गए। थानेदार के बारे में कहा जाता है कि ‘सत्यÓ है, फिर भी छोटे रोहित से असत्य जैसा काम करवा रहे हैं।

माननीय के भी निर्देश हवा में

निर्माण कार्य से जुड़े एक अधिकारी इन दिनों अपनी सल्तनता चला रहे हैं। दरअसल एक ठेकेदार अपना भुगतान न होने से खासा परेशान हो गया है। अपनी चप्पले घिसने के बाद भी भुगतान न हुआ तो पिछले दिनों एक प्रमुख माननीय की शरण में पहुंचे ठेकेदार ने अपनी पीड़ा बताई।

माननीय ने सीधे सदर के एक मुख्य चौराह पर स्थित कार्यालय के निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारी की जमकर लू उतारी और भुगतान करने के लिए निर्देश दे दिए, लेकिन उनके निर्देश भी अधिकारी ने हवा में उड़ा दिए। खबर है कि ठेकेदार आरटीआई में पैसा जमा होने के बाद भुगतान न होने के बाद दोबारा माननीय के शरण में जाने का निर्णय लिया। अब देखना यह है कि माननीय निर्माण कार्य से जुड़े इस ठेकेदार पर क्या एक्शन लेते हैं।

अफसर पुत्र की रसूख बनी अधिकारियों की फजीहत

हाल ही में सेहत से जुड़े एक महकमे में पदस्थ हुए अफसर पुत्र खासे चर्चा में हैं। इस अफसर पुत्र की कारगुजारी उन धरती के भगवानों पर भारी पड़ रही है, जो जैसे-तैसे काफी कम संसाधनों में जिले के गरीब और कमजोर वर्गों की सेवा में लगे हुए हैं।

संस्थान में वैसे ही संसाधनों की कमी की वजह से धरती के भगवान जैसे-तैसे काम चला रहे हैं। ऊपर से इस अफसर पुत्र की पदस्थापना होने के बाद बेचारे धरती के भगवानों की नाक में दम अलग हो रहा है। चर्चा है कि शासन के एक बड़े अधिकारी के पुत्र की पदस्थापना धरती के भगवानों के लिए मुसीबत बनी हुई है। समय का ध्यान नहीं रखे जाने सहित नियम कायदों की अनदेखी रोजाना का शगल बन चुकी है। अफसर पुत्र पूरा पूरा रसूख लेकर चल रहे हैं, क्योंकि पिता का भी अपना रुतबा है।

हद तो तब है, जहां नियमों का पालन पूरे संस्थान के लोग ईमानदारी से कर रहे हैं पर अफसर पुत्र को उन नियमों से कोई लेना देना नहीं है। अफसर पुत्र पिता की तरह संस्थान में भी अपने नियम कायदे कानून लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। संस्थान के अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक पूरी ईमानदारी से काम कर रहे लेकिन अफसर पुत्र यदि थोड़ा भी दबाव महसूस करते हैं तो धरती के भगवानों के पास बड़े अधिकारियों के फोन आने शुरू हो जाते हैं । धरती के भगवानों को डॉ अफसर पुत्र की इस कारगुजरी से खाते बन रहा है और न निगलते बन रहा है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button