प्रशासनिक कोना: लिफाफे लेने के आदी साहब का नकद न लेने का यह कैसा दावा?? रंग में कैसे रंगी यह मोहतरमा, ठेकेदारों को कमीशन के लिए कैसे घुमा रही??? अधीनस्थ सब इंस्पेक्टर को निपटाने थानेदार ने किसे लगाया मोर्चे पर???? पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में विस्तार से…….

साहब रुपए नहीं, लिफाफा लेते हैं!
वर्दी वाले विभाग में एक बड़े साहब का ओहदा रखने वाले अधिकारी ने गाहे-बगाहे अनौपचारिक चर्चा में कह बैठे कि वे रुपए नहीं लेते। उनकी बातों में कितनी सच्चाई है, वे ही जाने, लेकिन एक मीडियाकर्मी से साहब द्वारा कही गई यह बात दफ्तर से निकलकर बाहर आ गई है। चर्चा है कि साहब ने अनौपचारिक चर्चा में यह बात कही थी। इसकी जानकारी एक पुराने शराब ठेकेदार को लगी तो वे खूब जोर से हंसे।
हालांकि उनके हंसने पर लोग अंचबित रह गए, जब उनसे हंसने का कारण पूछा तो पूछने वालों के पैरों के तले की जमीन भी खिसक गई। ठेकेदार ने बताया था कि एक साहब रुपए नहीं ले रहे, लेकिन लिफाफे जरूर ले रहे। उनकी हंसी का कारण भी गहराइयों वाला है। अब रुपए और लिफाफे की चर्चा विभाग में नहीं शहर के कई स्थानों पर जोर-शोर से हो रही है।
रंग में रंगी मैडम, ठेकेदार आगे-पीछे
जिला मुख्यालय के एक विभाग प्रमुख महिला अधिकारी के इन दिनों जमकर चर्चे हैं। मैडम के बारे में कहा जाता है कि उन्हें पदस्थ हुए अभी एक वर्ष भी नहीं हुआ है, लेकिन वे अपने रंग में रंगने लगी है। पहले वे कहते फिरती थी कि फील्ड के काम में मजा नहीं आता, लेकिन अब उनके कार्यालय में कम और फील्ड में अधिक जाने के कई मायने निकाले जा रहे हैं। फील्ड से आने के बाद मैडम फाइलों में मीनमेख निकालकर फाइलें तलब करने लगी है। मजबूरी में ठेकेदारों को मैडम की चरण वंदना कर हाथ जोड़ना पड़ रहा है। उनके आने के बाद ठेकेदार मैडम के आगे-पीछे घूम रहे हैं। मैडम दो और वजह के कारण चर्चित हो रही है। पहली यह कि पुराने साहब को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने अपना कमीशन दो प्रतिशत बढ़ा दिया है और दूसरी वजह आफिस का समय 10 बजे कर दिया है, लेकिन खुद समय पर कार्यालय नहीं पहुंच रही है। बताते चले कि यह महिला अधिकारी निर्माण कार्यों से जुड़े एक विभाग की प्रमुख है।
थानेदार ने एसआई के खिलाफ फूंका बिगुल
जिले के एक चर्चित और मलाईदार थाने के थानेदार अपने ही अधीनस्थ सब इंस्पेक्टर की रवानगी चाहते हैं। इसके लिए बकायदा उन्होंने सब इंस्पेक्टर को हटवाने के लिए अपने क्षेत्र के बड़े भाजपा पदाधिकारी से उनके खिलाफ शिकायत करवाई। बकायदा आरोप लगवाएं कि उनकी बीट में जमकर सट्टा चलवाया जा रहा है। यह शिकायत अधिकारियों के पास भी पहुंची, लेकिन इसे गंभीरता से इसलिए लिया जा रहा है, क्योंकि थानेदार खुद अपने क्षेत्र में एक साहब की फेयरवेल पार्टी में नाच-गाने को लेकर न सिर्फ चर्चा बल्कि उनके खिलाफ जांच भी चल रही है। भाजपा नेता अभी भी अधिकारियों पर सब इंस्पेक्टर को निपटाने के लिए टीआई के इशारे पर खूब जोर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें भी मुंह की खानी पड़ी है।




