रिटायरमेंट की पार्टी में वर्दी में डांस की जांच ठंडे बस्ते में
एक पखवाड़ा बीता, अब तक एएसपी ने नहीं सौंपी जांच, सर्विस रूल्स के उल्लंघन के बावजूद कार्यवाही से देरी से उठ रहे सवाल

बैतूल। मुलताई में एक अधिकारी की रिटायरमेंट की पार्टी पुलिस के लिए गले की हड्डी बन गई है। हालांकि एक पखवाड़े में वर्दी पर रिटायरमेंट पार्टी में डांस करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई न किए जाने पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। छोटे-छोटे मामले में पुलिस खूब वाहवाही लूटती है, लेकिन अपने ही विभाग के अधिकारियों के सर्विस रूल्स का उल्लंघन करने पर एक पखवाड़े में जांच पूरी नहीं हो पाई है। एसपी निश्छल एन झारिया ने एएसपी कमला जोशी को जांच सौंपी है।
मुलताई में एसडीओपी रहे एसपी सिंह 30 जून को रिटायर हो गए थे। उनके रिटायरमेंट को यादगार बनाने के लिए मुलताई टीआई राजेश सातनकर ने अपने अधीनस्थों से थाने से लेकर अपने आवास तक बकायदा बैंडबाजे से उन्हें घर तक छोड़ने का जिम्मा सौंपा। इतना ही नहीं रिटायर एसडीओपी को बकायदा घोड़े पर भी बैठाया गया।
खुद टीआई सातनकर समेत अन्य पुलिसकर्मी पूरे रास्ते भर वर्दी में डांस करते रहे तो लोगों का ध्यान भी बर्बसी इस ओर गया। सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों की डांस का वीडियो भी जमकर सूर्खियां बटोरता रहा। हालांकि पुलिस ने उस समय सोचा नहीं था कि रिटायरमेंट की यह पार्टी उनके लिए गले की हड्डी बन जाएगी। दरअसल पुलिस सर्विस रूल्स में इस तरह वर्दी पर डांस किया जाना संभव नहीं है, लेकिन मुलताई पुलिस ने यह कारनाम कर दिखाया।
रेप पीड़िता के कारण और बटोरी सुर्खियां
दरअसल पुलिस के डांस पर शायद ही किसी को आपत्ति हो, लेकिन उस समय एक महिला ने अपने साथ हुए दुराचार की रिपोर्ट लिखाने के लिए 10 घंटे थाने में बैठने की शिकायत मीडिया को की। यह मामला जैसे ही मीडिया में पुलिस ने आनन फानन में रेप करने वाले युवक को बुलाकर उसका विवाह थाने में करवा डाला। हालांकि बाद में दुराचार पीड़िता ने उसके खिलाफ मामला भी दर्ज करवा दिया। बस इसी वजह पुलिस का डांस खासा चर्चा में रहा। इसकी गूंज बैतूल से लेकर भोपाल तक हुई है।
जांच की कछुआ चाल पर उठ रहे सवाल
कहा जा रहा है कि रेप पीड़िता के मामले में पुलिस ने पहले थाने में विवाह और बाद में उसकी रिपोर्ट लिखकर अपना पक्ष मजबूत कर लिया है। एसडीओपी की रिटायरमेंट पार्टी में वर्दी पर डांस करने वाले पुलिसकर्मियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि एसपी ने एएसपी कमला जोशी को मामले के बाद जांच अधिकारी बनाया था। 11 दिन बीत जाने के बावजूद एएसपी ने जांच पूरी की नहीं है। इससे अटकले लगाई जा रही है कि अपने ही विभाग के जिम्मेदारों को बचाने के लिए जांच में देरी हो रही है।
इनका कहना…
मुझे जांच अधिकारी जरूर बनाया है, लेकिन अभी जांच पूरी नहीं हो पाई है। जैसे ही जांच पूरी होती है। इस संबंध में आपको अवगत कराऊंगी।
कमला जोशी, एएसपी बैतूल।




