Betul Samachar: सिवनी कांड के बाद आनन फानन में हुई पशु क्रुरता निवारण समिति की बैठक
Betul News: After the Seoni incident, a meeting of the Animal Cruelty Prevention Committee was held hurriedly.

पुलिस का दावा- इस साल अब तक 1200 पशु पकड़े, कितनी गाड़ी महाराष्ट्र जा रही, इस पर चर्चा नहीं
Betul Samachar: बैतूल। प्रदेश की सिवनी जिले में पिछले दिनों दर्जनों गायों की गला रेतकर नृशंस हत्या कर दी। यह मामला पूरे प्रदेश में तूल पकड़ रहा है। भले ही राज्य शासन ने सिवनी जिले के कलेक्टर और एसपी को हटा दिया है, लेकिन सरकार अब हर जिले में इस तरह के मामले में सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री की हिदायत के बाद ही गत दिनों कलेक्टोरेट में कलेक्टर की अध्यक्षता में पशु क्रुरता समिति की बैठक आनन फानन में आयोजित की गई। बैठक में मौजूद सभी अधिकारियों ने अपना एजेंडा रखा, लेकिन पुलिस ने एक बार फिर अब तक की गई पशु क्रुरता प्रकरणों की कार्रवाई का झूठ परोस दिया। इसको लेकर कई तरह के सवाल उठाएं जा रहे हैं।
सिवनी जिले की घटना के बाद सरकार एक्शन मोड में है। सभी जिले के एसपी और कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि गौवंश तस्करी को लेकर सख्ती बरते, लेकिन बैतूल जिले में पुलिस केवल औपचारिकता भर निभा रही है। मुख्यमंत्री यदि स्वंय संज्ञान ले तो वस्तुस्थिति सामने आ सकती है।
हालांकि पिछले दिनों जिला पशु क्रुरता निवारण समिति की बैठक कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में एसपी की गैर मौजूदगी में एएसपी कमला जोशी शामिल हुई। इसके अलावा उपसंचालक पशु चिकित्सा डॉ विजय पाटिल, उपसंचालक किसान कल्याण डॉ आनंद बड़ोनिया, पीडब्ल्यूडी की ईई प्रीति पटेल, सीएमओ नपा बैतूल ओमपाल सिंह भदौरिया, सिविल सर्जन पशु चिकित्सा डॉ मृदुला सिन्हा, दक्षिण सामान्य वन मंडल के एसडीओ, अतिरिक्त संचालक पशु प्रजनन डॉ अशोक बंसल, पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी डॉ व्हाय एस चौहान और सहायक संचालक पशु चिकित्सा सेवा डॉ कमलेश डहेरिया मौजूद रहे। बैठक में अलग-अलग एंजेडों पर चर्चा हुई।
पुलिस के प्रस्तुतिकरण पर उठ रहे सवाल
भले ही एएसपी कमला जोशी ने बैठक में अपने विभाग की ओर से जानकारी देते बताया कि इस वर्ष अब तक 48 पशु क्रुरता के प्रकरण दर्ज किए गए हैं। कार्रवाई के दौरान 1200 पशु पकड़कर पशु क्रुरता के प्रकरण के बाद गौवंशी पशुओं को गौशाला भेजे गए। इन पशुओं में बकरे-बकरियां एवं अन्य पशु शामिल होने का दावा किया है। हालांकि पुलिस की यह कार्रवाई गले इसलिए नहीं उतर रही, क्योंकि महाराष्ट्र की सीमा से सटा होने के कारण हर दिन चोरी छिपे कई वाहन महाराष्ट्र जा रहे हैं। यदि पुलिस संबंधित थाना क्षेत्र में चेक पोस्ट लगाए तो ऐसे कई वाहन जब्त किए जा सके हैं, लेकिन पुलिस केवल रूटिन चेकिंग के दौरान एक दो प्रकरण बनाकर इतिश्री कर ले रही है।
नपा ने यह दिया तर्क
बैठक में नपा की ओर से सीएमओ भदौरिया ने बताया कि जिले में आवारा पशुओं के नियंत्रण का प्रस्ताव रखा गया। नगरपालिका अधिनियम 2023 का क्रियान्वयन कर पशुओं का नियंत्रण किया जा सकता है। इससे नगरीय निकायों की आमदनी मेंं भी वृद्धि होगी। सीएमओ ने उक्त नियम क्रियान्वयन करने के लिए सीएमओ ने बताया कि बैतूल नगर में वर्तमान में कुत्तों का पंजीयन किया जा रहा है। अन्य पशुओं का पंजीयन भी शीघ्र किया जाएगा। कलेक्टर ने इस क्रियान्वयन को सुचारू करने के भी निर्देश दिए। बैठक में श्वानों को बंध्यकरण और एंटीरेबिज टीकाकरण के लिए भी कहा गया।
पुलिस को लेना चाहिए हिंदू सेना के कार्यकर्ताओं से सबक
बैतूल जिले में भले ही पुलिस बल पर्याप्त संख्या में मौजूद है, लेकिन हिंदू संगठन के पदाधिकारी कई बार दावा कर चुके हैं कि शाहपुर से लेकर बैतूल, झल्लार और भैंसदेही थाने की सीमा से होकर पशु महाराष्ट्र जाते हैं। राष्ट्रीय हिंदू सेना के कार्यकर्ताओं को जानकारी मिलने पर खुद जान जोखिम में डालकर ऐसे वाहनों को पकड़ा जाता है। यदि पुलिस हिंदू सेना के कार्यकर्ताओं की सूचना पर तुरंत कार्रवाई करें तो एक सैकड़ा से अधिक प्रकरण बनाए जा सकते हैं। हिंदू सेना के पदाधिकारी भी दावा करते हैं कि बैतूल के विभिन्न थाना क्षेत्रों से हर दिन एक दर्जन से अधिक पशुओं से भरे वाहन महाराष्ट्र जा रहे हैं। इसी वजह पुलिस को हिंदू सेना के कार्यकर्ताओं से सबक लेने की जरूरत है।





