Betul News: जुआरी वन रक्षकों को अधिकारियों का संरक्षण!
Betul News: Gambler forest guards get protection from officials!

12 दिन बाद भी कार्यवाही सुनिश्चित नहीं कर पाए अधिकारी
Betul News: बैतूल। दक्षिण वन मंडल के भंैसदेही परिक्षेत्र कार्यालय में चार वन रक्षक बीट छोड़कर जुआ खेलते 12 दिन पहले पकड़े गए थे। इनके खिलाफ एफआईआर तक हो चुकी, लेकिन विभागीय स्तर पर कार्यवाही ना होना, अधिकारियों की ही कार्यप्रणाली पर संदेह उतपन्न कर रहा है। इस पूरे मामले ने विभाग की छवि पर बट्टा लगा दिया है।
वन संरक्षण जैसे संवेदनशील दायित्व की अनदेखी कर सरकारी दफ्तर को ही जुएं का अड्डा बना लेना अपने आप मे भी शर्मनाक है। खास बात यह है कि घटना सार्वजनिक होने के बावजूद अब तक जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा न तो किसी कर्मचारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है और न ही तत्काल प्रभाव से निलंबन जैसी कड़ी कार्यवाही सामने आई है। हद तो तब है जब अधिकारि परिक्षेत्र अधिकारी तक कि जिम्मेदारी तय नहीं कर पाए हैं।
रेंजर की कार्यप्रणाली भी शक के दायरे में
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस मामले में विभागीय जांच के नाम पर लीपापोती की तैयारी की जा रही है। यही वजह है कि रेंजर से लेकर उच्च अधिकारियों तक इस शर्मनाक कृत्य की जवाबदेही अभी तक तय नहीं की जा सकी है । जबकि यह जुआ उन्हीं की नाक के नीचे परिक्षेत्र कार्यालय परिसर में ही खेला जा रहा था। ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या इन जुआरी वन रक्षकों को खुद अपने अधीनस्थ अधिकारी का ही संरक्षण प्राप्त था? सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिस वक्त पुलिस की रेड हुई उस वक्त रेंजर कार्यालय में ही मौजूद थे।
जांच की गति सुस्त, क्या ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी
इस गम्भीर मामले में हालांकि मुख्य वन संरक्षक ने जांच के आदेश दिए जाने की पुष्टि जरूर की है, लेकिन जांच कब पूरी होगी, रिपोर्ट कब आएगी और दोषियों पर कार्यवाही कब तक होगी, इस पर स्तिथि स्पष्ट नहीं है। विभागीय जांच की सुस्त गति और जिम्मेदारी तय करने में हो रही देरी से यह आशंका और गहरी हो रही है कि पूरा मामला ठंडे बस्ते में डाला जा सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब वन विभाग के रक्षक ही बीट छोड़कर जुआ खेलने लगें तो जंगल और वन्य जीवों की सुरक्षा आखिर कैसे संभव होगी? ऐसे मामलों पर कठोर कार्यवाही न केवल विभाग की साख बचाने के लिए जरूरी है, बल्कि भविष्य में अन्य कर्मचारियों के लिए नजीर पेश करने के लिए भी अनिवार्य है। फिलहाल पूरे प्रकरण पर सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या विभाग दोषियों को बचाएगा या फिर सख्त कार्रवाई करेगा।
इनका कहना….
हमने कर्मचारियों द्वारा जुआ खेलते पकड़ाएं जाने के मामले को गंभीरता से लिया है। जांच टीम की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर जुआ खेलने वालों पर कार्रवाई तय की जाएगी।
वासु कनोजिया, सीसीएफ बैतूल




