Betul News: बैतूल में नहीं दिखेगा कांग्रेस के बदलाव का असर!
Betul News: Effect of Congress's change will not be visible in Betul!

प्रदेश अध्यक्ष कोई भी रहे हेमंत वागद्रे बने रहेंगे पूर्णकालिक अध्यक्ष, सभी नेताओं से करीबी का मिलेगा फायदा
Betul News: बैतूल। लोकसभा चुनाव में क्लीन स्वीप के बाद कांग्रेस की राजनीति में भोपाल से लेकर दिल्ली तक भूचाल आ गया है। प्रदेश संगठन से लेकर जिला स्तर पर बदलाव की बयार की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है, लेकिन इन सब के बीच बैतूल में शायद ही जिला कांग्रेस कमेटी में बदलाव दिखाई दे। दरअसल जिला कांग्रेस के पूर्ण कालिक अध्यक्ष हेमंत वागद्रे की प्रदेश में बदलाव के बाद भी ताजपोशी तय मानी जा रही है। इसकी वजह उनके प्रदेश के सभी शीर्ष नेताओं से निकट संबंध को कारण माना जा रहा है। यदि प्रदेश कांग्रेस में बदलाव नहीं भी होता है तो भी वागद्रे को बदलने की संभवना नहीं दिखाई दे रही है।
प्रदेश में कांग्रेस की हार ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्र बताते हैं कि जिस तरह एमपी से दिल्ली मुख्यालय करीब पांच से सात सीटें कांग्रेस की झोली में आने का दावा किया गया था, यह केवल जुमला ही निकला। जानकार सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस की स्कीमों का हर प्रदेश में फायदा मिला है। यहां तक की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य में भी कांग्रेस ने सेंध लगाकर एक सीट जीतकर अपनी लाज बचाई है। यही स्थिति राजस्थान, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक में भी रही। यहां पर भी कांग्रेस सम्मान जनक सीट हासिल की है, लेकिन भारत की ह्दय स्थली मप्र की बात की जाए तो यहां तमाम दावों और कवायदों के बावजूद कांग्रेस का खाता तक नहीं खुल पाया है। इस शर्मनाक स्थिति से दिल्ली में हाईकमान भी प्रदेश संगठन से काफी नाराज बताया जा रहा है।
जीतू हटे तो कौन बनेगा प्रदेश अध्यक्ष?
इस समय बैतूल से लेकर पूरे प्रदेश में चर्चा चल रही है कि यदि कांग्रेस की हार का ठीकरा यदि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के सिर फूटता है तो उनका हटना तय माना जा रहा है। ऐसे में बैतूल की कांग्रेस राजनीति पर भी असर पड़ना तय है। यदि जीतू नहीं हटे तो कांग्रेस में स्थिति वैसी ही रहेगी। हालांकि बैतूल में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के लगभग नेपथ्य में जाने से उनके समर्थकों में हड़कंप है। उनके एक कट्टर समर्थक सुनील शर्मा कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए। हालांकि उनके अलावा शेष समर्थक कांग्रेस में ही बने हुए हैं, लेकिन जीतू पटवारी पद से हटे तो नए अध्यक्ष की दौड़ में पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का नाम पहले पायदान पर चल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्धन सिंह, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल समेत आधा दर्जन दावेदारों के नाम सामने आए हैं। यदि एमपी कांग्रेस में बदलाव होता है तो बैतूल की स्थिति पर सभी की नजर टिकी है।
हेमंत सभी की गुड बुक में, इसलिए मिलेगा फायदा
कांग्रेस के सूत्र बताते हैं कि प्रदेश कांग्रेस में अध्यक्ष कोई भी रहे जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। दरअसल उनकी कमलनाथ से लेकर जीतू पटवारी से जबरदस्त पटरी बैठती है। यदि राहुल सिंह, कमलेश्वर पटेल या जयवर्धन सिंह भी प्रदेश अध्यक्ष बनते हैं तो उनसे हेमंत की काफी निकटता है। यही वजह है कि सभी की गुडबुक में होने के कारण हेमंत के समतुल्य कांग्रेस में कोई बड़ा चेहरा नहीं दिखाई दे रहा। इतना जरूर है यदि ग्रामीण और शहर कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति की बात आई तो जिला कांग्रेस सेवा दल के अध्यक्ष अनुराग मिश्रा कांग्रेस की ओर से जरूर चेहरा हो सकता है, लेकिन इसकी संभावना कम है कि बैतूल में जिला कांग्रेस में अब दो अध्यक्ष बनाए जाए।





