Betul Avaidh Colony News : मिलीभगत ने दिया कालोनियां बसाने का मौका
अब सीएम ने आचार संहिता हटते ही कालोनाइजरों पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए तो अधिकारियों की खुल रही पोल

Betul Avaidh Colony News : बैतूल। बैतूल के अधिकारी अजब है, गजब है, इसलिए नहीं कहते हैं। दरअसल यहां के अधिकारियों ने भूमाफियाओं को बसने का मौका दिया और आम लोगों को फटका लगाने से बाज नहीं आए। कई अवैध कालोनियों को बसने का अवसर देने के बाद लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे। तबादला होने के बाद राजस्व, नजूल, नगरपालिका और टीएनसीपी के अधिकारी जिले से रूखसत हो गए, लेकिन भूमाफियाओं को नियम-कायदे ताक पर रखकर अनुमति दे दी गई। अब आचार संहिता खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री एक्शन मोड पर आ गए है। उन्होंने सभी कलेक्टर्स से कहा है कि अवैध कालोनियों के मामले में सख्ती बरती जाए।
बैतूल जिले में करीब 20 वर्षों से कालोनियां काटकर प्लाट बेचने का सिलसिला चालू है। हालांकि उस समय यह कारोबार सीमित था, लेकिन इसमें फायदा अधिक होने की जानकारी अन्य लोगों को लगी तो वे भी जमीन के कारोबार में कूद पड़े। करीब 10 वर्ष से तो ऐसी स्थिति निर्मित हो गई है कि नेता, व्यापारी, कई रईसजादे और सभ्रंात परिवार के इस खेल मेें शामिल हो गए। देखते ही देखते प्रापर्टी का कारोबार बैतूल से निकलकर आसपास में भी जमकर फल-फु ल गया।
आदिवासियों-शासकीय जमीन भी नहीं छोड़ी
चौकाने वाली बात यह सामने आई है कि भूमाफियाओं ने अपने फायदें के लिए आदिवासियों की जमीन को हथियाने से पीछे नहीं हटे। रही बात सरकारी जमीन की इसे भी हजम कर गए। ऐसी कई शिकायतें एसडीएम और तहसील कार्यालय में लंबित है, लेकिन कछुआ चाल से जांच होने के कारण इन पर कार्रवाई तय नहीं हो पाई। घोड़ाडोंगरी के बगडोना में तो एक कालोनाइजर ने बड़े पैमाने पर शासकीय जमीन पर कब्जा कर लोगों को बेच डाला। घोड़ाडोंगरी के कई तहसीलदार इस मामले की जांच करते रहे, लेकिन नतीजा सिफर निकला। पूरी सांठगांठ से कालोनाइजर को हमेशा क्लीनचिट दे दी गई। बैतूल के टिकारी, बटामा, बडोरा, खंजनपुर और हमलापुर में भी तथाकथित कालोनाइजरों ने रिक्त पड़ी शासकीय जमीन को अपने कब्जे में लेकर बेचने में कोई गुरेज नहीं की।
कलेक्टर निकलवाएं रिकार्ड तो खुल जाएगी पोल
जानकार सूत्रों ने बताया कि पिछले दस वर्षों में तथाकथित अवैध कालोनियों के आसपास और अन्य शासकीय भूमि पर कब्जा की शिकायत भूमाफियाओं पर गिद्द दृष्टि लगाने वाले ईमानदार कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी खंगाले तो कई झोल सामने आ सकते हैं। इसमें पूर्व के कई अधिकारियों के भी लपेटे में आने से इंकार नहीं किया जा सकता है। भूमाफियाओं ने यहां के अधिकारियों को हमेशा जेब में रखकर उपयोग किया है। इसी वजह जिले में भूमाफियाओं को पैर पसारने का मौका मिला।
सीएम के निर्देशों पर अमल की तैयारी – Betul Avaidh Colony News
इधर सूत्रों ने बताया कि आचार संहिता हटते ही 7 जून को सीएम ने सभी कलेक्टरों को अपने तीन एजेंडे बता दिए थे। इसका पालन न करने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहने के लिए भी कहा।
इसमें पहला एजेंडा सीएम हेल्पलाइन की पेडेंसी को खत्म करना, दूसरा आम लोगों से जुड़े विभागों के अधिकारियों द्वारा लोगों की समस्याएं प्राथमिकता से हल करना और अवैध कालोनियों को लेकर लोगों की लगातार आ रही शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करना शामिल हैं। अवैध कालोनाइजरों पर की गई कार्रवाई से सीएम हाउस को भी अवगत कराए जाने की बता कही जा रही है। इधर सीएम के मिले निर्देशों पर जिला प्रशासन द्वारा चाबूक चलाने की तैयारियां शुरू कर दी है।
इनका कहना…
सीएम के हर निर्देशों का पालन किया जाता है। हम पहले से ही अवैध कालोनियों पर कार्रवाई की तैयारी कर चुके हैं। जहां शिकायतें मिल रही है, कार्रवाई तय की जाएगी।
नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, कलेक्टर बैतूल।




