Betul Mandi News: मंडी में किसान – हम्मालों के बीच हाथापाई,नीलामी कार्य ठप

सैकड़ों किसान हुए परेशान , तहसीलदार सहित अन्य अधिकारी पहुंचे मौके पर, समझाइश की कोशिश
Betul Mandi News: बैतूल। जिले की कृषि उपज मंडी में शुक्रवार को किसानों और हम्मालों के बीच शुरू हुआ विवाद हाथापाई तक पहुंच गया। इस वजह नीलामी कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया। विवाद की स्थिति इतनी बढ़ गई कि मंडी में उपज की खरीदी-बिक्री का काम रोकना पड़ा, जिससे सैकड़ों किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और विवाद को सुलझाने की कोशिश की।
जानकारी के अनुसार आठनेर मांडवी क्षेत्र के एक किसान से तुलाई के नाम पर हम्मालों द्वारा करीब 1500 रुपए वसूले गए। किसान ने इसे अवैध वसूली बताते हुए विरोध किया। इसके बाद किसान और हम्मालों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गई। हम्मालों का आरोप है कि किसान द्वारा उनके साथ गाली-गलौच की गई। वहीं किसान का कहना है कि उनसे जबरन पैसे लिए गए।

विवाद के बाद नीलामी बंद
विवाद के बाद हम्मालों ने काम बंद कर दिया, जिससे मंडी में नीलामी प्रक्रिया ठप हो गई। नीलामी बंद होने से मंडी में अपनी उपज लेकर पहुंचे सैकड़ों किसान घंटों तक परेशान होते रहे। कई किसानों को अपनी उपज लेकर वापस लौटना पड़ा, जबकि कई किसान मंडी परिसर में ही इंतजार करते रहे।

लंबे समय से चल रहा अवैध वसूली का खेल
किसानों का आरोप है कि कृषि उपज मंडी बैतूल में लंबे समय से तुलाई के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। किसानों का कहना है कि मंडी प्रशासन द्वारा तय किए गए शुल्क से कई गुना अधिक राशि वसूली जाती है। किसानों ने बताया कि कई बार इस संबंध में शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से हम्मालों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं।
सूचना मिलते ही तहसीलदार पहुंची मंडी
सूचना मिलने पर तहसीलदार पूनम साहू सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसान और हम्मालों दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद समाप्त करने और नीलामी कार्य शुरू करने की समझाइश दी। काफी देर तक समझाइश का दौर चलता रहा, लेकिन समाचार लिखे जाने तक नीलामी पूरी तरह से शुरू नहीं हो सकी थी।
किसानों का आरोप है कि मंडी प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण बार-बार इस तरह की स्थिति बनती है। किसानों ने यह भी कहा कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में और बड़े विवाद की स्थिति बन सकती है। किसानों ने प्रशासन से अवैध वसूली पर रोक लगाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। विवाद के संबंध में मंडी सचिव सुरेश परते से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।




