Betul Aviadh Colony – कलेक्टर के निर्देश की आरआई-पटवारी कर रहे अवहेलना
अवैध कालोनियों की रिपोर्ट देने में कोताही, एक-दूसरे पर टाल रहे मामला

Betul Aviadh Colony – बैतूल। जिले में अवैध कालोनियों को लेकर कलेक्टर के निर्देश को आरआई और पटवारी महज इत्तेफाक समझ रहे हैं। यही वजह है कि एक पखवाड़े में अवैध कालोनियों की रिपोर्ट कछुआ चाल से बनाई जा रही है, उसमें भी आरोप लग रहे हैं कि कई अवैध कालोनियों को रिपोर्ट में शामिल ही नहीं किया गया। इसी पर कई जिम्मेदारों ने पटवारी और आरआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
जिले में इस समय कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम और तहसीलदार अपने अधीनस्थ आरआई और पटवारी को जिम्मेदारी दी गई है। कुछ तहसील के पटवारी और आरआई कलेक्टर के आदेशों का शिद्दत से पालन कर रहे हैं,लेकिन अधिकांश जगहों से शिकायत आ रही है कि कलेक्टरों के निर्देशों का पालन करने में लेटलतीफी हो रही है।
जानकार सूत्र बताते हैं कि जिले के दस तहसील कार्यालयों में से केवल अब तक बैतूल शहर तहसीलदार की टीम ने सबसे अच्छा काम करते हुए नई अवैध कालोनियों की सूची वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई है। यहां पर पुरानी बनाई गई अवैध कालोनियों को भी रडार पर लेकर जांच की जा रही है, लेकिन इसके उलट ग्रामीण क्षेत्र की बात करें तो यहां के पटवारी और आरआई रिपोर्ट देने में कोताही बरत रहे हैं। हालत यह है कि बडोरा और बटामा की रिपोर्ट तैयार कर तहसीलदार को दे दी गई है, लेकिन मीडिया को उपलब्ध कराने मेंं टालमटोल की जा रही है। जबकि कलेक्टर स्पष्ट कह चुके हैं कि रिपोर्ट में हिलाहवाली की जा रही है।
बैतूल ग्रामीण में सबसे अधिक पेंच – Betul Aviadh Colony
जानकार सूत्र बताते हैं कि बैतूल ग्रामीण अंतर्गत एक आरआई और दो पटवारी काम कर रहे हैं। एक के पास बडोरा और दूसरे के पास बटामा की जिम्मेदारी है। पिछले पंद्रह दिनों से आरआई और पटवारी अवैध कालोनियों को लेकर डोर टू डोर जानकारी एकत्रित कर रहे हैं। अब तक महज बटामा पटवारी ने ही अपनी रिपोर्ट तहसीलदार को सौंपी है। हालांकि जानकार सूत्रों ने बताया कि अकेले बटामा में ही अवैध कालोनियों का आंकड़ा देखे तो 60-70 के पार है, लेकिन उपलब्ध सूची में यह नाममात्र में सिमट गया है। दूसरी तरफ बडोरा वाली सूची पटवारी ने अभी तक तैयार ही नहीं की। सूत्र बताते हैं कि अवैध कालोनियों को लेकर पटवारियों की रिपोर्ट काफी मायने रखती है, लेकिन पूरी अवैध कालोनियों के नाम सामने नहीं आए तो कलेक्टर के अगले आदेश का इंतजार रहेगा।
निजी संबंध निभा रहे विभीषण -Betul Aviadh Colony
सूत्र बताते हैं कि कलेक्टर के निर्देश पर बनने वाली अवैध कालोनियों की सूची में तथाकथित विभीषणों की खासी भूमिका सामने आ रही है। खबर तो यह भी है कि कुछ पटवारियों के घर बैठकर कालोनाइजरों ने अपनी आंखों के सामने लिस्ट बनवाई है। इसमें अवैध कालोनियों के नामों की कटाई और छटाई भी होने की जानकारी मिली है। सूत्रों ने दावा किया है कि इसी वजह बैतूल ग्रामीण के अंतर्गत आने वाले बटामा और बडोरा में सर्वाधिक अवैध कालोनियां होने के बावजूद लिस्ट शार्ट कर दी गई है।
इनका कहना….
पटवारी और आरआई अवैध कालोनी की सूची बना रहे हैं। यह सूची अधिकारियों को सौंपी जाएगी। अगर सूची त्रुटिपूर्ण है तो इसका भी अवलोकन करेंगे।
ऋचा कौरव, तहसीलदार बैतूल ग्रामीण




