Betul Samachar: भारी वाहन प्रतिबंधित, फिर भी धड़ल्ले से दौड़ रहे लोडिंग ट्रक

Betul Samachar: Heavy vehicles are banned, yet loading trucks are running rampantly

गंज के अंडरब्रिज पर हादसों की भरमार, रेलवे प्रशासन ट्रैफिक पुलिस पर झाड़ रहा पल्ला

Betul Samachar: बैतूल। किसी समय गंज से होकर बड़ोरा और रामनगर जाना किसी चुनौती से कम नहीं था। दरअसल भाजपा कार्यालय के पास बने रेलवे गेट पर नई दिल्ली-चेन्नई रेलवे मार्ग होने के कारण हर पांच मिनट में गेट बंद होने से वाहन चालकों को कतार लग जाती थी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से रेलवे ने यहां अंडरब्रिज बनाया है, लेकिन अब यह परेशानी का सबब बन गया है। भारी वाहन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहने के बावजूद अंडरब्रिज से हर दिन आधा सैकड़ा वाहनों की आवाजाही से यह मार्ग अब दुर्घटनाओं के लिए चर्चित हो गया है। इसके बावजूद रेलवे प्रशासन कार्रवाई न करते हुए ट्रैफिक और आरपीएफ से कार्रवाई करने का भरोसा दिलाकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।

करीब 6 वर्ष पहले मध्य रेलवे नागपुर के अंतर्गत आने वाले बैतूल के गंज रेलवे गेट को बंद करने के पहले अंडर ब्रिज का निर्माण किया गया था। यह निर्माण बनने के बाद से ही विवादों में रहा। दरअसल ठेकेदार ने गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा, इससे यहां पर बनाई गई सीसी सड़क निर्माण अवधि के कुछ दिनों बाद ही उखड़ गई। लोहे की छड़ निकलने के कारण सड़क अपनी दुर्दशा बता रही थी। जब यह मामला मीडिया में आया तो रेलवे प्रशासन की आंख खुली और ठेकेदार को दोबारा मरम्मत कर दोबारा सड़क बनाने को मजबूर होना पड़ा। यह मामला खत्म हुआ ही था कि अंडरब्रिज पर धड़ल्ले से ओवरलोड भारी वाहनों की आवाजाही ने लोगों का ध्यान खींचा है।

बोर्ड लगाकर भूला रेलवे, रोज उड़ रही धज्जियां

रेलवे ने अंडरब्रिज बनाने के बाद से ही यहां भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध की सूचना का बोर्ड भी लगाया है। कुछ दिन तो सबकुछ ठीक चलता रहा, लेकिन इसके बाद जिस तरह इस प्रमुख पहुंच मार्ग से भारी वाहनों और बसों की आवाजाही हो रही है, यह खतरे से खाली नहीं है। प्रतिदिन आधा सैकड़ा से अधिक लोडेड ट्रक अंडरब्रिज से निकलकर खतरा पैदा कर रहे हैं, लेकिन रेलवे प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। नियम से अंडरब्रिज पर केवल दो पहिया या हल्के चार पहिया वाहनों के लिए बनाया गया है। इस बात का उल्लेख सूचना पटल पर भी लगा है, लेकिन एक सैकड़ा से अधिक बसें और आधा सैकड़ा से अधिक मालवाहक हर दिन सूचना फलक को मुंह चिढ़ाकर यहां से निकल रहे हैं।

सड़कें बर्बाद, बच्चों की जान भी खतरे में

इस मार्ग से प्रतिदिन गुजरने वाले लोगों ने बताया कि भारी वाहनों के अंडरब्रिज से निकलने के कारण आए दिनों जाम लग जा रहा है। बनाई गई सड़क एक बार फिर उखड़ रही है, क्योंकि भारी वाहनों का वजन सहन नहीं कर पा रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसी मार्ग से कई स्कूली वाहन और आटो भी जयप्रकाश वार्ड, रामनगर वार्ड, डॉ जाकिर हुसैन वार्ड के अलावा बडोरा की ओर आवाजाही करते हैं। अंडरब्रिज पर खतरों के बीच यह स्कूली वाहन बमुश्किल रास्ता तय कर पा रहे हैं। इसके पहले अंडरब्रिज के पास कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त भी हो चुके हैं।

अंडरब्रिज ने छिना घर का चिराग, दूसरा गंभीर

अंडरब्रिज पर भारी वाहनों के प्रतिबंध न होने के कारण पिछले दिनों दवाइयों के थोक विक्रेता गंज स्थित सोबेग सिंह साहनी एंड संस में कार्यरत दो कर्मचारी हादसे का शिकार हो गए। बताया जाता है कि दोनों कर्मचारी रात 8 बजे अपनी ड्यूटी खत्म कर बाइक से घर जा रहे थे। अंडरब्रिज के पास एक बड़े मालवाहक ट्रक ने बाइक सवार सज्जन सिंह परमार और दूसरे युवक को चपेट में ले लिया। एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सज्जनता का परिचय देते हुए गंभीर घायलों को नागपुर रेफर कर जान बचा ली। यह कोई पहला मौका नहीं जब दोनों युवक अंडरब्रिज पर हादसे का शिकार हुए हो। इसके पहले भी दो माह में आधा दर्जन हादसे अंडरब्रिज पर हो चुके हैं।

इनका कहना….

भारी वाहनों का अंडरब्रिज से होकर जाने पर प्रतिबंध किया गया है। नपा और टै्रफिक पुलिस के अलावा आरपीएफ को व्यवस्था बनाने के लिए पत्राचार किया है।

एसएल बेसेकर, एडीईएन, मध्य रेलवे बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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