Betul News: विधायक के निर्देश बेअसर, तुलाई के लिए खुलेआम मांग रहे राशि

Betul News: MLA's instructions ineffective, openly demanding money for weighing

स्टिंग: मंडी में बंद नहीं हुई लूट, ढेर से ही हो रही तुलाई, एसडीएम और नए सचिव व्यवस्था बनाने में नाकाम

Betul News: बैतूल। बडोरा की ए ग्रेड कृषि उपज मंडी में सांझवीर टाईम्स के स्टिंग के बाद अव्यवस्थाओं को लेकर विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कलेक्टर के साथ बैठक कर नई व्यवस्था बनाई। यह व्यवस्था आज तक लागू नहीं हो सकी है। उल्टा ढेर से नीलामी के बाद अभी भी तुलावट करने वाले हम्माल और बिचोलिए 200 से लेकर 500 रुपए मांग रहे हैं। बुधवार को भी सांझवीर की टीम ने मंडी पहुंचकर स्टिंग में एक हम्माल को किसानों से उपज की तुलावट करने के लिए नकद राशि लेते कैमरे में कैद किया है। इसके बाद साफ हो गया है कि मंडी में न तो विधायक के आदेश चल रहे हैं और न कलेक्टर के। भारसाधक अधिकारी और एसडीएम के अलावा नए मंडी सचिव भी व्यवस्था बनाने में नाकाम हो गए हैं और किसान लूटने को मजबूर है।

सूत्र बताते हैं कि तौल के नाम पर किसानों से राशि वसूलने से किसान परेशान है। किसानों की इस पीड़ा को ना तो प्रशासन समझ पा रहा है ना ही जनप्रतिनिधि इसका समाधान कर रहे है। मजबूरी में कई किसान अपनी उपज मंडी में ना बेचकर गांव में ही कम दामों पर बेचना पसंद करते है। किसानों को मालूम है कि मंडी में उपज बेचने जाओं तो मंडी में भी उनके साथ खुली लूट की जाती है। हाल ही में कृषि उपज मंडी में सचिव की जिम्मेदारी नए हाथों में सौंपी है। जब नई व्यवस्था बनाई तो किसानों को यहीं उम्मीद थी कि मंडी की व्यवस्था में सुधार होगा, लेकिन मंडी की व्यवस्था जस की तस बनी है। व्यवस्था में कोई सुधार नहीं आया है। मंडी प्रशासन द्वारा किसानों से वसूल की जा रही राशि और व्यवस्था को सुधारने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिसके कारण आए दिनों किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसानों का कहना है कि मंडी में उपज बेचना किसानों के लिए परेशानी का कारण बनते जा रहा है।

बिना पैसे दिए नहीं तौलते उपज

कृषि उपज मंडी में जब किसानों के उपज की बोली लगती है उसके बाद उपज तौलने का काम शुरू होता है। जब हम्माल उपज तौलने पहुंचते है तो सबसे पहले किसानों से तौल के लिए राशि मांगी जाती है। बुधवार को कृषि उपज मंडी में एक ऐसा ही नजारा देखने को मिला और यह पूरी घटना एक बार फिर कैमरे में भी कैद हो गई है। जब एक किसान की उपज तौलने कुछ हम्माल कांटा लेकर आए उपज तौलने के पहले किसान से रूपए मांगने लगे, किसान ने राशि देने से इंकार किया तो हम्मालों ने उपज तौलने से इंकार कर दिया। जब हम्माल दूसरे ढेर को तौलने आगे बढ़ने लगे तब किसान ने 300 रूपए हम्माल को दिए।

हम्माल ने कहा कि पूरे 500 रूपए लगेगे अन्यथा हम उपज नहीं तौलेंगे, फिर घंटों तक इंतजार करते हुए बैठना। जब किसान ने हम्मालों को पूरे 500 रूपए दिए तब जाकर उपज का तौल किया गया। इस संबंध में कई किसानों से चर्चा की तो पता चल कि हम्मालों द्वारा उनसे भी राशि लेने की जानकारी सामने आई। नाम ना छापने की शर्त पर चूनालोमा निवासी एक किसान ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि उनसे भी तौल के नाम पर राशि ली है। इसी तरह सेहरा निवासी एक किसान ने भी कहा कि उनकी उपज कम होने के बावजूद भी उससे भी उपज तौलने के लिए 300 रूपए लिए गए।

विधायक और कलेक्टर भी नहीं सुधार पा रहे व्यवस्था

कृषि उपज मंडी में विधायक और कलेक्टर के संयुक्त निरीक्षण के बावजूद भी व्यवस्था नहीं सुधर पा रही है। हाल ही में लापरवाही बरतने पर सचिव को हटाया गया। अब नए सचिव को मंडी की जिम्मेदारी सौंपी है, लेकिन मंडी की कोई व्यवस्था में बदलाव नहीं हुआ है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी निरीक्षण कर निर्देश तो दे देते हंै, लेकिन मंडी में इन निर्देशों का कड़ाई से पालन नहीं किया जाता। मंडी प्रशासन द्वारा निर्देशों पर गंभीरता पर ध्यान नहीं दिया जाता और आदेशों की धज्जियां उड़ाई जाती है। मंडी में इन दिनों में गेहूं, सोयाबीन की बम्पर आवक हो रही है, प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान उपज लेकर पहुंचते है, लेकिन किसानों से हो रहीं अवैध उगाई नहीं थम रही है।

ट्रालियों में तुलाई के निर्देश भी हवा में

विधायक हेमंत खंडेलवाल ने मंडी में बिचोलियां और हम्मालों से लूट से बचने के लिए किसानों की उपज ट्रालियों में खरीदने की व्यवस्था बनाई थी। इस व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए दस दिन का समय लगने की बात कही थी, लेकिन एक पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी मंडी में अभी भी पूर्व की तरह उपज की ढेर से तुलाई हो रही है। इस बात से साफ जाहिर है कि विधायक की बैठक को मंडी प्रबंधन ने मजाक बनाकर रख दिया है। अन्य व्यवस्थाएं भी पूर्व की तरह ही होने से विधायक के निर्देश की अवहेलना हो रही है।

इनका कहना…

अभी मैने हाल ही में चार्ज लिया है, मंडी में व्यवस्था सुधारने का प्रयास करूगा। कोई किसान हम्मालों द्वारा पैसे लिए जाने की शिकायत करते है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

सूरज उईके, प्रभारी मंडी सचिव, बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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