Betul Mandi News : कृषि उपज मंडी में तैनात गार्ड किसानों पर झाड़ रहे हैं रौब
यूनिफार्म नहीं होने से गार्डों की पहचान नहीं, मंडी प्रबंधन लापरवाह

Betul Mandi News – बैतूल। जिले की सबसे बड़ी कृषि उपज मंडी बडोरा में तैनात सुरक्षा गार्ड इन दिनों किसानों पर रौब झाड़ते नजर आते हैं। गार्डों के पास न तो डे्रस है और न ही संस्था का कोई आईडेंटी कार्ड। ऐसी स्थिति में किसानों को यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि यह सुरक्षा गार्ड है या घूमने वाला व्यक्ति। इतनी बड़ी मंडी संचालित होने के बावजूद भी मंडी प्रशासन ने बिना ड्रेस कोड के गार्डों को तैनात कर दिया है। ऐसी स्थिति में मंडी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। मंडी में तैनात सुरक्षा गार्डों की मनमानी से किसान परेशान होते रहते हैं। किसानों की समस्या पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जाता है।
कृषि उपज मंडी में सुरक्षा की दृष्टि से मंडी के मुख्य गेट पर सुरक्षा गार्डों को तैनात किया है। यह सुरक्षा कर्मी लोअर-टीशर्ट सहित सामान्य ड्रेस पहनकर काम करते हैं। ऐसे में किसानों को पता नहीं चल पता कि वास्तव में सुरक्षा गार्ड है या नहीं। इन सुरक्षा गार्डों को आने-जाने वाले वाहनों की चेकिंग करने की जिम्मेदारी दी है। यहा के सुरक्षा कर्मी अपनी जिम्मेदारी का अच्छे से निर्वाहन नहीं कर पाते हैं। कई बार तो किसानों और सुरक्षा गार्डों की हॉट टॉक हो गई है। किसान गार्ड होने के संबंध में जानकारी पूछते हैं तो गार्डों के पास न तो कोई ड्रेस है और न ही कोई आईडेंटी पू्रफ।
किसानों की समस्या को लेकर मंडी सचिव गंभीर नहीं
आए दिनों कृषि उपज मंडी में किसान परेशान होते हैं। मंडी सचिव किसानों की परेशानियों को लेकर गंभीर नहीं है। कई बार मंडी सचिव को शिकायत करने पर वे अपना मोबाइल फोन रिसिव तक नहीं करती। हमेशा ही किसानों की समस्या को नजर अंदाज कर दिया जाता है। मंडी सचिव के ढुलमुल रवैए के कारण मंडी की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। मंडी सचिव को सुरक्षा गार्डों के संबंध में जानकारी के लिए कई बार फोन किया लेकिन उन्होंने फोन ही रिसिव नहीं किया। कई बार एसडीएम भी मंडी पहुंचकर व्यवस्था बना चुके हैं, लेकिन अधिकारियों के निरीक्षण के एक-दो दिन के भीतर ही व्यवस्था चौपट हो जाती है।
चोरी की घटनाओं को नहीं रोक पाते सुरक्षा गार्ड
दिन के समय मंडी में आने-जाने वाले किसानों को गार्ड अपना रौब दिखाने से नहीं चूकते हैं। दिन के समय गार्ड जितनी मुश्तैदी दिखाते हैं उतनी रात के समय मुश्तैदी देखने को नहीं मिलती है। कई बार कृषि उपज मंडी में अनाज चोरी हो जाने की घटना भी सामने आई लेकिन मंडी प्रशासन चोरी की घटनाओं को लेकर गंभीर नहीं है। रात के समय गार्ड आराम फरमाते हैं जबकि सुरक्षा की दृष्टि से गार्डों को पूरे मंडी परिसर में घूमकर सुरक्षा व्यवस्था संभालना होती है। गार्डों की लापरवाही के कारण एसडीएम ने गत दिनों कई गार्डों को हटा दिया, लेकिन अभी भी कई सुरक्षा गार्ड मेंडी में तैनात है, और यह तैनात गार्ड भी लापरवाह बने हुए हैं।
मंडी शेड में व्यापारियों का कब्जा
कृषि उपज मंडी में इन दिनों शेड के भीतर व्यापारियों ने कब्जा करके रखा है। अधिकतर शेड में व्यापारियों द्वारा खरीदे गए अनाज के बोरे रखे रहते हैं, जिसके कारण किसानों को उपज डालने के लिए शेड के भीरत स्थान नहीं मिल पाता है। किसान शेड के बाहर उपज डालने के लिए मजबूर होते हैं। हाल ही में हो रही बेमौसम बारिश के कारण कई बार किसानों का अनाज बारिश से भींग गया और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। मंडी प्रशासन ने कभी सख्ती से व्यापारियों के बोरो को शेड से बाहर करने की कार्रवाई नहीं की।
इनका कहना
मैंने गत दिनों लापरवाह कुछ सुरक्षा गार्डों को हटा दिया है। अब मुख्य गेट और दूसरे नंबर के गेट पर सुरक्षा गार्डों को तैनात किया है। यह सही बात है कि सुरक्षा गार्डों के पास ड्रेस और आईडेंटी होना चाहिए ताकि सुरक्षाकर्मियों की आसानी से पहचान हो सके। मैं जल्द ही मंडी सचिव को इस संबंध में निर्देशित कर व्यवस्था बनाऊंगा।
राजीव कहार, एडीएम बैतूल।




