Betul News: जमीन पर खनन हो रहा, यह तुम्हारी या मेरी ? कलेक्टर के सवाल पर बोलती बंद

Betul News: Mining is happening on the land, is it yours or mine? She stopped speaking on the collector's question

जनसुनवाई में शिकायतों की अनदेखी और समाधान में ढिलाई पर कलेक्टर के अधिकारियों से तीखे सवाल

Betul News: बैतूल। कलेक्ट्रेट में प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई इस बार अफसरों की लापरवाही के चलते सुर्खियों में आ गई। आमजन की समस्याओं के समाधान में उदासीनता बरतने वाले चार अधिकारियों को कलेक्टर ने कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट कर दिया कि अब लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जनसुनवाई में राजस्व विभाग के दो, जनपद पंचायत का एक और खनिज विभाग का एक अधिकारी कलेक्टर की नाराजगी के टारगेट में रहे। बताया गया कि शिकायतों की अनदेखी और समाधान में लगातार टालमटोल से आम नागरिकों में रोष व्याप्त था। कई फरियादी एक ही शिकायत लेकर बार-बार जनसुनवाई में पहुंच रहे थे, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी उन्हें टरकाते आ रहे थे।

कलेक्टर के सवाल पर बगले झांकने लगे अधिकारी

कलेक्टर जब इन शिकायतों से रूबरू हुए तो उन्होंने तत्काल संबंधित अफसरों को तलब कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, एक प्रकरण में फरियादी का नाम खसरे से गायब हो गया था। पीड़ित कई बार आरआई और पटवारी के चक्कर काटने के बाद भी समाधान नहीं पा सका। जब यह मामला कलेक्टर के संज्ञान में आया तो उन्होंने दोनों अधिकारियों को अपने कक्ष में बुलाकर कड़ी फटकार लगाई और समाधान की स्पष्ट समय-सीमा तय करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसी तरह शहर के समीप अवैध उत्खनन से जुड़ी शिकायत पर कलेक्टर ने खनिज अधिकारी से फोन पर ही तीखे सवाल दागे।

उन्होंने पूछा कि जिस जमीन पर खनन हो रहा है, वह मेरी है, तुम्हारी है या सरकारी? जब अधिकारी जवाब नहीं दे पाए तो कलेक्टर ने स्पष्ट लहजे में कार्रवाई के सख्त निर्देश दे डाले।एक अन्य मामले में जब एक फरियादी को कब्जा दिलाने में जनपद पंचायत द्वारा कार्रवाई नहीं की गई, तो कलेक्टर ने जनपद सीईओ को भी जमकर लताड़ा। पुलिस हस्तक्षेप का बहाना बताने पर कलेक्टर का पारा चढ़ गया और उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों ने शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया, तो उनके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जनता को राहत देना है उद्देश्य, खानापूर्ति नहीं

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई कोई औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान का माध्यम है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई अधिकारी शिकायतों को हल्के में लेगा या समाधान में कोताही बरतेगा, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। कुल मिलाकर, इस जनसुनवाई में कलेक्टर की सख्ती ने आमजन को एक संदेश दिया है कि अब अफसरशाही की लापरवाही पर सख्त नजर रखी जा रही है। जनहित सर्वोपरि है और शासन की मंशा को बाधित करने वाले अफसर अब जवाबदेही से नहीं बच पाएंगे।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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