Nagar Palika: नगरपालिका के जलशाखा प्रभारी को पता नहीं बाल मंदिर टंकी किस पाइप लाइन से भर रही

Nagar Palika: Municipal water branch in-charge does not know from which pipeline the Bal Mandir tank is being filled.

सब इंजीनियर वागद्रे को पहले से कई प्रभार, जब जानकारी नहीं तो महत्वपूर्ण जिम्मेदारी कैसे सौंपी? फॉलोअप

Nagar Palika:  बैतूल। जिला पंचायत सीईओ के बंगले पर मुख्य लाइन से कनेक्शन देकर बुरे फंसे नगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारी अब अपने आप को पाक-साफ होने का दावा कर रहे हैं। हकीकत यह है कि कल तक नपा के जलशाखा प्रभारी और स्मार्ट सब इंजीनियर नगेंद्र वागद्रे मुख्य पाइप लाइन से कुछ मामलों में प्रेशर कम कर कनेक्शन देने का हवाला दे रहे थे, लेकिन उनके ही अधीनस्थ कर्मचारी ने वास्तविकता सामने लाकर सब इंजीनियर होने पर सवालिया निशान खड़े कर दिए।

मामला सामने आया है कि जिस पाइप लाइन से सीईओ के बंगले पर नल कनेक्शन दिया है वह 60 एचपी की लाइन से गया है। सब इंजीनियर ने बिना पुष्टि के हवाबाजी कर शुक्रवार को मुख्य पाइप लाइन से कनेक्शन देने की हामी भर दी थी। इसके बाद ही पूरा मामला गरमा गया था।

बैतूल नपा में लंबे समय से पदस्थ सब इंजीनियर नगेंद्र वागद्रे को कोई भी सीएमओ आए, लेकिन उन्हें मलाईदार जिम्मेदारी सौंपते आए हैं। पिछले दिनों ब्रजेश खानूरकर से जल शाखा का प्रभार लेकर नगेन्द्र वागद्रे को सौंप दिया गया। दो माह से पूरी शाखा का काम यही सब इंजीनियर देख रहे हैं, लेकिन पूर्व में भी जलशाखा की जिम्मेदारी निभाए जाने के बावजूद उन्हें यह तक नहीं मालूम है कि शहर में किस जगह कौन सी पाइप लाइन डाली गई है और किससे नल कनेक्शन दिए जा रहे हैं।

चौकाने वाली बात तो यह है कि अमृत योजना के दौरान पूरे समय उनके पास ही चार्ज रहा। इसके बावजूद उन्हें शहर की पाइप लाइन व्यवस्था की जानकारी न होना सब इंजीनियर होने पर सवाल उठा रहे हैं।

240 नहीं, 60 एचपी लाइन से दिया कनेक्शन

चौकाने वाली बात यह है कि शुक्रवार को सांझवीर टाईम्स से चर्चा करते हुए सब इंजीनियर और जल शाखा प्रभारी नगेन्द्र वागद्रे ने कहा था कि मुख्य पाइप लाइन से किसी को कनेक्शन नहीं दिए जाते हैं। जब उन्हें जिला पंचायत सीईओ अक्षत जैन के आवास पर नया नल कनेक्शन मुख्य लाइन से देने पर सकपकाते हुए कहा था कि वैसे तो कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन कुछ मामलों में प्रेशर वाल्व लगाकर कनेक्शन दिया जा सकता है।

मतलब अपनी ही बात का वे खुद ही फालोअप भी दे रहे थे। इसके बावजूद सीएमओ ओमपाल सिंह भदौरिया ने बताया था कि मुख्य पाइप लाइन से नहीं बल्कि सीईओ के बंगले पर 60 एचपी की लाइन से कनेक्शन दिया गया है। इसके बाद उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ।

जवाबदारी बढ़ी, अनुभव की अभी भी कमी

जिस तरह सब इंजीनियर नगेन्द्र वागद्रे बैतूल नगरपालिका में लंबे समय से जमे हैं, उस लिहाज से शहर के लोग संतुष्ट नहीं हो पा रहे हैं। जिस तरह अमृत योजना में पाइप लाइन से लेकर पूरी कार्ययोजना उनके जल शाखा प्रभारी रहते हुए बनी, ऐसे में उन्हें कालेज चौक से बाल मंदिर तक जाने वाली पाइप लाइन के बारे में जानकारी नहीं है तो इससे बड़ी विडंबना क्या हो सकती है कि एक सब इंजीनियर मीडिया में सही को गलत बताने का प्रयास कर रहे हैं।

पहले ही उन्हें कई मलाईदार विभागों की जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है। इसके बाद अनुभव की कमी से न सिर्फ उनके शीर्ष अधिकारियों बल्कि मीडिया को भी चकरघन्नी बनना पड़ रहा है।

इनका कहना…

जिपं सीईओ के आवास पर 60 एचपी की पाइप लाइन से ही कनेक्शन दिया गया है। उपयंत्री ने मुख्य पाइप लाइन से कनेक्शन देने की बात कैसे कह दी, यह मुझे भी समझ नहीं आ रहा।

ओमपाल सिंह भदौरिया, सीएमओ नपा बैतूल।

– वैसे तो मुख्य पाइप लाइन से कनेक्शन नहीं दिए जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में प्रेशर कम कर वाल्व डालकर कनेक्शन देना मजबूरी रहती है।

नगेन्द्र वागद्रे, सब इंजीनियर नपा बैतूल।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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