Betul Bus Fire Accident: मतदानकर्मियों बस में आग का मामला: चुनाव आयोग शाम तक लेगा निर्णय, 4 बूथों पर दोबारा मतदान तय! कर्मचारियों ने सुनाई बर्निंग बस की आंखों देखी तो रोंगटे खड़े हो गए
साईंखेड़ा थाने में शिकायत के बाद जेएच कॉलेज में हुए बस में सवार कर्मचारियों के बयान

Betul Bus Fire Accident: बैतूल। मुलताई विधानसभा क्षेत्र के गौला-पौनी के बीच बीती रात 11 बजे मतदानकर्मियों को लेकर आ रही एक बस के गेयर बाक्स में आई तकनीकी खराबी से पल भर में ही बस जलकर खाक हो गई। इस आगजनी के दौरान चार मतदान केंद्रों के करीब 39 कर्मचारी बस में मौजूद थे। ड्राइवर के इमरजेंसी ब्रेक लगाने और कूदने के बाद मतदानकर्मियों ने भी बमुश्किल अपनी जान बचाई। बस से उतरते समय कुछ कर्मचारी घायल भी हुए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और एसपी निश्चल झारिया भी मौके पर भी पहुंच गए थे। बीती रात कलेक्टर ने निर्वाचन आयोग को सूचना दे दी है। खबर है कि वीवीपेट और ईवीएम जलने के बाद चार मतदान केंद्रों पर बुधवार शाम तक मतदान के निर्देश मिल सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक बैतूल लोकसभा के मुलताई विस क्षेत्र के मतदान केंद्र राजापुर-275, डूंडर-276, गेहूं बारसा-278, कुंदारैयत-280, चिखलीमाल- 281 मतदान केंद्रों से मतदान प्रक्रिया पूरी कराने के बाद मुलताई की विजय बस क्रमांक एमपी-48-पी-9248 मतदानकर्मियों को लेने गई थी।
बताया जाता है कि सभी मतदान केंद्रों से करीब 39 मतदानकर्मियों और ईवीएम – वीवीपेट मशीन के साथ निर्वाचन संबंधी दस्तावेज लेकर बस रात्रि 10.30 बजे रवाना हुई थी। इसी बीच गौला और पौनी के बीच बस में अचानक आग लगना शुरू हुआ। इससे पहले ड्राइवर कुछ समझ पाता, आग तेजी से भड़की तो इमरजेंसी ब्रेक लगाकर बस की गति धीमी की और जान बचाने के लिए बस से कूद गया।
चूंकि बस के गेयर बाक्स के पास से ही आग शुरू हुई थी। ड्राइवर ने ही अपने आप को सबसे पहले सुरक्षित किया। अचानक इमरजेंसी ब्रेक लगने के बाद नींद की झपकी ले रहे अधिकांश कर्मचारी जाग गए। बस में आग का धुंआ देखते ही घबराहट में कर्मचारी बस से कूदने लगे, लेकिन सामने का दरवाजा लॉक होने के कारण अचानक भगदड़ मच गई। बताया जाता है कि अपनी जान बचाने के लिए सभी 39 कर्मचारी एक के बाद एक पीछे के दरवाजे से बस से कूद पड़े। इस दौरान कुछ लोगों को चोट भी आई है।
जान बचाने के चक्कर में मशीनें अंदर छूटी
बताया जा रहा है कि चार मतदान केंद्रों के दस्तावेज समेत ईवीएम मशीन और वीवीपेट इस दौरान बस में ही मौजूद था। चूंकि बस में आग तेजी से फैली, इसलिए कर्मचारियों ने अपनी जान बचाने के लिए पहले बस से निकलना तय किया। कुछ कर्मचारी ईवीएम मशीन निकालने में सफल रहे, लेकिन अधिकांश वीवीपेट और मशीन समेत ईवीएम और दस्तावेज बस मेें लगी आग से जलने की खबर है। मतदानकर्मियों के मुताबिक मतदान दल क्रमांक 275,277,278, 279, 280 का सामान भी बस की आग में जलने की जानकारी सामने आई है। बूथ क्रमांक 276 की वीवीपेट मशीन, लिफाफे की बोरी इस आगजनी की भेंट चढ़ गए।
कलेक्टर-एसपी रात को ही पहुंचे मौके पर
रात 11 बजे जैसे ही बस में आग लगने की जानकारी अधिकारियों को लगी वे मौके पर पहुंच गए। सबसे पहले मुलताई एसडीएम तृप्ति पटेरिया और पट्टन तहसीलदार डाली रेकवार के साथ साईखेड़ा और मुलताई से पुलिस बल मौके पर पहुंचा। हालांकि बस में आग लगने की सूचना मिलते ही मुलताई, आमला और बैतूल से दमकलें पहुंच गई थी, लेकिन बस में आग तेजी से फैलने के कारण पहले ही जलकर खाक हो चुकी थी। घटना की जानकारी रात 11.45 बजे कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और एसपी निश्चल झारिया को लगी तो वे भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने रात में ही कर्मचारियों से चर्चा कर हादसे की जानकारी ली। आगजनी में वीवीपेट और ईवीएम मशीन को लेकर भी कर्मचारियों से पूछताछ के बाद निर्वाचन आयोग को सूचना दे दी है।
6 बूथो पर मतदान को लेकर शाम तक होगी स्थिति स्पष्ट
कलेक्टर की रिपोर्ट पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने निर्वाचन आयोग भारत सरकार को सूचना भेजी है। खबर है कि निर्वाचन आयोग बुधवार शाम तक बूथ क्रमांक 275,277,278, 279, 280 में दोबारा मतदान को लेकर निर्देश जारी कर सकता है। जिन ईवीएम मशीनों में आग लगी है, उन्हें सील कर दिया गया है। मीडिया से बात करते हुए राजन ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट भेजी है। इन बूथों पर चुनाव कराने को लेकर वहां से मिलने निर्देशों का पालन किया जाएगा।
जेएच कॉलेज में कर्मचारियों के हुए बयान दर्ज
मुलताई विधानसभा क्षेत्र के गौला में बीती रात बस में लगी आग के मामले में प्रशासन सख्त हो गया है। बस में सवार पीठासीन अधिकारी समेत करीब आधा दर्जन कर्मचारियों को जेएच कॉलेज में बुधवार को बुलाया गया था। यहां उप जिला निर्वाचन अधिकारी मकसूद खान की मौजूदगी में मुलताई एसडीओपी सुरेश पाल सिंह के समक्ष सभी से बयान दर्ज किए गए हैं। कर्मचारियों से बस में आग लगने के कारनों की बारीकी से पूछताछ की है। करीब 6 से अधिक मतदानकर्मियों के बयान दर्ज हुए हैं।
पीठासीन अधिकारी ने थाने में दर्ज कराई शिकायत
बस में आगजनी के दौरान मौजूद पीठासीन अधिकारी मुन्नालाल उइके ने सांझवीर टाईम्स को बताया कि जिस समय हादसा हुआ, उन्हें नींद की झपकी लगी हुई थी जैसे ही बस रूकने का एहसास हुआ तो वे भी बस में लाग लगने के कारण नीचे उतरने लगे। बकौल मुन्नालाल उइके जिस समय बस में आग लगी सब को अपनी जान बचाने की चिंता थी, इसी हड़बड़ाहट में वीवीपेट और ईवीएम मशीन समेत दस्तावेज बस में छूट गए। इसकी सूचना बुधवार सांईखेड़ा थाने में दर्ज कराई गई है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ कर्मचारियों को बस से उतरने के दौरान चोट भी लगी है।
इनका कहना…
बस में आग लगने के मामले की जांच की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्वाचन कार्यालय सूचना दे दी गई है। वहां से मिले निर्देशों का पालन किया जाएगा।
नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, जिला निर्वाचन अधिकारी बैतूल




