Betul Samachar : लकड़ियों और वनोपज के परिवहन के लिए अब ऑन लाइन टीपी होगी जारी

Betul Samachar: Now online TP will be issued for transportation of wood and forest produce.

व्यापारियों और किसानों को विभागीय कार्यालयों के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर

Betul Samachar : बैतूल। आम नागरिकों, व्यापारियों और किसानों को अब लकड़ी तथा लघुवोपज के परिवहन के लिए ली जाने वाली अनुज्ञा अर्थात टीपी लेने में वन विभाग के दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। एक देश एक टीपी के तहत लागू किया जा रहे इस सिस्टम के जरिये वन विभाग घर बैठे टीपी जारी करेगा। अभी तक लकड़ियों के परिवहन, सत्यापन के लिए वन विभाग ऑफलाइन सिस्टम से काम कर रहा था।

इस सिस्टम के जरिये आवेदन करने से लेकर लकड़ियों और वनोपज का सत्यापन किये जाने के बाद ही टीपी जारी की जाती थी। इस प्रक्रिया में काफी समय भी लगता था, लेकिन वन विभाग द्वारा अब लकड़ी परिवहन की प्रक्रियाओं में गति, पारदर्शिता और सरलता लाने के लिए आनलाइन राष्ट्रीय पारगमन पास प्रणाली (नेशनल ट्रांजिट पास सिस्टम) लागू किया गया है।

ऑनलाइन शुल्क जमा करने की मिलेगी सुविधा

दक्षिण वन मण्डलअधिकारी टीआर विजयानंतम के मुताबिक यह प्रणाली आनलाइन परिवहन अनुज्ञा पत्र जारी करने की सुविधा प्रदान करती हैं। एनटीपीएस सिस्टम लागू होने से निजी भूमि, सरकारी डिपो, निजी डिपो से लकड़ी और बांस के राज्यीय और अंतर्राज्यीय परिवहन के लिए परिवहन अनुज्ञा की निगरानी और रिकार्ड रखने में विभाग को मदद मिलेगी।

वनमंडलाधिकारी बताया गया कि यह सुविधा एनटीपीएस डेस्कटाप , वेब पोर्टल के साथ-साथ मोबाइल एप्लीकेशन के रूप में भी उपलब्ध है। इस व्यवस्था से वेब पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से परिवहन अनुज्ञा पत्र ट्रांजिट परमिट या अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए आनलाइन पंजीयन और आवेदन जमा किये जा सकेंगे। इसमें लगने वाला शुल्क ई-भुगतान के माध्यम से मोबाइल एप, वेब पोर्टल से आनलाइन किया जा सकेगा। हालांकि आगामी 2-3 महीने आफलाइन और आनलाइन दोनों माध्यमों से टीपी जारी की जाएगी लेकिन अगस्त माह से शत-प्रतिशत टीपी आनलाइन प्रणाली से ही जारी होगी।

रफ्तार पकड़ेगा टीपी जारी होने का काम

वनमण्डल अधिकारी के अनुसार इस सिस्टम से वन विभाग के कार्यालयों में उपस्थित हुए बिना लकड़ी, बांस और लघुवनोपज के लिए परिवहन अनुज्ञा पत्र (ट्रांजिट परमिट) जारी करने के काम में तेजी आएगी। मैनुअल आधारित ट्रांजिट सिस्टम का ऑनलाइन सिस्टम से बदलाव होगा तथा व्यापारियों को अपना व्यवसाय करने में आसानी के साथ साथ समय की भी बचत होगी। मोबाइल ऐप की मदद से राज्य की सीमाओं के पार निर्विघ्न रूप आवाजाही हो सकेगी।

इस सिस्टम के जरिये लकड़ी और बांस उत्पादकों, किसानों और व्यापारियों को परमिट प्राप्त करने और वन विभाग जांच चौकियों पर होने वाली कठिनाइयां भी खत्म हो जाएगी। परिवहन लागत और समय की भी बचत होगी जिससे किसानों और व्यापारियों को लाभ होगा।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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